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‘इसे ज़िंदा जला कर मार डालो’: फतवों के बावजूद मुस्लिम महिला ने गणपति पूजा के बाद किया विधिवत विसर्जन, मौलानाओं ने कहा था – इसे इस्लाम से ख़ारिज करो

"इसको इस्लाम से खारिज करो और परिवार को जिंदा जला कर मार डालो - इस तरह की धमकियाँ आने लगी। बाहर निकलती हूँ तो उलटी-सीधी कमेंटबाजी की जाती है कि हिंदू जा रही है।"

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की रहने वाली एक मुस्लिम महिला रूबी खान ने बुधवार (7 सितंबर, 2022) को विधिवत गणपति विसर्जन किया। इससे पहले गणेश चतुर्थी के अवसर पर पूजा करने के बाद उन्हें मौलानाओं द्वारा फतवा भी दिया गया था। इसके बावजूद भी उन्हें नरोरा घाट पर बप्पा का विसर्जन किया। इस दौरान उन्होंने तमाम मौलानाओं से यह भी कहा कि वे इन फतवों से नहीं डरती हैं।

इस दौरान रूबी खान ने कहा,

“हमने गणपति स्थापित किया था, आज उनका विसर्जन कर रहे हैं। मैंने भगवान गणेश की मूर्ति 31 तारीख को स्थापित की थी, तभी से मौलानाओं ने मेरे ऊपर ये फतवा जारी कर दिया कि ये हिंदू बन चुकी है, इसने अपने यहाँ मूर्ति रख ली है। इसको इस्लाम से खारिज करो और परिवार को जिंदा जला कर मार डालो – इस तरह की धमकियाँ आने लगी। बाहर निकलती हूँ तो उलटी-सीधी कमेंटबाजी की जाती है कि हिंदू जा रही है ,लेकिन मुझे फतवा से और मौलानाओं से कोई डर नहीं है। मैंने जिस तरीके से धूमधाम से गणपति की स्थापना की थी, उसी धूमधाम से विसर्जन करने जा रही हूं।”

रूबी खान ने गणपति विसर्जन को लेकर ये कहा

बताया जा रहा है कि गणेश विसर्जन के दौरान रूबी खान के पति आसिफ खान और उनकी दोनों बहनें फराह एवं निदा भी मौजूद रहीं। वहीं महिला की सुरक्षा की बात करें तो अलीगढ़ पुलिस ने रूबी आसिफ खान के साथ दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। ये पुलिसकर्मी अलीगढ़ से लेकर बुलंदशहर तक रूबी आसिफ खान के साथ ही रहने वाले हैं।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले जब रूबी खान ने अपने घर में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित की थी, तब उनके खिलाफ कुछ मौलानाओं ने फतवा जारी कर दिया था। इसमें यह कहा गया कि इस्लाम में मूर्ति पूजा की पाबंदी है, ऐसे में मूर्ति घर में लाना उसकी इबादत और पूजा करना, ये इस्लाम के खिलाफ है, जो रूबी ने किया है, इसलिए उन्हें इस्लाम से बेदखल कर देना चाहिए। फतवा जारी होने के बाद रूबी खान ने उन मौलवियों को उग्रवादी तक घोषित कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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