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‘राजनीति के भगवान हैं PM नरेंद्र मोदी’: कौन है वो ‘सुप्रीम स्टार’ जिसने केरल में पहली बार लहराया भगवा, बोले – चमत्कार तो होना ही था

सुरेश गोपी अपने छात्र जीवन में वामपंथी संगठन SFI के लिए सक्रिय रहे हैं। वो त्रिशूर से 2019 में लोकसभा और 2021 में विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। 2021 में मात्र 3806 वोटों से उनकी हार हुई थी।

दक्षिण भारतीय राज्य केरल में पहली बार भगवा लहराया है। मलयालम फिल्मों के दिग्गज अभिनेता सुरेश गोपी केरल के मध्य में स्थित त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर सांसद चुन लिए गए हैं। यहाँ भाजपा के पक्ष में माहौल बनना बहुत बड़ी बात है, क्योंकि त्रिशूर जिले की बात करें तो राज्य का लगभग 13% क्षेत्रफल और 9% जनसंख्या इसके हिस्से आती है। ये पहली बार हो रहा है जब केरल में भाजपा का कोई सांसद जीता है, राज्य में आने वाले विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को इसका फायदा मिलेगा।

खबर लिखे जाने तक भाजपा के सुरेश गोपी ने 4.12 लाख वोट हासिल किए थे, जबकि राज्य के सत्ताधारी पार्टी CPI के उनके प्रतिद्वंद्वी VS सुनीलकुमार 3.37 लाख वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहें। वहीं कॉन्ग्रेस के K मुरलीधरन को 3.28 लाख वोट मिले और वो तीसरे स्थान पर रहे। सुरेश गोपी इस तरह लगभग 75,000 वोटों से आगे हैं। 66 वर्षीय सुरेश गोपी पिछले 38 वर्षों से मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिल चुका है।

सुरेश गोपी ने इस विजय के बाद स्पष्ट कहा कि ये चमत्कार आसन्न था। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ त्रिशूर ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विकास के लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है ये चमत्कार है, तो चमत्कार तो होना ही था। उन्होंने कहा कि इस जीत का प्रभाव आने वाले चुनावों में भी देखने को मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘राजनीतिक भगवान’ करार दिया, साथ ही उन्हें और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को अपना सुपरहीरो बताया।

सुरेश गोपी 2006 के बाद से फिल्म इंडस्ट्री में कम सक्रिय हैं, लेकिन वो फ़िल्में करते रहते हैं। 2016-2022 तक वो राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा सांसद भी रहे हैं। जनवरी 2024 में उनकी बेटी की शादी में आशीर्वाद देने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुँचे थे। वो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मलयालम वर्जन का 6 सीजन भी होस्ट कर चुके हैं। सुरेश गोपी अपने छात्र जीवन में वामपंथी संगठन SFI के लिए सक्रिय रहे हैं। वो त्रिशूर से 2019 में लोकसभा और 2021 में विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। 2021 में मात्र 3806 वोटों से उनकी हार हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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