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GSI का दावा, सोनभद्र में मिले स्वर्ण अयस्क से निकल सकेगा महज 160 किलो सोना

डॉ. तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में और सोना मिलने की संभावना से अभी इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन अभी जो अयस्क मिला है, उससे 160 किलो सोना ही निकलेगा। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 52806.25 टन स्वर्ण अयस्क होने की बात कही गई है, न कि शुद्ध सोना।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जिस विशाल स्वर्ण अयस्क भण्डार मिलने की खबर सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया में खूब जोरों से चर्चा का विषय रही उस पर GSI ने स्पष्टीकरण जारी किया है। जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) ने शनिवार (फरवरी 22, 2020) को दावा किया है कि सोनभद्र की खदान में सिर्फ 160 किलो सोना मिला है और 3000 टन सोना निकलने की बात अफवाह मात्र है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, GSI के निदेशक डॉ. जीएस तिवारी ने बताया कि सोनभद्र की खदान में 3000 टन सोना होने की बात GSI नहीं मानता है। हालाँकि तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में सोने की तलाश अभी भी जारी है और वहाँ जीएसआई का सर्वे अभी चल रहा है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में सोनभद्र के जिलाधिकारी से भूमि संबंधी रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है, उसके बाद क्षेत्र को भूराजस्व मानचित्र पर अंकित कर खनन के लिए उपयुक्त क्षेत्र की आवश्यक औपचारिकता पूरी करते हुए नीलामी की कार्यवाही की जाएगी।

डॉ. तिवारी ने कहा कि सोनभद्र में और सोना मिलने की संभावना से अभी इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन अभी जो अयस्क मिला है, उससे 160 किलो सोना ही निकलेगा। ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में 52806.25 टन स्वर्ण अयस्क होने की बात कही गई है, न कि शुद्ध सोना। इस प्रकार से GSI के दावे के अनुसार सोनभद्र में मिले स्वर्ण अयस्क से प्रति टन मात्र 3.03 ग्राम सोना ही निकल सकेगा।

वर्तमान में भारत में सबसे ज्यादा सोना कर्नाटक की हुत्ती खदान से निकाला जाता है। इस लिहाज से भारत में फिलहाल कर्नाटक ही सोने का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। इसके बाद आंध्रप्रदेश, दूसरा सबसे बड़ा सोना उत्पादक राज्य है। इनके अलावा झारखंड, केरल और मध्यप्रदेश में भी सोना की छोटी-बड़ी खदानें हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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