Homeराजनीतियूपी में कॉन्ग्रेस के 1 सीट पर सिमटने के आसार: प्रियंका गाँधी के खासमखास...

यूपी में कॉन्ग्रेस के 1 सीट पर सिमटने के आसार: प्रियंका गाँधी के खासमखास अजय कुमार लल्लू तीसरे नंबर पर, क्या प्रमोद तिवारी की बेटी बचा लेगी लाज

अराधना कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। इस सीट पर बीते 41 साल से प्रमोद तिवारी का दबदबा है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा की सभी 403 सीटों पर मतगणना जारी है। नतीजे पूरी तरह गुरुवार शाम तक स्पष्ट होंगे। खबर लिखे जाने तक आधिकारिक तौर पर सभी सीटों के रूझान सामने आ गए थे। इसके अनुसार बीजेपी आसानी से बहुमत हासिल कर लेगी।

चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार बीजेपी खुद 246 और उसकी सहयोगी दल अपना दल सोनेलाल 11 सीटों पर आगे हैं। सपा 124 सीटों पर आगे चल रही है। बसपा और कॉन्ग्रेस के डबल डिजिट में पहुँचने के आसार नहीं दिख रहे। कॉन्ग्रेस केवल एक सीट पर आगे चल रही है।

कॉन्ग्रेस को जो एकमात्र सीट मिलने की उम्मीद दिख रही है वह है प्रतापगढ़ जिले की रामपुर खास विधानसभा सीट है। यहाँ से आराधना मिश्रा कॉन्ग्रेस पार्टी की उम्मीदवार हैं। आराधना मिश्रा 30 हजार से ज्यादा वोटों से आगे हैं। उनका सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नागेश प्रताप सिंह उर्फ छोटे सरकार से है। बता दें कि अराधना कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। इस सीट पर बीते 41 साल से प्रमोद तिवारी का दबदबा है।

कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तीसरे नंबर पर

उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस के खराब प्रदर्शन का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी अपनी सीट हारते दिख रहे हैं। वे कुशीनगर जिले के तमकुहीराज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। खबर लिखे जाने तक वे तीसरे नंबर पर चल रहे थे। इस सीट पर बीजेपी के असीम कुमार लीड बनाए हुए हैं। सपा उम्मीदवार उदय नारायण उनसे काफी पीछे हैं। लल्लू कॉन्ग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गॉंधी के बेहद खास माने जाते हैं। उन्होंने 2017 में तमकुहीराज में 61,211 वोट हासिल किए थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -