Homeराजनीति'सरकारी खजाने पर बोझ हैं सिद्धू, सैलरी ले रहे हैं पर काम नहीं कर...

‘सरकारी खजाने पर बोझ हैं सिद्धू, सैलरी ले रहे हैं पर काम नहीं कर रहे’

"अगर वह (सिद्धू) काम नहीं करना चाहते तो किसी और को काम सौंपा जाना चाहिए, और अगर वह सिर्फ सैलरी ले रहे हैं और सुविधाओं का लुत्फ उठा रहे हैं तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए।"

पंजाब की सियासत में नवजोत सिंह सिद्धू का नाम लगातार उछलता रहा है, लेकिन इस बार कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनकी अनबन खुलकर सामने आ गई है। जानकारी के मुताबिक पंजाब सरकार द्वारा सिद्धू का मंत्रालय बदले जाने के बाद से सिद्धू ने अपने जिम्मेदारी अभी तक नहीं संभाली है। जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी के महासचिव ने राज्यपाल को उनके ख़िलाफ़ चिट्ठी भी लिखी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि सिद्धू बिना सरकारी कार्य किए सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं और सरकारी खजाने पर बोझ बन गये हैं।

भाजपा ने सिद्धू के इस रवैये को जनता का अपमान बताते हुए चिट्ठी लिखी। जिसमें महासचिव तरुण चुघ ने राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से कहा है, “सिद्धू और सीएम के बीच विवाद ने संवैधानिक संकट पैदा कर दिया है। एक महीने से अधिक समय बीत गया, मंत्री ने शपथ तो ले ली, लेकिन कोई काम नहीं किया।”

दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू इस समय मंत्रालय बदले जाने से काफी नाराज हैं। बीते 06 जून को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सिद्धू से शहरी निकाय के साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग वापस ले लिए थे और उन्हें ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा था।

तरुण चुघ का आरोप है कि सिद्धू सैलरी तो ले रहे हैं, लेकिन कोई काम नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और मंत्री के अनबन का नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है, इसलिए उन्होंने गवर्नर से पंजाब के हक में फैसला सुनाने की अपील की है।

चुघ के मुताबिक, अगर वह (सिद्धू) काम नहीं करना चाहते तो किसी और को काम सौंपा जाना चाहिए, और अगर वह सिर्फ सैलरी ले रहे हैं और सुविधाओं का लुत्फ उठा रहे हैं तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘The Wire’ ने दिखाई भारतीय सेना के लिए घृणा, अली अहमद ने ‘हिंदी और हिंदुत्व’ के बहाने फैलाया हिंदू विरोधी एजेंडा: आर्मी के ‘हिंदूकरण’...

'The Wire' में अली अहमद का असली मकसद सेना को बदनाम करना है। क्योंकि सेना इनके मनमुताबिक बनी नकली धर्मनिरपेक्षता की बातों को नहीं मानती हैं।

आर्टिकल 370 हटने के समय संभाली J&K में कमान, आतंकी नेटवर्क की तोड़ी कमर: जानिए कौन हैं वो ‘डॉक्टर’ महेश दीक्षित, जिन्हें मोदी सरकार...

महेश दीक्षित पहले पेशे से डॉक्टर थे, देशसेवा के लिए वो पुलिस सर्विस में आए और अब उन्हें उनका अनुभव व योगदान देखते हुए आईबी का प्रमुख चुना गया है।
- विज्ञापन -