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आंध्र प्रदेश में मंदिरों पर हमलों की जाँच के लिए SIT: CM जगन ने 9 मंदिरों की रखी आधारशिला, 8 का भूमि पूजन

सरकार ने कहा है कि मंदिरों पर हमलों और प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने की इन घटनाओं ने राज्य की सांप्रदायिक शांति को भी भंग किया है, जिस कारण इस SIT का गठन किया जा रहा है। सभी पुलिस अधिकारियों और उनकी यूनिट को SIT को ज़रूरी सहयोग मुहैया कराने का निर्देश दे दिया गया है।

आंध्र प्रदेश में मंदिरों पर हमलों की जाँच के लिए मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली YSRCP सरकार ने 16 सदस्यों वाली स्पेशल जाँच समिति (SIT) का गठन किया है। SIT सितम्बर 2020 के बाद राज्य में मंदिरों पर हुए हमलों की जाँच करेगी। ACB विजयवाड़ा के एडिशनल डायरेक्टर अशोक कुमार को इसका मुखिया बनाया गया है। SIT अपनी रिपोर्ट सीधे सीएम जगन को सौंपेगी।

आंध्र प्रदेश सरकार की इस SIT में 1 SP, 2 एडिशनल SP, 2 DSP, 2 ACP और 4 CI और 4 SI लेवल के पुलिस अधिकारी शामिल हैं। सरकार ने कहा है कि मंदिरों पर हमलों और प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त करने की इन घटनाओं ने राज्य की सांप्रदायिक शांति को भी भंग किया है, जिस कारण इस SIT का गठन किया जा रहा है। सभी पुलिस अधिकारियों और उनकी यूनिट को SIT को ज़रूरी सहयोग मुहैया कराने का निर्देश दे दिया गया है।

साथ ही FSL के निदेशक को भी सूचित कर दिया गया है कि वो किसी भी प्रकार की फॉरेंसिक सहयोग की स्थिति में SIT के साथ मिलकर काम करें। SIT के कार्यों को प्राथमिकता देने को भी कहा गया है। CID सहित अन्य ख़ुफ़िया एजेंसियों को भी SIT का सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। SIT इन हमलों के पैटर्न का अध्ययन करेगी और सभी जिलों के SP के साथ सामंजस्य बिठा कर जाँच की जाएगी।

विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम के CID के साइबर सेल के PS को भी ज़रूरी सहयोग मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया गया है। मामले की जटिलता को ध्यान में रखते हुए ये निर्णय किया गया। टीम को कहा गया है कि उन्हें जहाँ भी ज़रूरत महसूस हो, वो अतिरिक्त अधिकारियों एवं संसाधन के लिए सीधे राज्य के DGP से संपर्क कर सकते हैं। कोर्ट की निगरानी में SIT के मुखिया जाँच रिपोर्ट तैयार करेंगे।

साथ ही जाँच टीम को ये भी कहा गया है कि वो समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी मुहैया कराते रहें कि जाँच कहाँ तक आगे बढ़ी है, क्या कुछ पता चला है और आगे क्या किया जाना है। राज्य सरकार ने शुक्रवार (जनवरी 8, 2021) को ये आदेश जारी किया। उधर आंध्र प्रदेश IPS एसोसिएशन ने उन आरोपों की निंदा की है, जिसमें पुलिस अधिकारियों पर हिन्दुओं के साथ पक्षपात के आरोप लगाए गए हैं।

इस बीच मुख्यमंत्री जगन ने विजयवाड़ा में 9 मंदिरों के निर्माण की आधारशिला रखी, जिन्हें 4 साल के गैप के बाद बनाया जा रहा है। इसमें आंजनेय स्वामी, राहु-केतु, सीतम्मावरी और वेणुगोपाल मंदिर शामिल हैं। इन मंदिरों के निर्माण का शुरुआती खर्च 3.79 करोड़ रुपए आँका गया है। सीएम ने कनक दुर्गा मंदिर में भी 8 मंदिरों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया, जिसमें 77 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पूरे दुर्गा मंदिर का कायाकल्प होना है।

ताज़ा घटनाओं की बात करें तो जनवरी 3, 2021 को ही विजयवाड़ा के सीताराम मंदिर में देवी सीता की 40 वर्ष पुरानी मूर्ति खंडित पाई गई थी। यह मंदिर विजयवाड़ा के पंडित नेहरू बस कॉम्पलेक्स में स्थित है। उससे पहले विभिन्न मंदिरों में भगवान गणेश, राम, वेंकटेश और सुब्रमण्येश्वर स्वामी की प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाया गया था। इन घटनाओं को लेकर राज्य की विपक्षी पार्टियाँ भाजपा और टीडीपी लगातार YSRCP पर हमलावर हैं। TDP का कहना है कि हाल के दिनों में 150 के करीब मंदिरों पर हमले हो चुके हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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