HomeराजनीतिED अधिकारियों से गाली-गलौज कर रहे CM ममता के मंत्री, डॉन जैसा बर्ताव: 1...

ED अधिकारियों से गाली-गलौज कर रहे CM ममता के मंत्री, डॉन जैसा बर्ताव: 1 दिन की रिमांड पर भेजी गई करीबी अर्पिता

ईडी ने कोर्ट से माँग की है कि कोर्ट ने पार्था को केवल 2 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी दी है। चूँकि वो अस्पताल में भर्ती हैं ऐसे में अस्पताल के दिनों को उनके रिमांड के दिनों के तौर पर न गिनें।

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के मंत्री पार्था चटर्जी की पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC)और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड घोटाले के मामले में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मामले की जाँच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में भर्थी पार्था चटर्जी एक डॉन की तरह व्यवहार कर रहे हैं और जाँच में किसी भी तरह का सहयोग नहीं कर रहे हैं।

शिक्षा घोटाले के मामले में गिरफ्तार किए गए पार्थ चटर्जी की अचानक से तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहाँ से उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा था। इसके विरोध में ईडी ने कोलकाता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ईडी की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़ा मामला होने के कारण रविवार को ही अपील करनी पड़ी।

ईडी ने कोर्ट से माँग की है कि कोर्ट ने पार्था को केवल 2 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी दी है। चूँकि वो अस्पताल में भर्ती हैं ऐसे में अस्पताल के दिनों को उनके रिमांड के दिनों के तौर पर न गिनें। एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि पार्था चाहें तो इलाज के लिए दिल्ली या कल्याणी के एम्स में भर्ती हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्था को जबरन दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहाँ वो ईडी के अधिकारियों के साथ एक डॉन की तरह पेश आ रहे हैं और उनके साथ गाली-गलौच कर रहे हैं। एसजी ने इस मामले को भ्रष्टाचार का हाई लेवल मामला करार दिया है।

एक दिन के लिए ईडी की रिमाँड पर भेजी गई अर्पिता मुखर्जी

इस बीच रविवार को कोलकाता की बंकशाल कोर्ट ने पार्था चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी को एक दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय की रिमाँड में भेज दिया गया है। गौरतलब है कि अर्पिता को ईडी ने 23 जुलाई को कस्टडी में ले लिया था। उससे पहले उनके घर पर ईडी ने छापेमारी कर 20 करोड़ रुपए का कैश बरामद किया था। वहीं इस मामले में पार्था को भी गिरफ्तार किया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -