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पुर्तगाल के समंदर में समाए 250 जहाजों में लदा है खजाना, 1 में ही 22 टन सोना-चाँदी: आर्कियोलॉजिस्ट ने तैयार किया डूब चुके 8620 जहाजों का डाटाबेस, कहा- लूटेरे अंदर ही अंदर कर सकते हैं गायब

पुर्तगाल के समुद्री तट के आसपास लगभग 250 जहाज ऐसे हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि ये जहाज खजाने से भरे हो सकते हैं।

पुर्तगाल के समुद्री तट के पास 250 से अधिक खजाने से भरे जहाजों की खोज ने इतिहास प्रेमियों और पुरातत्वविदों के बीच खलबली मचा दी है। पानी के अंदर पुरातत्व में माहिर अलेक्जेंड्रे मोनटेरो ने हाल ही में एक डेटाबेस तैयार किया है, जिसमें 8,620 जहाजों के डूबने की जानकारी शामिल है। इनमें से लगभग 250 जहाज ऐसे हैं, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि ये जहाज खजाने से भरे हो सकते हैं। ये जहाज मुख्य रूप से पुर्तगाल के मुख्य तट, अज़ोरेस और मदीरा के आसपास पाए गए हैं।

मोनटेरो ने बताया कि पुर्तगाल के ट्रोया क्षेत्र के पास 1589 में डूबे एक स्पेनिश जहाज नोस्सा सेनहोरा दो रोज़ारियो में अकेले 22 टन सोना और चांदी थी। इस जहाज की पूरी कहानी जानने के लिए उन्होंने गहरा शोध किया और यहाँ तक कि जहाज के कप्तान की माँ का नाम भी खोज निकाला। उनके अनुसार, पुर्तगाल के इतिहास में कई ऐसे जहाज हैं जो समुद्र की गहराई में खजाने के साथ दफन हैं।

बता दें कि 15वीं और 16वीं शताब्दी में पुर्तगाल एक प्रमुख औपनिवेशिक शक्ति था, जिसने दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और पूर्वी इंडीज में अपने उपनिवेश स्थापित किए थे। समय के साथ इस साम्राज्य के विघटन के बाद ब्राजील, अंगोला और मोजांबिक जैसे स्वतंत्र राष्ट्र बने। इन व्यापार मार्गों पर समुद्री दुर्घटनाओं के कारण कई जहाज समुद्र में डूब गए, जो आज ऐतिहासिक और आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

मोनटेरो ने कहा कि इन जहाजों के बारे में सरकार के पास जानकारी है, लेकिन उनके संरक्षण के लिए कोई योजना नहीं है। उनका कहना है कि इन जहाजों को जल्द या बाद में खोजा जाएगा, खासकर बंदरगाह निर्माण या अन्य परियोजनाओं के दौरान। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि अगर इन खजानों को संरक्षित नहीं किया गया, तो वे लुटेरों के हाथ लग सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुर्तगाल को अपने समुद्री इतिहास की रक्षा के लिए एक ठोस योजना बनानी चाहिए।

मोनटेरो ने खुद कई वर्षों तक समुद्र के अंदर गोता लगाकर इन जहाजों का पता लगाया है। उन्होंने नोस्सा सेनहोरा दा लूज़ नामक जहाज की खोज में चार साल लगाए, जो 1615 में अज़ोरेस के पास डूबा था। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्होंने पहली बार गोता लगाया, उन्हें जहाज का ठिकाना मिल गया। हालाँकि, उन्होंने खजाने की लूट की संभावना को कम बताया, क्योंकि कई जहाज रेत की गहराई में दबे हुए हैं। फिर भी उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन जहाजों के लिए संरक्षण योजना नहीं बनाई गई, तो यह पुर्तगाल की सांस्कृतिक धरोहर के लिए बड़ा नुकसान होगा।

पुरातत्वविद् का कहना है कि इन जहाजों की पहचान केवल पहला कदम है। इन जहाजों की खोज और उनके खजाने को संरक्षित करने के लिए ठोस प्रयासों की जरूरत है। मोनटेरो का मानना है कि अगर समर्पण के साथ प्रयास किया जाए, तो इन जहाजों को खोजने और संरक्षित करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। यह खोज पुर्तगाल के समुद्री इतिहास को गहराई से समझने का मौका देती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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