‘समुदाय विशेष के प्रति विरोध पैदा करने के लिए करवाई Air Strike, यह भारत में हुआ था, Pak में नहीं’

"मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए जो भी क़दम उठाए, इसका यह मतलब नहीं है कि भारत ने पाकिस्तान के अन्दर प्रवेश किया। लेकिन मैं आपको बता दूँ कि ऐसा कुछ भी नहीं है।"

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने बालाकोट में भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक को लेकर बेतुका बयान दिया है। एनसीपी सुप्रीमो ने कहा कि यह एयर स्ट्राइक पाकिस्तान में नहीं, बल्कि कश्मीर में हुई थी। शरद पवार का यह बयान ग़लत है क्योंकि बालाकोट पाकिस्तान के मनसेहरा जिले में आता है। मनसेहरा जिला पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रान्त के अंतर्गत आता है। अतः, पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने बालाकोट एयर स्ट्राइक को कश्मीर में बता कर ग़लती की है। पवार ने इस दौरान ‘सांस्कृतिक सम्प्रदायवाद’ की बात करते हुए कहा कि इससे भाजपा को फायदा पहुँचा है।

शरद पवार एनसीपी के दफ्तर से फेसबुक पर लाइव थे और अपनी बात रख रहे थे। शरद पवार ने इस दौरान कहा:

“मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए जो भी क़दम उठाए, इसका यह मतलब नहीं है कि भारत ने पाकिस्तान के अन्दर प्रवेश किया। लोगों को नियंत्रण रेखा और उस क्षेत्र के बारे में कोई समझ नहीं है। यही वजह है कि उन्हें लगता है कि भारत ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई की थी। लेकिन मैं आपको बता दूँ कि ऐसा कुछ भी नहीं है। यह सब सिर्फ एक विशेष समुदाय के प्रति विरोध पैदा करने के लिए किया गया था। इसने लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी फायदा भी पहुँचाया।”

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

बता दें कि बालाकोट एयर स्ट्राइक पुलवामा हमले के बदले के रूप में किया गया था। पुलवामा में पाकिस्तान समर्थित इस्लामिक आतंकियों द्वारा प्रायोजित आत्मघाती हमले में 40 सीआरपीएफ जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। हमले में जैश का नाम सामने आने के बाद भारत ने बालाकोट में स्थित जैश के सबसे बड़े कैम्प पर प्रहार किया और वायुसेना की इस कार्रवाई में कई आतंकियों के मारे जाने की ख़बर आई। इस कार्रवाई के बाद पीएम मोदी ने कहा था कि भारत अब पहले वाला भारत नहीं है बल्कि अब अपनी रक्षा के लिए ‘घर में घुस कर मारने’ वाला भारत है।

महाराष्ट्र में शरद पवार की एनसीपी और कॉन्ग्रेस का गठबंधन हालिया लोकसभा चुनाव में बुरी तरह फ्लॉप रहा। गठबंधन को 48 में से मात्र 5 सीटों पर जीत मिली। इसके बाद से एनसीपी सुप्रीमो लगातार आत्ममंथन में लगे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संघ से सीखने की सलाह भी दी थी और मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि पवार अब चुनाव प्रचार के लिए संघ वाली रणनीति ही अपनाने वाले हैं। महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस की हालत भी पतली है और कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष अशोक चव्हान के ख़िलाफ़ बगावती सुर उठ रहे हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई (बार एन्ड बेच से साभार)
"पारदर्शिता से न्यायिक स्वतंत्रता कमज़ोर नहीं होती। न्यायिक स्वतंत्रता जवाबदेही के साथ ही चलती है। यह जनहित में है कि बातें बाहर आएँ।"

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

112,346फैंसलाइक करें
22,269फॉलोवर्सफॉलो करें
116,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: