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बेंगलुरु मेट्रो का किराया बढ़ाने के पीछे क्या है सिद्दारमैया सरकार की मंशा? कर्नाटक की वित्तीय स्थिति बदहाल: जानें- क्यों BJP सांसद तेजस्वी सूर्या ने दिखाई ‘खाली डिग्गी’?

कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार की नम्मा मेट्रो के किराए में करीब 5 फीसदी तक बढ़ोतरी करने की तैयारी थी। लेकिन बीजेपी के आरोपों और यात्रियों के विरोध के बाद इस फैसले पर रोक लगा दी गई है। सोमवार (09 फरवरी 2026) को तेजस्वी सूर्या ने 'खाली डिग्गी' दिखाकर प्रदर्शन किया।

बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो (Namma Metro) से सफर करने वालों के लिए राहत की खबर यह है कि फिलहाल मेट्रो का किराया नहीं बढ़ेगा। दरअसल, कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार की 09 फरवरी 2026 से नम्मा मेट्रो के किराए में करीब 5 फीसदी तक बढ़ोतरी करने की तैयारी थी। लेकिन बीजेपी के आरोपों और यात्रियों के विरोध के बाद इस फैसले पर रोक लगा दी गई है।

वहीं बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या लगातार किराया बढ़ोतरी के विरोध में मोर्चा खोले बैठे हैं। सोमवार (09 फरवरी 2026) को बेंगलुरु की आरवी मेट्रो पर तेजस्वी ने ‘खाली डिग्गी’ दिखाकर प्रदर्शन किया, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत ले लिया। अब सवाल उठता है कि आखिर इस खाली डिग्गी के मायने क्या हैं? क्यों कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार किराया बढ़ाना चाहती है और BJP इस फैसले को गलत क्यों बता रही है? इन सवालों के जवाब जानना बेहद जरूरी है।

BMRCL का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव

दरअसल, बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (BMRCL) ने प्रस्ताव रखा था कि हर टिकट पर 1 से 5 रुपए तक ज्यादा वसूले जाएँगे। अगर यह लागू होता तो न्यूनतम किराया 10 रुपए से बढ़कर 11 रुपए और अधिकतम किराया 90 रुपए से बढ़कर 95 रुपए हो जाता। यह बढ़ोतरी पूरे मेट्रो नेटवर्क पर लागू होने वाली थी।

BMRCL का कहना था कि यह सालाना किराया संशोधन है, जिससे बढ़ते ऑपरेशन खर्च, बिजली, कर्मचारियों के वेतन और रखरखाव की लागत को पूरा किया जा सके। लेकिन जैसे ही किराया बढ़ने की बात सामने आई, लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

पहले से ही बेंगलुरु मेट्रो देश की सबसे महँगी मेट्रो मानी जाती है। रोजाना मेट्रो से ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और आम यात्री बोले कि अगर हर दिन 2-3 बार मेट्रो ली जाए तो महीने के आखिर में 60 से 100 रुपए तक अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जो हर किसी के लिए आसान नहीं है।

BJP सांसद तेजस्वी सूर्या का सिद्दारमैया सरकार पर आरोप

इस बीच बीजेपी ने सीधे तौर पर कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार पर हमला बोला। बीजेपी युवा मोर्चा के अध्यक्ष और बेंगलुरु दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस प्रस्ताव का खुलकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु पहले ही महँगाई से जूझ रहा है और मेट्रो किराया बढ़ाना आम लोगों पर सीधा हमा है। तेजस्वी सूर्या ने मेट्रो से आवाजाही करने वाले यात्रियों से बातचीत कर उनकी प्रतिक्रिया जानी।

बाद में तेजस्वी सूर्या ने पत्रकारों को बताया कि यात्री बार-बार किराया बढ़ने से नाखुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर केंद्र सरकार को किराया बढ़ोतरी के लिए दोषी ठहराकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। तेजस्वी सूर्या ने यह भी कहा कि घाटे की भरपाई का बोझ सीधे यात्रियों पर डालना गलत है और सिद्दारमैया सरकार को पहले अपने खर्च और सिस्टम को सुधारना चाहिए।

तेजस्वी सूर्या ने मौजूदा समिति की गणनाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए किराया निर्धारण समिति के गठन की भी माँग की। इसके अलावा उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी बात की और किराया बढ़ोतरी को तुरंत रोकने की माँग की।

इस पर मनोहर लाल खट्टर ने अधिकारियों को मेट्रो के किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी को अस्थायी रूप से रोक देने का निर्देश दिया और समिति के निष्कर्षों की व्यक्तिगत समीक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सिद्दारमैया सरकार औपचारिक अनुरोध करती है तो एक नई समिति पर विचार किया जा सकता है।

सिद्दारमैया सरकार की पुलिस ने तेजस्वी सूर्या को हिरासत में लिया

इतना ही नहीं सोमवार (09 फरवरी 2026) को बेंगलुरु के आरवी रोड मेट्रो स्टेशन के बाहर किराया बढ़ोतरी के खिलाफ खाली डिग्गी लेकर प्रदर्शन करते हुए तेजस्वी सूर्या को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस पर तेजस्वी सूर्या ने एक्स पर लिखा, “मुझे गिरफ्तार करने से मेरी आवाज नहीं दबेगी! यह शर्मनाक है कि कॉन्ग्रेस सरकार ने मुझे सच उजागर करने के लिए गिरफ्तार किया। यह एक ‘खाली डिग्गी’ सरकार है।”

उन्होंने आगे कहा, “कर्नाटक की आर्थिक स्थिति खराब है, और किराए और बढ़ती लागत के रूप में इसकी कीमत चुका रहे हैं। अब कोई बहाना नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री को बजट में ‘व्हाइट पेपर’ प्रश्तुत करना होगा और एक सवाल का जवाब देना होगा- राज्य की वित्तीय स्थिति इतनी कमजोर क्यों है, जैसा कि आपने FFC के समक्ष स्वीकार किया था?”

तेजस्वी ने सवाल पूछा, “कर्नाटक में महँगाई क्यों बढ़ती जा रही है? राज्य में कीमतें प्रतिदिन क्यों बढ़ रही हैं?” उन्होंने आगे कहा, “वित्तीय स्थिति सुधारें, मेट्रो को दी जाने वाली अप्रत्यक्ष वित्तीय सहायता बहाल करें और मेट्रो का किराया अपने आप कम हो जाएगा। इसके अलावा कुछ भी कहना छल है।”

कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार का पक्ष

वहीं कर्नाटक की सिद्दारमैया सरकार ने मेट्रो किराया बढ़ाने के फैसले को केंद्र सरकार पर थोपने की कोशिश की। सरकार का कहना है कि यह फैसला सीधे राज्य सरकार का नहीं है। कॉन्ग्रेस सरकार के मुताबिक, बेंगलुरु मेट्रो का किराया एक तय नियम और प्रक्रिया के तहत फेयर फिक्सेशन कमेटी (Fare Fixation Committee) की सिफारिशों से तय होता है। इसमें राज्य सरकार की सीधी भूमिका नहीं होती।

सरकार का कहना है कि मेट्रो के संचालन और किराया निर्धारण की जिम्मेदारी BMRCL और केंद्र सरकार से जुड़े नियमों के दायरे में आती है। इसीलिए कॉन्ग्रेस सरकार पर किराया बढ़ाने का आरोप लगाना गलत है। कर्नाटक सरकार ने यह भी कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है और जनता में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है।

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पूजा राणा
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