Wednesday, May 25, 2022
Homeराजनीतिविधानसभा चुनाव से 1 साल पहले त्रिपुरा CM विप्लब देब का इस्तीफा, शाह-नड्डा से...

विधानसभा चुनाव से 1 साल पहले त्रिपुरा CM विप्लब देब का इस्तीफा, शाह-नड्डा से मुलाकात के बाद फैसला: अब संगठन को करेंगे मजबूत

राज्य में नए सीएम के चयन को लेकर शनिवार शाम को 5 बजे विधायक दल की बैठक होगी। निवर्तमान मुख्यमंत्री को पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में लगाया जाएगा।

पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा (Tripura) में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले चौंकाने वाला कदम उठाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री बिप्लब देब (Biplab Deb) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शनिवार (14 मई 2022) को उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल सत्यदेब मारायण आर्य को भेजा। उससे पहले वो गुरुवार को दिल्ली के दौरे पर थे और आज ही वापस त्रिपुरा गए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, गवर्नर से मिलकर इस्तीफा देने के बाद बिप्लब देब ने कहा कि पार्टी चाहती है कि वो संगठन को मजबूत करने पर काम करें। इससे गुरुवार को वो दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने के लिए आए थे। इस बीच खबर ये है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा राज्य के अंतरिम मुख्यमंत्री का प्रभार संभाल सकते हैं। जिष्णु देव वर्मा त्रिपुरा के राज परिवार से ताल्लुक रखते हैं।

हालाँकि, अफवाहें तो ऐसी भी उड़ाई जा रही हैं कि पार्टी के अंदर कलह की स्थिति बनी हुई है। वहीं बिप्लब देब के मंत्रिमंडल के एक मंत्री ने कहा, “हमें आश्चर्य हुआ है। पता नहीं किस बात ने उन्हें इसके लिए प्रेरित किया। लेकिन जाहिर तौर पर उनकी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा हुई थी। पार्टी की कुछ योजनाएँ हो सकती हैं और हमें विश्वास है कि यह पार्टी केज्य लिए अच्छा होगा।”

भाजपा के सूत्रों के मुताबिक, राज्य में नए सीएम के चयन को लेकर शनिवार शाम को 5 बजे विधायक दल की बैठक होगी। इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के मुताबिक, “निवर्तमान मुख्यमंत्री को पार्टी के संगठनात्मक कार्यों में लगाया जाएगा। हमारे पास एक नया सीएम होगा।” उल्लेखनीय है कि राज्य के नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। राज्य में अगले साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अभी से भाजपा ने रणनीतियाँ तैयार करना शुरू कर दिया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मुस्लिम छात्रों के झूठे आरोपों पर अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी ने किया निलंबित’: हिन्दू छात्र का आरोप – मिली धर्म ने समझौता न करने की...

तिवारी और उनके दोस्तों को कॉलेज में सार्वजनिक रूप से संघी, भाजपा के प्रवक्ता और भाजपा आईटी सेल का सदस्य कहा जाता था।

आतंकी यासीन मलिक को उम्रकैद: टेरर फंडिग में सजा के बाद बजे ढोल, श्रीनगर में कट्टरपंथियों ने की पत्थरबाजी

कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार के आरोपित यासीन मलिक को टेरर फंडिंग केस में 25 मई को सजा मुकर्रर हुई।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
188,731FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe