Homeराजनीति'लेह पर 5 दिन के भीतर जबाव दो' - भारत के नक्शे से खिलवाड़...

‘लेह पर 5 दिन के भीतर जबाव दो’ – भारत के नक्शे से खिलवाड़ पर फँसा ट्विटर, मंत्रालय ने भेजा नोटिस

एक अधिकारी ने कहा कि Twitterअभी भी जम्मू और कश्मीर के हिस्से के रूप में लेह को दिखा रहा है, जो भारत सरकार की आधिकारिक स्थिति के खिलाफ है।

भारत के आईटी मंत्रालय ने लेह के केंद्र शासित प्रदेश के बजाय जम्मू और कश्मीर का हिस्सा दिखाने के लिए ट्विटर के ग्लोबल वाइस प्रेजिडेंट को बृहस्पतिवार (नवम्बर 12, 2020) को नोटिस भेजा है। नोटिस के अनुसार, ट्विटर को अगले 5 दिनों में समझाने का निर्देश दिया गया है कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता का अपमान करने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए?

इस नोटिस के बाद जिन संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हुई हैं उनमें से एक यह भी है कि आईटी एक्ट 69 ए के तहत भारत में ट्विटर को प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसके अलावा, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है, जिसके तहत 6 महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान है।

पिछले महीने, सरकार ने ट्विटर के सीईओ जैक डोरसी को एक पत्र लिखा था, जिसमें लेह की गलत जानकारी देने पर ‘निराशा और नाराजगी’ व्यक्त की गई थी। सरकार के संज्ञान में आते ही इस पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी कि ट्विटर ने लेह की भू-स्थिति को जम्मू-कश्मीर, ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ के हिस्से के रूप में दिखाया था।

मंत्रालय की ओर से पहले भेजे गए पत्र के जवाब में, ट्विटर ने मैप के स्थान से ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ का जिक्र हटा दिया था, लेकिन लेह के केंद्रशासित प्रदेश के हिस्से के रूप में लेह को दिखाने के लिए ट्विटर ने अभी तक नक्शे को सही नहीं किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक अधिकारी ने कहा कि यह अभी भी जम्मू और कश्मीर के हिस्से के रूप में लेह दिखा रहा है, जो भारत सरकार की आधिकारिक स्थिति के खिलाफ है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में ट्विटर ने लेह की ‘जियो लोकेशन’ जम्मू कश्मीर, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना में दिखाई थी। सूत्रों के अनुसार सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव अजय साव्हने ने ट्विटर को इस सम्बन्ध में एक पत्र लिखा था कि लेह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का मुख्यालय है। इसके अलावा लद्दाख और जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और यह भारतीय संविधान के अंतर्गत आता है। लिहाज़ा जिस प्रकार का मानचित्र ट्विटर ने पेश किया, वह पूरी तरह अस्वीकार्य और आपत्तिजनक है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -