Homeराजनीति5 बड़े RSS नेताओं के ट्विटर हैंडल से हटाया गया ब्लू टिक, उप-राष्ट्रपति नायडू...

5 बड़े RSS नेताओं के ट्विटर हैंडल से हटाया गया ब्लू टिक, उप-राष्ट्रपति नायडू के अकाउंट से भी छेड़छाड़

सुरेश भैयाजी जोशी के ट्विटर हैंडल पर 49.4 हजार, सुरेश सोनी के 33.6 हजार, अनिरुद्ध देशपांडे के 28 हज़ार, कृष्णा गोपाल के 40 हज़ार और अरुण कुमार के 35.6 हज़ार फॉलोवर्स हैं।

भारत के उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के अलावा माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Twitter ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेताओं को भी निशाना बनाया है। ट्विटर ने 5 बड़े RSS नेताओं के हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया है, अर्थात उन्हें ‘Unverified’ की श्रेणी दी है। जिन 5 RSS नेताओं के ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटाया गया, वो हैं – सुरेश जोशी, सुरेश सोनी, अरुण कुमार, अनिरुद्ध देशपांडे और कृष्णा गोपाल।

सुरेश सोनी और कृष्णा गोपाल RSS के सह-सरकार्यवाह हैं, वहीं अरुण कुमार ‘अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख’ के पद पर हैं। सुरेश सोनी सरकार्यवाह के पद पर हैं। जुलाई 2019 को RSS प्रमुख मोहन भागवत सहित संघ के अन्य नेताओं के ट्विटर पर आने की घोषणा की गई थी और तब के ट्वीट्स में देखा जा सकता है कि उन्हें ब्लू टिक भी मिला हुआ था। अभी तक इन्हें ‘Unverify’ किए जाने का कारण सामने नहीं आया है।

वहीं फ़िलहाल RSS और इसके मुखिया मोहन भागवत के ट्विटर हैंडल्स पर ब्लू टिक मौजूद हैं। इन दोनों हैंडल्स के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है। RSS के संपर्क प्रमुख अनिरुद्ध देशपांडे के ट्विटर हैंडल से भी वेरिफिकेशन बैज हटा दिया गया है। सुरेश भैयाजी जोशी के ट्विटर हैंडल पर 49.4 हजार, सुरेश सोनी के 33.6 हजार, अनिरुद्ध देशपांडे के 28 हज़ार, कृष्णा गोपाल के 40 हज़ार और अरुण कुमार के 35.6 हज़ार फॉलोवर्स हैं।

बता दें कि Twitter ने भारत के उप-राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू के हैंडल को भी ‘Unverified’ की श्रेणी में डालते हुए ब्लू टिक हटा दिया था। लेकिन बवाल और चौतरफा मीडिया रिपोर्टिंग के बाद इसे रिस्टोर कर दिया गया। मुंबई भाजपा के प्रवक्ता सुरेश नखुआ ने कहा कि Twitter की ये हरकत सीधा भारत के संविधान का अपमान है। इसी तरह अन्य नेताओं ने भी Twitter का विरोध किया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -