Wednesday, September 29, 2021
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यूपी के बेस्ट सीएम उम्मीदवार हैं योगी आदित्यनाथ, प्रियंका गाँधी सबसे फिसड्डी, 62% ने कहा ब्राह्मण भाजपा के साथ: सर्वे

जब राज्य के ब्राह्मण वोटों को लेकर सवाल पूछे गए तब 64% लोगों ने माना कि आगामी विधानसभा चुनावों में ब्राह्मण समुदाय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा का समर्थन करेगा। वहीं, 12% लोगों का मानना था कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 से पहले कॉन्ग्रेस ब्राह्मण समुदाय को लुभा सकती है।

अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। चुनाव से कुछ महीने पहले मतदाताओं का मिजाज जानने के लिए Matrise News Communication नामक की एक निजी कंपनी ने किया है। इस सर्वे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री बताया गया है, जबकि कॉन्ग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गाँधी सबसे निचले पायदान पर रहीं।

सर्वे के अनुसार, प्रदेश के 43% लोगों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री के रूप में दोबारा देखना चाहते हैं, जबकि 14% लोगों ने प्रियंका गांधी के पक्ष में अपना समर्थन जाहिर किया। वहीं, राज्य के दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) के सुप्रीमो अखिलेश यादव के पक्ष में क्रमशः 21% और 20% लोगों ने अपना वोट दिया।

सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 46% लोगों ने राज्य का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वाला मुख्यमंत्री बताया है। वहीं, 28% वोटों के साथ बसपा की मायावती दूसरे और 22% वोटों के साथ अखिलेश यादव तीसरे स्थान हैं।

सर्वे में शामिल लोगों से कोविड-19 महामारी से संबंधित उनकी राय ली गई। इस दौरान 45% लोगों ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर से लड़ने में योगी आदित्यनाथ के प्रयास से वे ‘बहुत अधिक संतुष्ट’ हैं, जबकि 28% लोगों ने ‘कुछ हद तक संतुष्ट’ बताया। कुल मिलाकर 73% लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी कोविड-19 की दूसरी लहर को सँभालने में सफल रहे।

इसके अलावा, कई अन्य मानदंड भी थे, जिनके आधार पर सर्वे किया गया। इनमें से एक दलित वोट से जुड़े सवाल भी थे। सर्वे में शामिल लोगों से जब ‘दलित वोटरों का पार्टीवार मतदान रुझान’ के बारे में पूछा गया तो इसमें मायावती की बसपा को थोड़ी बढ़त मिली। वहीं, 43% लोगों ने महसूस किया कि दलित भाजपा को एक विकल्प के रूप में देख रहे हैं, जबकि 45% लोगों ने बसपा के पक्ष में मतदान किया।

इसके अलावा, जब लोगों से पूछा गया कि ‘क्या भाजपा से दलित नाखुश हैं’, इसके पक्ष में 42% लोगों ने उत्तर दिया।

इसी तरह, जब राज्य के ब्राह्मण वोटों को लेकर सवाल पूछे गए तब 64% लोगों ने माना कि आगामी विधानसभा चुनावों में ब्राह्मण समुदाय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा का समर्थन करेगा। वहीं, 12% लोगों का मानना था कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 से पहले कॉन्ग्रेस ब्राह्मण समुदाय को लुभा सकती है। वहीं, 62% लोगों ने अगले विधानसभा चुनावों में ब्राह्मण वोटरों की भाजपा से नाराजगी को सिरे से नकार दिया।

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संबंध में पूछे जाने पर 52% यानि आधे से अधिक लोगों ने माना कि योगी आदित्यनाथ सरकार की सरकार में महिलाओं की सुरक्षा तुलनात्मक रूप से बेहतर रही। वहीं, 34% लोगों ने महसूस किया कि बसपा शासन में महिलाएँ अधिक सुरक्षित रहीं, जबकि 12% ने अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी की सरकार के पक्ष में मतदान किया।

सर्वे में उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटों को लेकर भी सवाल किया गया। सवाल पूछा गया कि ‘कोविड की दूसरी लहर के बाद जुलाई 2021 में अगर उत्तर प्रदेश में आज ही लोकसभा चुनाव हों तो आप किस पार्टी को अपना मत देंगे?, तो 48% लोगों ने भाजपा को वोट देने की बात कही। इस हिसाब से उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 62-65 सीटों पर भाजपा की जीत बताई गई।

दरअसल, 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आने के बाद योगी आदित्यनाथ को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था। इस दौरान विधानसभा की कुल 403 सीटों में से भाजपा ने 319 सीटें जीती थीं। वहीं, दो मुख्य विपक्षी पार्टियाँ सपा और बसपा को क्रमश: 47 और 19 सीटें ही मिली थीं। इस बीच, कांग्रेस पार्टी ने बमुश्किल 7 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी इज्जत बचा पाई थी।

 

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