जब राजीव गाँधी ने निजी मनोरंजन के लिए युद्धपोत ‘विराट’ का किया इस्तेमाल, साथ में थे ससुराल के लोग

राजीव गाँधी की पूरी कोशिश थी कि प्रेस उनसे दूर रहे लेकिन इंडियन एक्सप्रेस के फ़ोटोग्राफ़र ने कई तस्वीरें निकाल लीं। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS विराट का इस्तेमाल हुआ, जो कि आश्चर्यजनक बात है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जब आज रामलीला मैदान की रैली में यह जानकारी दी कि भारत के मुख्य युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल राजीव गाँधी ने अपने निजी मनोरंजन और छुट्टियों के लिए किया तो बहुत लोगों को लगा कि यह एक जुमला है। लेकिन भाषण के थोड़ी ही देर में इंटरनेट पर इंडिया टुडे की एक स्टोरी शेयर की गई जिसमें राजीव गाँधी के कथित मनोरंजक छुट्टियों की पूरी जानकारी विस्तृत रूप से दी गई है।

इंडिया टुडे मैगजीन की जनवरी 31, 1988 की एक रिर्पोट के अनुसार, अनिता प्रताप ने इस पूरे ‘हॉलीडे’ का ब्यौरा दिया है। उन्होंने लिखा है कि राजीव गाँधी की पूरी कोशिश थी कि प्रेस उनसे दूर रहे लेकिन इंडियन एक्सप्रेस एवं बाकी मीडिया के फ़ोटोग्राफ़र ने कई तस्वीरें निकाल लीं। रिपोर्ट के अनुसार भारतीय नौसेना के युद्धपोत का इस्तेमाल हुआ, जो कि आश्चर्यजनक बात है।

द्वीप के उस हिस्से को बहुत ही सावधानी से चुना गया था जहाँ मीडिया की पहुँच आसान नहीं थी। मीडिया को दूर रखने का भरपूर प्रयास किया गया था। लेकिन द्वीप का वह छोटा हिस्सा 26 दिसंबर 1987 को तब सुर्खियों में आया, जब राजीव के बेटे राहुल गाँधी ने चार दोस्तों के साथ नारंगी और सफेद रंग की लक्षद्वीप प्रशासन के हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी। मीडिया को दूर रखने के लाख प्रयासों के बावजूद भी आमंत्रितों की सूची ने खुद ही खबर बना दी।

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मेहमानों की सूची में राहुल और प्रियंका के चार दोस्त, सोनिया गाँधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी, उनकी विधवा माँ आर. मैनो, उनके भाई और एक मामा शामिल थे। साथ ही पूर्व सांसद अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया और उनके बच्चे अभिषेक और श्वेता भी मौजूद थे। अमिताभ के भाई अजिताभ की बेटी, जिनकी विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम के संदिग्ध उल्लंघन के लिए जाँच की जा रही थी, वह भी साथ में गई थी। इसके आलावा अन्य भारतीय मेहमानों में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण सिंह के भाई बिजेंद्र सिंह की पत्नी और बेटी थीं। दो अन्य विदेशियों ने भी इस पार्टी की शान बढ़ाई।

आज कल राजीव गाँधी गलत कारणों से इस लोकसभा चुनाव का हिस्सा बन गए हैं। राहुल गाँधी के ‘चौकीदार चोर है’ नारे के जवाब में जब से मोदी ने राजीव गाँधी को ‘भ्रष्टाचारी नंबर वन’ कहा है, तब से मधुमक्खियों के छाते में ढेला मारने जैसी स्थिति हो गई है। लगातार बयानबाज़ी चल रही है जिसमें कॉन्ग्रेस और उसके समर्थक राजीव गाँधी को महान बताने में लगे हुए हैं, वहीं भाजपा वाले हर रोज राजीव गाँधी के कोई कारनामे को बाहर ले आते हैं।

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