Homeराजनीतिबम बनाते हुए फूटने से TMC नेता मुस्ताक शेख ने गँवाए दोनों हाथ, बीजेपी...

बम बनाते हुए फूटने से TMC नेता मुस्ताक शेख ने गँवाए दोनों हाथ, बीजेपी की CAA-समर्थन रैली में फोड़ना था लक्ष्य

TMC नेता मुस्ताक शेख के साथ यह दुखद घटना तब घटित हुई जब बंगाल के लेबारा गाँव के पश्चिमी मैदान में नाले के किनारे बम बनाए और लगाए जा रहे थे। इसके बाद घटनास्थल पर जगह-जगह खून, पत्थर, सुतली और गोला बारूद बिखरे पड़े थे।

पश्चिम बंगाल में बीरभूम के लेबारा गाँव की एक दुखद घटना सामने आई है। बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस के बूथ अध्यक्ष मुस्ताक शेख ने बम बनाते समय हुए विस्फोट में अपने दोनों हाथ गँवा दिए। इस बम की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बम विस्फोट की आवाज सुनकर गाँव के कई लोग भाग खड़े हुए। बताया जा रहा है कि मुस्ताक शेख इस बम को भाजपा द्वारा CAA के समर्थन में निकाली जा रही रैली में फोड़ने के लिए बना रहा था। TMC इस घटना को छुपाने का प्रयास कर रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, TMC नेता मुस्ताक शेख के साथ यह दुखद घटना तब घटित हुई जब बंगाल के लेबारा गाँव के पश्चिमी मैदान में नाले के किनारे बम बनाए और लगाए जा रहे थे। इसके बाद घटनास्थल पर जगह-जगह खून, पत्थर, सुतली और गोला बारूद बिखरे पड़े थे। हालाँकि, धमाके के बाद इस जगह को तुरंत ही पूरी सावधानी से जल्दी ही मिट्टी से ढक लिया जाता है। TMC द्वारा इस घटना को झूठ बताया जा रहा है। इस घटना पर जिले के तृणमूल के महासचिव और परुई निवासी मुस्ताक हुसैन ने इस घटना को झूठ बताया है।

एक स्थानीय निवासी और राज्य भाजपा अल्पसंख्यक सेल के सचिव, शेख समद ने कहा कि इस घटना के समय, सत्तारूढ़ बूथ के अध्यक्ष, और लेबारा गाँव के निवासी बापी उर्फ ​​मुस्ताक शेख बमबारी के लिए बम तैयार कर रहे थे। इसी बीच अनजाने में बम फट गया और बापी के दोनों हाथ उड़ गए। मुस्ताक शेख के अलावा शेष तीन को गंभीर हालात में वहाँ से ले जाया गया।

घटना के बाद, बापी शेख को शक्तिगढ़ के एक नर्सिंग होम में स्थानांतरित कर दिया गया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि बम मंगलवार (फरवरी 4, 2020) को बीजेपी की अभिनंदन यात्रा पर हमला करने के उद्देश्य से लगाया गया था।

ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल में नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक होता जा रहा है। नागरिकता कानून के विरोध में TMC के गुंडों द्वारा की जा रही रैलियों में गोलियाँ चलने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं, जिनमें कुछ लोगों की जानें भी गईं हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मिशन समुद्र मंथन से अंडमान में मिला गैस का महाभंडार, मोदी सरकार ने पूर्वी तट पर बनाया ₹1.5 लाख करोड़ का मेगा प्लान: समझें...

अंडमान द्वीप समूह के पास 355 मीटर पानी की गहराई में खोदे गए कुएँ श्री विजयपुरम-3 में प्राकृतिक गैस की उपस्थिति मिली है, ये बड़ी सफलता है।

कॉकरोच जनता पार्टी: ‘क्रांति’ की रील और लोकतंत्र की रियलिटी

कॉकरोच जनता पार्टी, जेपी-अन्ना हजारे आंदोलन और भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में समझिए कि केवल असंतोष ही पर्याप्त क्यों नहीं होता। भारतीय मतदाता क्या देखते हैं?
- विज्ञापन -