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‘भारत के साथ काम करने को तैयार’: तवांग में मार खाने के बाद कोरोना से जूझते चीन का होश आया ठिकाने, कहा- सैन्य-कूटनीतिक स्तर पर चल रही बातचीत

चीन इस समय कोरोना के कहर से परेशान है। कोरोना के कारण चीन की आर्थिक हालत भी खराब है। चीन के विकास दर के आंकलन को भी घटा दिया गया है। कोरोना के कारण वहाँ ऐसे हालात हो गए हैं कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड तक उपलब्ध नहीं है। लोगों बगावत पर उतर आए हैं।

अरुणाचल प्रदेश के तवांग (Tawana, Arunachal Pradesh) में भारतीय सैनिकों से मार खाने के बाद चीन (China) ने अब भारत से संबंध सुधारने की गुहार लगाई है। कोरोना (Corona) का कहर झेल रहे चीन ने कहा कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को सामान्य करने की दिशा में काम करना चाहता है।

बता दें कि 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश तवांग सेक्टर में भारत की सेना ने घुसपैठ कर रही चीन को खदेड़ दिया था। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं के कोर कमांडर स्तर की 17वें दौर की बैठक का आयोजन थी। इस दौरान पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की थी।

अब चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार (25 दिसंबर 2022) कहा कि चीन संबंधों के स्थिर और मजबूत विकास के माध्यम से भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। चीनी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देश राजनयिक और सैन्य माध्यमों से संपर्क बनाए हुए हैं।

वांग यी ने कहा, “चीन और भारत ने राजनयिक और सैन्य-से-सैन्य चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखा है और दोनों देश सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम चीन-भारत रिश्ते के स्थिर और मजबूत विकास की दिशा में भारत के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।”

दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा कि भारत और चीन ने 20 दिसंबर को चुशूल-मोल्दो सीमा को लेकर कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। इसमें दौरान पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही दोनों पक्ष आपसी संपर्क में रहने, सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने और जल्द से जल्द शेष मुद्दों के परस्पर स्वीकार्य समाधान पर काम करने पर सहमत हुए हैं।

बता दें कि चीन इस समय कोरोना के कहर से परेशान है। कोरोना के कारण चीन की आर्थिक हालत भी खराब है। चीन के विकास दर के आंकलन को भी घटा दिया गया है। कोरोना के कारण वहाँ ऐसे हालात हो गए हैं कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड तक उपलब्ध नहीं है। लोगों बगावत पर उतर आए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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