UP और बंगाल के बाद कॉन्ग्रेस को बिहार में भी झटका, सीट शेयरिंग पर तेजस्वी का अल्टीमेटम

शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कॉन्ग्रेस को 7 सीटों का ऑफर दिया था लेकिन कॉन्ग्रेस की 15 सीटों की माँग के कारण वह 1 सीट और देने को राजी हो गए।

ऐसा प्रतीत होता है कि कोई भी प्रमुख क्षेत्रीय दल कॉन्ग्रेस से गठबंधन में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है या पार्टी की माँगों को मानने के लिए तैयार नहीं है। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कॉन्ग्रेस को अल्टीमेटम देते हुए 8 सीटों पर मान जाने को कहा है। इस से ज्यादा सीटों की माँग को नकारते हुए उन्होंने कॉन्ग्रेस को अकेले चुनाव लड़ने को भी कहा। बता दें कि बिहार में राजग का गठबंधन फाइनल हो चुका है और पार्टियों ने सीटों का बँटवारा भी तय कर लिया है। जदयू और भाजपा 17-17 सीटों पर चुनावी समर में उतरेंगे जबकि लोजपा के खाते में 7 सीटें गई हैं। एक तरफ राजग ने नितीश और मोदी के चेहरे के साथ चुनावी प्रचार अभियान का श्रीगणेश कर दिया है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी गठबंधन का पेंच है कि सुलझता ही नहीं।

सीट शेयरिंग के मुद्दे पर कॉन्ग्रेस की लगातार आनाकानी से परेशान राष्ट्रीय जनता दल ने पार्टी को मंगलवार (मार्च 19, 2019) तक स्थिति साफ़ करने को कहा है। बता दें कि बिहार की कुल 40 लोकसभा सीटों में से कॉन्ग्रेस 11 पर लड़ना चाह रही है जबकि लालू यादव की पार्टी उसे 8 से ज्यादा सीटें नहीं देना चाहती। राजद ने साफ़-साफ़ कर दिया है कि या तो कॉन्ग्रेस 11 से 8 सीटों पर आए या बिहार में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार रहे। अगर ऐसा नहीं होता है तो राजद महागठबंधन के बाकी सहयोगियों के साथ सीटों का बँटवारा कर लेगी। तेजस्वी के 15 मार्च के ट्वीट से भी इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा था।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार, आरजेडी सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी ने पटना स्थित एक होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए हॉल भी बुक कर लिया है जहाँ वह संभवत: आरएलएसपी के उपेंद्र कुशवाहा, एचएएम-एस के जीतन राम माँझी और मुकेश साहनी (विकासशील इनसान पार्टी) के साथ मंगलवार को सीटों का ऐलान कर सकते हैं। तेजस्वी ने कॉन्ग्रेस पर दबाव डालने के लिए कुछ वामदलों के नेताओं को आमंत्रित किया है। हमने एक रिपोर्ट में बताया था कि राजद सुप्रीमो लालू यादव राँची स्थित बिरसा मुंडा जेल से ही सारे निर्णय ले रहे हैं। फिलहाल वह राजेंद्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में दाख़िल हैं, जहाँ उनसे मिलने के लिए रोज नेताओं की कतार लग रही है।

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शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने कॉन्ग्रेस को 7 सीटों का ऑफर दिया था लेकिन कॉन्ग्रेस की 15 सीटों की माँग के कारण वह 1 सीट और देने को राजी हो गए। बिहार कॉन्ग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष डॉक्टर अखिलेश प्रसाद सिंह के 11 सीटों पर चुनाव लड़ने के बयान के बाद दोनों दलों में तल्ख़ी बढ़ गई। बिहार में सातों चरणों में मतदान होने हैं। कॉन्ग्रेस ने दावा किया है कि मंगलवार तक मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में अखिलेश-माया की पार्टी ने महागठबंधन कर कॉन्ग्रेस को दरकिनार कर दिया। कॉन्ग्रेस ने ‘त्याग’ का परिचय देते हुए महागठबंधन के नेताओं के लिए 7 सीटें छोड़ी ने मायावती ने कॉन्ग्रेस की इस दरियादिली को ठुकराते हुए बसपा से कोई उम्मीद न रखने की सलाह दी। उधर पश्चिम बंगाल में ही वामदलों ने कॉन्ग्रेस को धता बताते हुए गठबंधन कर लिया। पश्चिम बंगाल कॉन्ग्रेस ने वाम मोर्चे के साथ गठबंधन की अपनी सभी संभावनाओं को समाप्त करने की घोषणा कर दी। बता दें कि पश्चिम बंगाल कॉन्ग्रेस की यह घोषणा तब की गई जब वाम मोर्चे ने 42 संसदीय सीटों में से 25 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा दो दिन पहले ही कर दी थी।

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