Homeराजनीतिरामनवमी पर भी कॉन्ग्रेस ने दिखाई हिंदू घृणा: तेलंगाना में शोभायात्रा की नहीं दी...

रामनवमी पर भी कॉन्ग्रेस ने दिखाई हिंदू घृणा: तेलंगाना में शोभायात्रा की नहीं दी अनुमति, राजस्थान में शिकायत कर हटवाए भगवा झंडे

T राजा सिंह ने रामनवमी शोभा-यात्रा की अनुमति रद्द किए जाने को हिन्दुओं की स्वतंत्रता को अनुचित रूप से बाधा पहुँचाने जाने की कोशिश बताते हुए बेहद निराशाजनक करार दिया। राजस्थान में बालमुकुंदाचार्य बोले - कॉन्ग्रेस को राम नाम से नफरत।

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में रामनवमी की जुलूस की अनुमति रद्द कर दी गई है। गोशमहल से BJP के विधायक T राजा सिंह ने ये दावा किया है। उन्होंने बताया कि रामनवमी के 1 दिन पहले मंगलवार (16 अप्रैल, 2024) को रात साढ़े 8 बजे उन्हें तेलंगाना पुलिस ने एक पत्र भेज कर सूचित किया है कि इस वर्ष रामनवमी की शोभा-यात्रा की अनुमति रद्द की जाती है। उन्होंने बताया कि पत्र में 14 अप्रैल की तारीख़ लिखी है, अब इस मुद्दे को हल करने के लिए काफी कम समय बचा है। उधर राजस्थान के जयपुर से कॉन्ग्रेस की शिकायत पर भगवा झंडे हटाए जाने का मामला सामने आया है।

तेलंगाना: विधायक T राजा सिंह को रामनवमी शोभा-यात्रा की अनुमति नहीं

विधायक T राजा सिंह ने कहा कि वर्षों से हमारी रामनवमी की शोभा-यात्रा भक्ति का प्रतीक रही है, जिसमें सिर्फ तेलंगाना ही नहीं बल्कि देश भर से लाखों रामभक्त आते रहे हैं। उन्होंने इसे हिन्दुओं की स्वतंत्रता को अनुचित रूप से बाधा पहुँचाने जाने की कोशिश बताते हुए बेहद निराशाजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि हमें कॉन्ग्रेस सरकार से इस तरह के फैसले की ही आशंका थी, जो KCR सरकार के नक्शेकदम पर ही चल रही है। उन्होंने ‘जय श्री राम’ लिख कर सोशल मीडिया पर वो पत्र भी शेयर किया।

बता दें कि ये शोभा-यात्रा आकाशपुरी हनुमान मंदिर से लेकर रामकोटी स्थित हनुमान व्यायामशाला तक जानी थी। इसे अनीता टॉवर, पुराना पुल, गाँधी प्रतिमा, जुम्मेरात बाजार, चूड़ी बाजार, बेगम बाजार चत्री, स्वस्तिक मिर्ची, सित्तम्बर बाजार मस्जिद, गौलीगुड़ा गुरुद्वारा, कोटी महिला कॉलेज और सुल्तान बाजार से होकर गुजरना था। इसके लिए सुबह 10 बजे से लेकर रात 10 बजे तक का समय माँगा गया था। हालाँकि, तेलंगाना पुलिस ने इस माँग को रद्द कर दिया है।

राजस्थान: कॉन्ग्रेस की शिकायत पर हटाए गए भगवा झंडे

उधर राजस्थान की राजधानी जयपुर में हिन्दू संगठन सड़क पर हैं। वहाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भले ही सरकार भाजपा की हो, लेकिन अभी लोकसभा चुनाव के कारण प्रशासन चुनाव आयोग के अंतर्गत है और कॉन्ग्रेस की शिकायत पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने हिन्दुओं को नाराज़ कर दिया है। जयपुर में जगह-जगह लगे भगवा ध्वज को हटाया गया है। ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ के कार्यकर्ताओं ने कॉन्ग्रेस का पुतला फूँक कर इस कदम के खिलाफ विरोध जताया है। हिन्दू संगठनों ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी को चुनाव और राम नाम से कोई लेना-देना नहीं है।

जयपुर शहर लोकसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार प्रताप सिंह खाचरियावास ने वकील मंगल सिंह के माध्यम से जिला मजिस्ट्रेट में लिखित शिकायत दायर कर दावा किया कि परकोटा के बाजारों में लोकसभा चुनाव 2024 में एक विशेष पार्टी को फायदा पहुँचाने के लिए भगवा ध्वज लगाए गए हैं। उन्होंने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया। इसके बाद रातोंरात नगर निगम ने झंडे उतरवा दिए। हवामहल से बिधायक बालमुकुंदाचार्य ने ने कलक्टर से शिकायत कर ये ध्वज वापस लगाने की माँग की है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस को भगवा ध्वज और राम नाम से आपत्ति है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’ पर फैलाया जा रहा ‘अर्धसत्य’: इसे कानूनी वजहों से ZEE5 ने हटाया, सरकार ने नहीं लगाया कोई बैन; जानिए पूरा...

सतलुज पर सरकार ने बैन नहीं लगाया बल्कि फिल्म पहले IT नियम, 2021 के नियम 9 के तहत ZEE5 पर रिलीज हुई और बाद में उसी व्यवस्था के तहत उसे हटा भी दिया गया।

बाबू जगजीवन राम: वो दलित नेता जिन्हें कॉन्ग्रेस और लेफ्ट से कभी उनका हक नहीं मिला, क्योंकि वे हिंदू धर्म से नहीं करते थे...

डॉ. आंबेडकर ने जाति व्यवस्था से तंग आकर बौद्ध धर्म अपनाया, तो जगजीवन राम जीवनभर हिंदू समाज के भीतर रहकर ही कुरीतियों को सुधारने के पक्षधर रहे।
- विज्ञापन -