Sunday, April 14, 2024
Homeराजनीति'मोदी का सबसे बड़ा आलोचक रहा हूँ, अगर कॉन्ग्रेस सहमत न हो, तो भी...

‘मोदी का सबसे बड़ा आलोचक रहा हूँ, अगर कॉन्ग्रेस सहमत न हो, तो भी मेरे विचारों का सम्मान करे’

"मेरे इस बयान पर ही मेरे खिलाफ सार्वजनिक आलोचना की जा रही हैं, सोनिया गाँधी को पत्र लिखे गए, मुझे भाजपा ज्वाइन करने की राय दी जा रही है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने के कारण कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर अपनी पार्टी के निशाने पर आ गए हैं। लेकिन लगता नहीं है कि शशि थरूर पीएम मोदी को लेकर अपने मत पर पीछे हटने वाले हैं।

केरल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी द्वारा इस मामले पर स्पष्टीकरण माँगने के बाद शशि थरूर ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को राय दे डाली है। शशि थरूर ने स्पष्टीकरण माँगने वालों को कड़ा जवाब देते हुए कहा है कि यदि कॉन्ग्रेस नेता उनकी राय से सहमत नहीं भी हैं तब भी उन्हें उनके विचार की कद्र करनी चाहिए।

कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा- “मैं नरेंद्र मोदी सरकार का एक कठोर आलोचक रहा हूँ और मुझे उम्मीद है कि सकारात्मक आलोचक रहा हूँ। समावेशी मूल्यों और संवैधानिक सिद्धांतों के कारण ही मैंने लगातार 3 बार चुनाव जीता है। मैं अपने कॉन्ग्रेस के साथियों से निवेदन करता हूँ कि मेरे विचारों की कद्र करें, यदि वे उससे सहमत नहीं हैं, तब भी।”

समाचार पोर्टल ‘द प्रिंट’ पर एक लेख में शशि थरूर ने इस पूरे मामले पर अपनी बात कही है। थरूर ने लिखा है- “पहले मेरे साथी और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश, जिनकी विश्वसनीयता पर संदेह नहीं किया जा सकता, ने कहा कि पीएम मोदी को हर समय ‘खलनायक’ की तरह पेश करना गलत है। इसके बाद सीनियर वकील और कॉन्ग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी जयराम के बयान से सहमति जताते हुए यही बात कही थी। जब मुझसे इस संबंध में राय माँगी गई थी, तो मैंने ट्वीट कर कहा कि मैं पिछले 6 साल से यह बात कह रहा हूँ कि जब पीएम मोदी कोई अच्छी बात कहें या करें, तो उसकी तारीफ होनी चाहिए।”

केरल कॉन्ग्रेस पर तीखा कटाक्ष करते हुए शशि थरूर ने लिखा है- “मेरे इस बयान पर ही मेरे खिलाफ सार्वजनिक आलोचना की जा रही हैं, सोनिया गाँधी को पत्र लिखे गए, मुझे भाजपा ज्वाइन करने की राय दी जा रही है।”   

थरूर ने लिखा है कि इसी तरह से 2014 में मोदी की तारीफ कर देने की वजह से उन्हें पार्टी प्रवक्ता पद से हटा दिया गया और उन पर नरेंद्र मोदी से नजदीकियाँ बढ़ाने के आरोप लगाए गए। दरअसल, इस बारे में थरूर ने सफाई भी दी थी कि मोदी पर उनके बयानों को सही ढंग से नहीं समझा गया है। उन्होंने कहा था कि क्लीन इंडिया कैंपेन से जुड़ने का यह मतलब नहीं कि वह बीजेपी के हिंदुत्व के अजेंडे का समर्थन करते हैं। उन्होंने खुद को एक स्वाभिमानी कॉन्ग्रेसी करार दिया था। लेकिन, फिर भी आखिरकार पार्टी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए प्रवक्ता के पद से हटा दिया था।

अपने लेख में थरूर ने यह भी लिखा है कि वो चाहते हैं कि कॉन्ग्रेस और सेक्युलर दलों को जनता का विश्वास जीतना चाहिए।

बता दें कि केरल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी ने पीएम मोदी की प्रशंसा करने पर शशि थरूर से स्‍पष्‍टीकरण माँगा है। यही नहीं, राज्‍य नेतृत्‍व ने कॉन्ग्रेस आलाकमान से भी थरूर की शिकायत करने का फैसला किया है। केपीसीसी के अध्‍यक्ष मुल्‍लाप्‍पल्‍ली रामचंद्रन और राज्‍य में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नितला ने थरूर के बयान का खुलकर विरोध किया। इसके बाद ही शशि थरूर की यह प्रतिक्रिया आई है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BJP की तीसरी बार ‘पूर्ण बहुमत की सरकार’: ‘राम मंदिर और मोदी की गारंटी’ सबसे बड़ा फैक्टर, पीएम का आभामंडल बरकार, सर्वे में कहीं...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाती दिख रही है। नए सर्वे में भी कुछ ऐसे ही आँकड़े निकलकर सामने आए हैं।

‘राष्ट्रपति आदिवासी हैं, इसलिए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में नहीं बुलाया’: लोकसभा चुनाव 2024 में राहुल गाँधी ने फिर किया झूठा दावा

राष्ट्रपति मुर्मू को राम मंदिर ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe