Tuesday, May 18, 2021
Home राजनीति मनी लॉन्ड्रिंग में टाइट हुई एजेंसी तो रॉबर्ट वाड्रा को याद आई पॉलिटिक्स, संसद...

मनी लॉन्ड्रिंग में टाइट हुई एजेंसी तो रॉबर्ट वाड्रा को याद आई पॉलिटिक्स, संसद में जाने की जताई इच्छा

पहली बार वाड्रा की राजनीतिक आकांक्षाएँ सामने नहीं आई हैं। 2019 में भी संकेत दिया था कि वह 'लोगों की सेवा करने में बड़ी भूमिका' के लिए तैयार हैं। इस बयान के कुछ ही घंटों बाद ही उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में उनके नाम के पोस्टर भी लगाए गए थे। जिसमें मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया गया था।

गाँधी परिवार द्वारा देश पर राहुल गाँधी को थोपने के बाद अब कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद ने राजनीति में उतरने और चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। रॉबर्ट वाड्रा ने गुरुवार को राजनीति में शामिल होने की इच्छा जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें ‘लड़ने के लिए संसद में रहना होगा।” बता दें वाड्रा ने बेनामी संपत्ति मामले में आयकर विभाग द्वारा की गई कड़ी पूछताछ के बाद यह बयान दिया है।

कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैं एक ऐसे परिवार से संबंधित हूँ, जिसने पीढ़ियों से इस देश के लोगों की सेवा की है और देश के लिए शहीद भी हुए हैं। मैंने देखा है, सीखा है, अभियान चलाया है और देश के विभिन्न हिस्सों में समय बिताया है। मुझे लगता है कि मुझे इसी शक्ति के साथ लड़ने के लिए संसद में रहना होगा।”

वाड्रा ने आरोप लगाया कि उनके साथ इस तरह का व्यवहार इसलिए किया गया, क्योंकि वह एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि वह उचित समय पर राजनीति में शामिल होने का निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा, “जब मैं एक ऐसी जगह देखूँगा, जहाँ लोग मुझे प्रतिनिधित्व करने के लिए वोट देंगे और मैं उस क्षेत्र के लोगों के जीवन में एक अंतर ला सकता हूँ और अगर मेरा परिवार इसे स्वीकार करता है।”

नई दिल्ली स्थित अपने सुखदेव विहार कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए, वाड्रा ने कहा, प्रियंका बहुत सपोर्टिव हैं। मैं पूरे परिवार के बारे में बात कर रहा हूँ और जब वे इसे मंजूरी देंगे, तो मैं राजनीति में हो सकता हूँ और राजनीतिक क्षेत्र में अपने मुद्दों के लिए लड़ सकता हूँ।

गौरतलब है कि इस हफ्ते की शुरुआत में ED ने कथित बेनामी संपत्तियों के मामले में लगातार रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ की है। सोनिया गाँधी के दामाद द्वारा 2005 और 2010 के बीच खरीदी गई इन संपत्तियों का कुल मूल्य 12,000 पाउंड माना जाता है।

दिलचस्प यह है कि पहली बार वाड्रा की राजनीतिक आकांक्षाएँ सामने नहीं आई हैं। वाड्रा ने 2019 में भी संकेत दिया था कि वह ‘लोगों की सेवा करने में बड़ी भूमिका‘ के लिए तैयार हैं। यही नहीं वाड्रा के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद ही उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में उनके नाम के पोस्टर भी लगाए गए थे। जिसमें रॉबर्ट वाड्रा से मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया गया था।

वहीं इस घटना के एक महीने बाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से भी चुनाव लड़ने का आग्रह करने वाले पोस्टर सामने आए थे। हालाँकि 6 मार्च 2019 को एएनआई से बात करते हुए उन्होंने राजनीति में नहीं शामिल होने की कसम खाई थी जब तक कि मनी लॉन्ड्रिंग मामलों से उनका नाम साफ नहीं हो जाता।

उल्लेखनीय है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बेनामी संपत्ति के मामले में प्रियंका गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को नोटिस भेजा था, लेकिन वह इनकम टैक्स के दफ्तर नहीं पहुँचे। ऐसे में इनकम टैक्स की टीम पूछताछ के लिए उनके घर पहुँच गई और उनका बयान दर्ज किया। साथ ही लगभग 23,000 दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

बता दें ब्रिटेन में कथित तौर पर कुछ अघोषित आय रखने के आरोप में वाड्रा आयकर विभाग की जाँच के दायरे में हैं। प्रवर्तन निदेशालय भी धनशोधन विरोधी कानून के तहत उनके खिलाफ इन आरोपों की जाँच कर रहा है। पेशे से कारोबारी वाड्रा ने अपने खिलाफ लगे आरोपों और कुछ भी गलत करने से इनकार किया है। कॉन्ग्रेस ने कुछ महीने पहले कहा था कि वाड्रा के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई की जा रही है।

आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी ने कम दाम में बीकानेर में ज़मीन खरीदी, जिसे आगे अधिक दाम में बेचकर मुनाफा कमाया। इसी से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी जाँच कर रहा है। प्रियंका गाँधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा पर लंदन में संपत्ति की खरीद के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। वाड्रा पर ब्रायनस्टन स्क्वायर में 1.9 मिलियन पाउंड की कीमत का मकान खरीदने का आरोप है। रॉबर्ट वाड्रा फिलहाल अग्रिम जमानत पर हैं।

ईडी ने दिल्ली उच्च न्यायालय से यहाँ तक कहा था कि रॉबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की आवश्यकता है। जाँच एजेंसी ने दलील दी थी कि धन के लेन-देन की कड़ियों से कथित रूप से उनका सीधा संबंध है। ईडी ने वाड्रा पर आरोप लगाया था कि वे अपने खिलाफ धनशोधन मामले की जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

₹50 हजार मुआवजा, 2500 पेंशन, बिना राशन कार्ड भी फ्री राशन: कोरोना को लेकर केजरीवाल सरकार की ‘मुफ्त’ योजना

दिल्‍ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोना महामारी में माता पिता को खोने वाले बच्‍चों को 2500 रुपए प्रति माह और मुफ्त शिक्षा देने का ऐलान किया है।

ख़लीफ़ा मियाँ… किसाण तो वो हैं जिन्हें हमणे ट्रक की बत्ती के पीछे लगाया है

हमने सब ट्राई कर लिया। भाषण दिया, धमकी दी, ज़बरदस्ती कर ली, ट्रैक्टर रैली की, मसाज करवाया... पर ये गोरमिंट तो सुण ई नई रई।

कॉन्ग्रेस के इशारे पर भारत के खिलाफ विदेशी मीडिया की रिपोर्टिंग, ‘दोस्त पत्रकारों’ का मिला साथ: टूलकिट से खुलासा

भारत में विदेशी मीडिया संस्थानों के कॉरेस्पोंडेंट्स के माध्यम से पीएम मोदी को सभी समस्याओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

‘केरल मॉडल’ वाली शैलजा को जगह नहीं, दामाद मुहम्मद रियास को बनाया मंत्री: विजयन कैबिनेट में CM को छोड़ सभी चेहरे नए

वामपंथी सरकार की कैबिनेट में सीएम विजयन ने अपने दामाद को भी जगह दी है, जो CPI(M) यूथ विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

सोनू सूद की फाउंडेशन का कमाल: तेजस्वी सूर्या से मदद माँग खुद खा गए क्रेडिट

बेंगलुरु पुलिस, बेंगलुरु फायर डिपार्टमेंट, ड्रग कंट्रोलिंग डिपार्टमेंट और बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के ऑफिस के प्रयासों से 12 मई को श्रेयस अस्पताल में संभावित ऑक्सीजन संकट टल गया। लेकिन, सोनू सूद का चैरिटी फाउंडेशन इस नेक काम का श्रेय लेने के लिए खबरों में बना रहा।

इजरायल का Iron Dome वाशिंगटन पोस्ट को खटका… तो आतंकियों के हाथों मर ‘शांति’ लाएँ यहूदी?

सोचिए, अगर ये तकनीक नहीं होती तो पिछले दो हफ़्तों से गाज़ा की तरफ से रॉकेट्स की जो बरसात की गई है उससे एक छोटे से देश में कितनी भीषण तबाही मचती!

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,384FansLike
95,935FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe