बिहार में पिछले दिनों वोटर अधिकार यात्रा (SIR) में तेजस्वी यादव और राहुल गाँधी की जोड़ी ने खूब हवाबाजी की। लेकिन अब ये जोड़ी टूटने की कगार पर है। इसके संकेत तेजस्वी यादव की राहुल गाँधी से बनाई दूरी से साफ मिल रहे हैं। इसके बाद अब कॉन्ग्रेस भी नाराज हो गई, जब एक बैठक में आमंत्रण के बाद भी RJD नेता नहीं पहुँचे।
दरअसल, बिहार के औरंगाबाद में 13 दिसंबर 2025 को सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें बिहार कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने RJD को भी आमंत्रण भेजा था। इसके बावजूद RJD का कोई भी नेता सम्मेलन में हिस्सा लेने नहीं पहुँचा। इससे भी दिलचस्प बात यह है कि अब उसी जगह पर RJD सम्मेलन आयोजित करने जा रही है।
तेजस्वी यादव और राहुल गाँधी के बीच दरार के संकेत सिर्फ इतने ही नहीं हैं। इससे पहले भी तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव में 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया। एक तरफ जब बिहार में विपक्ष के पास मुख्यमंत्री का चेहरा न होने पर सवाल उठ रहे थे, अब इससे साफ हो गया है। वहीं इससे बिहार में ‘महागठबंधन’ टूटने के सवालों पर भी जवाब साफ नजर आ रहा है।
अकेले 243 सीटों पर बिहार चुनाव लड़ेंगे तेजस्वी यादव
बिहार में कॉन्ग्रेस के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में जुड़ने वाले तेजस्वी यादव ने अपनी अलग ‘बिहार अधिकार यात्रा’ निकालने का भी फैसला लिया है। इस यात्रा में तेजस्वी यादव 5 दिन में 10 जिलों का दौरा करेंगे और बिहार की जनता से RJD के प्रतिनिधि और सीएम चेहरा बनकर मिलेंगे।
मंगलवार (16 सितंबर 2025) से शुरू हो रही इस यात्रा की शुरुआत जहानाबाद से होगी। यात्रा नालंदा, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, समस्तीपुर जिले होकर वैशाली तक का सफर तय करेगी। इन जिलों में जिस भी इलाके से तेजस्वी की यात्रा निकलेगी, वहाँ BJP और JDU की पकड़ मानी जाती है।
ये यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को खत्म हुए अभी 15 दिन भी पूरे नहीं हुए हैं। जहाँ राहुल गाँधी के साथ यात्रा में तेजस्वी यादव को प्रमुखता तो मिली लेकिन ‘लीडरशिप’ दिखाने का मौका नहीं मिल पाया। ‘वोटर अधिकार यात्रा’ RJD की कम और कॉन्ग्रेस के बैनर तले ज्यादा दिखाई दी।
फिर जब राहुल गाँधी ने कॉन्ग्रेस के बड़े राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को यात्रा में शामिल किया तो इससे तेजस्वी यादव की प्रमुखता घट सी गई। साथ ही इस यात्रा में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा ना दर्शाए जाने पर भी RJD में खास नाराजगी है। इसीलिए अब तेजस्वी यादव स्थानीय पार्टी RJD के फेस बनकर मैदान में उतरने की तैयारी में हैं।


