Sunday, April 18, 2021
Home बड़ी ख़बर कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने माना- सुश्रुत थे प्लास्टिक सर्जरी के जनक

कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने माना- सुश्रुत थे प्लास्टिक सर्जरी के जनक

महर्षि विश्वामित्र के वंश से ताल्लुक़ रखने वाले सुश्रुत को 'फादर ऑफ सर्जरी' कहा जाता है। आज भी सर्जरी की बुनियादी किताबों में सुश्रुत के ऊपर पूरा अध्याय मिल जाता है।

प्राचीन भारतीय विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए एक बहुत ही अच्छी ख़बर है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने ये माना है कि प्लास्टिक सर्जरी की जड़ें भारत में है। आज के युग में प्लास्टिक सर्जरी का ख़ासा चलन है। हॉलीवुड के बड़े अभिनेता-अभिनेत्रियों से लेकर प्रसिद्ध खिलाड़ियों तक- कई सेलेब्रिटीज़ आज करोड़ों रुपए ख़र्च कर प्लास्टिक सर्जरी करवाते हैं ताकि वो और आकर्षक दिख सकें। लोग अपनी नाक, होंठ या गाल की संरचना में इच्छानुसार बदलाव लाने के लिए भी प्लास्टिक सर्जरी का ही सहारा लेते हैं। आज प्लास्टिक सर्जरी का बाज़ार इतना विशाल और व्यापक है कि सिर्फ अमेरिका में एक साल में इस पर 16 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा ख़र्च किए जाते हैं।

ऐसे में अगर कोई आपको कहे कि प्लास्टिक सर्जरी की उत्पति भारत में हुई थी, तो आप एक पल के लिए चौंक जाएँगे क्योंकि ये बात न हमारे स्कूली सिलेबस में पढ़ाई जाती है और न ही आम लोगों को इस बारे में ज्यादा पता है। लेकिन प्राचीन भारत में कई सारी ऐसी चीजें है जिन पर हम गर्व कर सकते हैं। दरअसल, कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने ‘मेडिसिन का इतिहास’ (History of medicine) के अंतर्गत एक रिपोर्ट प्रकाशित किया है जहाँ प्राचीन भारत में प्लास्टिक सर्जरी और इसके द्वारा नाक की संरचना में बदलाव कराए जाने की बात कही गई है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है:

“क्या प्लास्टिक सर्जरी एक मॉडर्न लक्ज़री है? यह पता चला है कि कॉस्मेटिक और पुनर्संरचनात्मक प्रक्रियाओं की जड़ें 2500 से भी अधिक वर्ष पीछे जाती हैं। यह एक सामान्य गलत धारणा है कि ‘प्लास्टिक सर्जरी’ में ‘प्लास्टिक’ एक कृत्रिम सामग्री को संदर्भित करता है जब यह वास्तव में ग्रीक शब्द, प्लास्टिकोस से निकलता है, जिसका अर्थ “ढालना” या “रूप देना है।”

कोलंबिया यूनिवर्सिटी भारत को इस खोज का श्रेय देते हुए कहा कि छठी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान, सर्जरी के जनक के रूप में प्रसिद्ध सुश्रुत नाम के एक भारतीय चिकित्सक ने चिकित्सा और शल्य चिकित्सा पर दुनिया के शुरुआती कार्यों में से एक लिखा था। सुश्रुत के महान योगदान की पुष्टि करते हुए कोलंबिया यूनिवर्सिटी आगे कहती है:

“सुश्रुत संहिता ने 1100 से भी अधिक बीमारियों के निदान बताए, सैकड़ों औषधीय पौधों के उपयोग को समझाया और सर्जरी के कई सारे तौर-तरीक़ों को समझाया। इनमे तीन प्रकार के त्वचा-ग्राफ्ट और नाक का पुनर्निर्माण भी शामिल है। सुश्रुत का ग्रंथ एक फोरहेड फ्लैप राइनोप्लास्टी का पहला लिखित रिकॉर्ड प्रदान करता है। यह एक ऐसी तकनीक है जो आज भी उपयोग की जाती है। इस से माथे के त्वचा की पूरी मोटाई का टुकड़ा नाक को फिर से बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।”

बता दें कि महर्षि विश्वामित्र के वंश से ताल्लुक़ रखने वाले सुश्रुत को ‘फादर ऑफ सर्जरी’ कहा जाता है। उनके द्वारा लिखे गए ग्रन्थ सुश्रुत संहिता को आयुर्वेद का मूलभूत टेक्स्ट माना जाता है। इतिहासकारों का मानना है कि इसे छठी शताब्दी ईसापूर्व में लिखा गया था, यानी कि आज से करीब 2500 साल पहले। आपको अगर उनके योगदान के बारे में और पढ़ना है तो आप इस रिसर्च जर्नल के कुछ हिस्से यहाँ पढ़ सकते हैं। वामपंथी इतिहासकार इरफान हबीब ने अपनी पुस्तक A People’s History of India 20 – Technology in Medieval India, c. 650–1750 में लिखा है कि भारत में ऐसे सर्जन हुआ करते थे जो जाँघ या गाल का मांस काटकर प्लास्टिक सर्जरी करते थे।

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद ये पता चलता है कि आजकल विश्व में कई सारी ऐसी प्रसिद्ध तकनीक है, जिस की जड़ें प्राचीन भारत में हैं। महाभारत ग्रन्थ में भी सुश्रुत का ज़िक्र किया गया है और उन्हें विश्वामित्र का पुत्र बताया गया है। आज दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा भाग प्लास्टिक्स सर्जरी के बाज़ार पर निर्भर है। कई देशों से लोग प्लास्टिक सर्जरी कराने के लिए दक्षिण कोरिया का रुख करते हैं। ऐसे में इस सवाल का उठना लाज़िमी है कि क्या भारत अपने धरोहरों की सही तरीके से पहचान नहीं कर पाया? या फिर, हम अपने ही द्वारा खोजी गई तकनीकों को पूरी तरह से उपयोग में लाने और उनका प्रचार-प्रसार करने में विफल हो गए?

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में रेप के कई आरोप… लेकिन कॉन्ग्रेसी अखबार के लिए UP में बेटियाँ असुरक्षित?

सच्चाई ये है कि कॉन्ग्रेस के लिए दुष्कर्म अपराध तभी तक है जब तक वह उत्तर प्रदेश या भाजपा शासित प्रदेश में हो।

जिसके लिए लॉजिकल इंडियन माँग चुका है माफी, द वायर के सिद्धार्थ वरदाराजन ने फैलाई वही फेक न्यूज: जानें क्या है मामला

अब इसी क्रम में सिद्धार्थ वरदाराजन ने फिर से फेक न्यूज फैलाई है। हालाँकि इसी फेक न्यूज के लिए एक दिन पहले ही द लॉजिकल इंडियन सार्वजनिक रूप से माफी माँग चुका है।

कोरोना संकट में कोविड सेंटर बने मंदिर, मस्जिद में नमाज के लिए जिद: महामारी से जंग जरूरी या मस्जिद में नमाज?

मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते बीएमसी के प्रमुख अस्पतालों में बेड मिलना एक बड़ी चुनौती बन गई है। मृतकों का आँकड़ा भी डरा रहा है। इस बीच कई धार्मिक स्थल मदद को आगे आ रहे हैं और मुश्किल समय में इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

‘Covid के लिए अल्लाह का शुक्रिया, महामारी ने मुसलमानों को डिटेन्शन कैंप से बचाया’: इंडियन एक्सप्रेस की पूर्व पत्रकार इरेना अकबर

इरेना अकबर ने अपने बयान कहा कि मैं इस तथ्य पर बात कर रही हूँ कि जब ‘फासीवादी’ अपने प्लान बना रहे थे तब अल्लाह ने अपना प्लान बना दिया।

PM मोदी की अपील पर कुंभ का विधिवत समापन, स्वामी अवधेशानंद ने की घोषणा, कहा- जनता की जीवन रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता

पीएम मोदी ने आज ही स्वामी अवधेशानंद गिरी से बात करते हुए अनुरोध किया था कि कुंभ मेला कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अब केवल प्रतीकात्मक होना चाहिए।

TMC ने माना ममता की लाशों की रैली वाला ऑडियो असली, अवैध कॉल रिकॉर्डिंग पर बीजेपी के खिलाफ कार्रवाई की माँग

टीएमसी नेता के साथ ममता की बातचीत को पार्टी ने स्वीकार किया है कि रिकॉर्डिंग असली है। इस मामले में टीएमसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर भाजपा पर गैरकानूनी तरीके से कॉल रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

सोशल मीडिया पर नागा साधुओं का मजाक उड़ाने पर फँसी सिमी ग्रेवाल, यूजर्स ने उनकी बिकनी फोटो शेयर कर दिया जवाब

सिमी ग्रेवाल नागा साधुओं की फोटो शेयर करने के बाद से यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। उन्होंने कुंभ मेले में स्नान करने गए नागा साधुओं का...

जहाँ इस्लाम का जन्म हुआ, उस सऊदी अरब में पढ़ाया जा रहा है रामायण-महाभारत

इस्लामिक राष्ट्र सऊदी अरब ने बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच खुद को उसमें ढालना शुरू कर दिया है। मुस्लिम देश ने शैक्षणिक क्षेत्र में...

बेटी के साथ रेप का बदला? पीड़ित पिता ने एक ही परिवार के 6 लोगों की लाश बिछा दी, 6 महीने के बच्चे को...

मृतकों के परिवार के जिस व्यक्ति पर रेप का आरोप है वह फरार है। पुलिस ने हत्या के आरोपित को हिरासत में ले लिया है।

’47 लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार सिर्फ मेरे क्षेत्र में’- पूर्व कॉन्ग्रेसी नेता और वर्तमान MLA ने कबूली केरल की दुर्दशा

केरल के पुंजर से विधायक पीसी जॉर्ज ने कहा कि अकेले उनके निर्वाचन क्षेत्र में 47 लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार हुईं हैं।

कोरोना का इस्तेमाल कर के राम मंदिर पर साधा निशाना: AAP की IT सेल वाली ने करवा ली अपने ही नेता केजरीवाल की बेइज्जती

जनवरी 2019 में दिल्ली के मस्ज़िदों के इमामों के वेतन को ₹10,000 से बढ़ा कर ₹18,000 करने का ऐलान किया गया था। मस्जिदों में अज़ान पढ़ने वाले मुअज़्ज़िनों के वेतन में भी बढ़ोतरी कर इसे ₹9,000 से ₹16,000 कर दिया गया था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,237FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe