Tuesday, April 20, 2021
Home राजनीति टिकट मिलने के बाद भी छोड़ा ममता का हाथ: सरला मुर्मू के साथ 5...

टिकट मिलने के बाद भी छोड़ा ममता का हाथ: सरला मुर्मू के साथ 5 विधायक हुए बीजेपी के, TMC के लिए संकट गहराया

टीएमसी के लिए पहला मामला है, जब किसी उम्मीदवार ने पार्टी की ओर से टिकट मिलने के बाद पार्टी छोड़ दी हो। सरला मुर्मू के अलावा टीएमसी के 14 अन्य नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें थी। इसमें जिनमें मालदा जिला परिषद के अध्यक्ष गौर चंद्र मंडल और टीएमसी के कॉर्डिनेटर अमलान भादुड़ी का भी नाम सामने आ रहा था।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले एक के बाद एक सियासी उथल-पुथल सामने आ रही है। ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी छोड़कर पहले ही कई नेता बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। सोमवार (मार्च 8, 2021) को टीएमसी के 5 विधायकों ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। जिन टीएमसी नेताओं ने ममता बनर्जी का साथ छोड़ा है, उनमें सोनाली गुहा, दीपेंदू बिस्वास, रबिन्द्रनाथ भट्टाचार्य, जटू लाहिड़ी, शीतल सरदार और हबीबपुर से टीएमसी उम्मीदवार सरला मुर्मू शामिल हैं।

इन सभी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, शुभेंदु अधिकारी और मुकुल रॉय की मौजूदगी में बीजेपी ज्वाइन किया। रबिन्द्रनाथ भट्टाचार्य 2001 से सिंगुर विधानसभा सीट से टीएमसी के विधायक रहे हैं। वो सिंगुर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। इस बार टीएमसी ने उनको टिकट नहीं दिया था।

टीएमसी ने बयान जारी कर कहा कि पार्टी ने हबीबपुर निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बदला है। टीएमसी ने इसके पीछे कारण दिया कि सरला मूर्मू का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। टीएमसी के लिए पहला मामला है, जब किसी उम्मीदवार ने पार्टी की ओर से टिकट मिलने के बाद पार्टी छोड़ दी हो। सरला मुर्मू के अलावा टीएमसी के 14 अन्य नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें थी। इसमें जिनमें मालदा जिला परिषद के अध्यक्ष गौर चंद्र मंडल और टीएमसी के कॉर्डिनेटर अमलान भादुड़ी का भी नाम सामने आ रहा था।

हालाँकि, मुर्मू से इस संबंध में अभी तक कोई खुलासा नहीं किया है। तृणमूल और भाजपा के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ‘करो या मरो’ के जबरदस्त मुकाबले में किसी उम्मीदवार को बदलने का यह पहला मामला है। बता दें कि मालदा जिले में 26 और 29 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होना है।

मालदा जिले में 12 विधानसभा सीट हैं। इस चुनाव में टीएमसी ने उम्मीदवारी के लिए कई मशहूर हस्तियों, महिलाओं और युवाओं को आगे रखा है। टीएमसी ने अब तक 294 में से 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। वहीं तीन सीट उसने अपने सहयोगी दल को दी हैं। 2016 के चुनाव में इस सीट से टीएमसी का सूपड़ा साफ हो गया था और भाजपा के झोले में दो सीटें आई थीं। वहीं कॉन्ग्रेस ने सबसे ज्यादा आठ सीटों पर जीत दर्ज की थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘पूर्ण लॉकडाउन हल नहीं, जान के साथ आजीविका बचाने की भी जरुरत’: SC ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

इलाहाबाद कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज रोक लगा दी। इस मामले में योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए अपनी अपील में कहा था कि हाईकोर्ट को ऐसे फैसले लेने का अधिकार नहीं है।

आपके शहर में कब और कितना कहर बरपाएगा कोरोना, कब दम तोड़ेगी संक्रमण की दूसरी लहर: जानें सब कुछ

आप कहॉं रहते हैं? मुंबई, दिल्ली या चेन्नई में। या फिर बिहार, यूपी, झारखंड या किसी अन्य राज्य में। हर जगह का हाल और आने वाले कल का अनुमान।

क्या राजनीतिक हिंसा के दंश से बंगाल को मिलेगी मुक्ति, दशकों पुराना है विरोधियों की लाश गिराने का चलन

पश्चिम बंगाल में चुनाव समाप्ति की ओर बढ़ रहे हैं। इस दौरान हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई है। क्या नतीजों के बाद दशकों पुराना राजनीतिक हिंसा का दौर थमेगा?

काशी की 400 साल पुरानी परंपरा: बाबा मसाननाथ मंदिर में मोक्ष की आकांक्षा में धधकती चिताओं के बीच नृत्य करती हैं नगरवधुएँ

काशी की महाशिवरात्रि, रंगभरी एकादशी, चिता भस्म की होली के बाद एक और ऐसी प्राचीन परंपरा जो अपने आप में अनूठी है वह है मणिकर्णिका घाट महाश्मशान में बाबा मसाननाथ के दर पर नगरवधुओं का नृत्य।

सुबह का ‘प्रोपेगेंडाबाज’ शाम को ‘पलटी मारे’ तो उसे शेखर गुप्ता कहते हैं: कोरोना वैक्सीन में ‘दाल-भात मूसलचंद’ का क्या काम

स्वदेशी वैक्सीन पर दिन-रात अफवाह फैलाने वाले आज पूछ रहे हैं कि सब को वैक्सीन पहले क्यों नहीं दिया? क्या कोरोना वॉरियर्स और बुजुर्गों को प्राथमिकता देना 'भूल' थी?

बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से होएः दिल्ली में CM केजरीवाल के ‘मैं हूॅं ना’ पर मजदूरों की बेबस भीड़ क्यों भारी

केजरीवाल ने मज़दूरों से अपील करते हुए 'मैं हूॅं ना' के शाहरुख़ खान स्टाइल में कहा: सरकार आपका पूरा ख़याल रखेगी। फिर भी वही भीड़ क्यों?

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

नासिर ने बीड़ी सुलगाने के लिए माचिस जलाई, जलती तीली से लाइब्रेरी में आगः 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख

कर्नाटक के मैसूर की एक लाइब्रेरी में आग लगने से 3000 भगवद्गीता समेत 11 हजार पुस्तकें राख हो गई थी। पुलिस ने सैयद नासिर को गिरफ्तार किया है।

‘मैं इसे किस करूँगी, हाथ लगा कर दिखा’: मास्क के लिए टोका तो पुलिस पर भड़की महिला, खुद को बताया SI की बेटी-UPSC टॉपर

महिला ने धमकी देते हुए कहा कि उसका बाप पुलिस में SI के पद पर है। साथ ही दिल्ली पुलिस को 'भिखमंगा' कह कर सम्बोधित किया।

‘F@#k Bhakts!… तुम्हारे पापा और अक्षय कुमार सुंदर सा मंदिर बनवा रहे हैं’: कोरोना पर घृणा की कॉमेडी, जानलेवा दवाई की काटी पर्ची

"Fuck Bhakts! इस परिस्थिति के लिए सीधे वही जिम्मेदार हैं। मैं अब भी देख रहा हूँ कि उनमें से अधिकतर अभी भी उनका (पीएम मोदी) बचाव कर रहे हैं।"

पुलिस अधिकारियों को अगवा कर मस्जिद में ले गए, DSP को किया टॉर्चरः सरकार से मोलभाव के बाद पाकिस्तान में छोड़े गए बंधक

पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार के साथ मोलभाव के बाद प्रतिबंधित इस्लामी संगठन TLP ने अगवा किए गए 11 पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,222FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe