Thursday, January 27, 2022
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इधर डोभाल की जय-जय, उधर डैमेज कंट्रोल में जुटा अमेरिकी अमला: रॉ मेटेरियल के साथ भारत का ‘सच्चा साथी’ दिखने की होड़

"इस भयानक कोविड-19 संक्रमण के दौरान ज़रूरी चीजों की अतिरिक्त त्वरित सपोर्ट एवं सप्लाई के लिए अमेरिकी सरकार भारत के साथ मिल कर काम कर रही है। जहाँ हम सहायता भी कर रहे हैं, हम भारत के लोगों के लिए प्रार्थना भी करते हैं, वहाँ के बहादुर स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी।"

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने अपने अमेरिकी समकक्ष जेक सुल्लिवन से बात की। इसके 24 घंटे के भीतर भारतीय डिप्लोमेसी ने कमाल कर दिया और अमेरिका कोरोना वैक्सीन के लिए कच्चा माल देने को राजी हो गया। इसके बाद से डोभाल ट्विटर पर ट्रेंड में हैं और उनके प्रभाव की चौतरफा सराहना हो रही है। दूसरी ओर, रॉ मेटेरियल की सप्लाई रोकने के कारण चौतरफा दबाव में आया अमेरिकी प्रशासन डैमेज कंट्रोल में जुटा हुआ है।

NSA लेवल की वार्ता के बाद खुद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने ट्वीट कर कहा कि जिस तरह से भारत ने अमेरिका को तब सहायता भेजी थी, जब वहाँ के अस्पताल कोरोना की शुरुआती लहर के दौरान ही गहरे तनाव में थे, ठीक उसी तरह ज़रूरत के इस समय में वे भारत की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति, स्टेट सेक्रेटरी और डिप्टी स्टेट सेक्रेटरी, NSA जैसे शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने भी भारत के समर्थन में ट्वीट किया है। हर ट्वीट में त्वरित मदद का आश्वासन और भारत के लोगों के साथ अमेरिका के होने की बात कही गई है।

पहले तो अमेरिका ने भारत को वैक्सीन बनाने के लिए ज़रूरी रॉ मैटेरियल्स की सप्लाई देने से इनकार कर दिया था, वहीं अब वहाँ की पूरी की पूरी सरकार ही डैमेज कंट्रोल मोड में है और राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति, स्टेट सेक्रेटरी और डिप्टी स्टेट सेक्रेटरी के अलावा NSA ने भी भारत के समर्थन में ट्वीट किया। हर ट्वीट में त्वरित मदद का आश्वासन और भारत के लोगों के साथ अमेरिका के होने की बात कही गई।

अमेरिकी NSA जेक सुल्लिवन ने कहा कि उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से बात की है और लगातार बढ़ रहे कोविड-19 संक्रमण के मामलों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों अधिकारियों में एक-दूसरे के करीबी संपर्क में रहने पर सहमति बनी। जेक ने कहा कि अमेरिका इस परिस्थिति में भारत के साथ खड़ा है और हम उसकी सहायता के लिए अधिक संसाधन और सप्लाई उपलब्ध करा रहे हैं।

उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने लिखा, “इस भयानक कोविड-19 संक्रमण के दौरान ज़रूरी चीजों की अतिरिक्त त्वरित सपोर्ट एवं सप्लाई के लिए अमेरिकी सरकार भारत के साथ मिल कर काम कर रही है। जहाँ हम सहायता भी कर रहे हैं, हम भारत के लोगों के लिए प्रार्थना भी करते हैं, वहाँ के बहादुर स्वास्थ्यकर्मियों के लिए भी।” जैसा कि आप देख सकते हैं, अमेरिकी सरकार के नेताओं और अधिकारियों में भारत के समर्थन में ट्वीट्स करने की होड़ सी मची है।

अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंटोनी ब्लिंकेन ने लिखा, “इस भयानक कोविड-19 लहर में हमारा हृदय भारतीयों के साथ है। हम भारत सरकार में अपने साझेदारों के साथ मिल कर काम कर रहे हैं। हम त्वरित रूप से भारत के लोगों और वहाँ के स्वास्थ्य सिस्टम के नायकों को अतिरिक्त सहायता मुहैया कराएँगे।” डिप्टी स्टेट सेक्रेटरी वेंडी आर शरमन ने कहा कि वो विदेश सचिव हर्ष शृंगला और एम्बेसडर तरनजीत सिंह संधू से लगातार संपर्क में हैं।

यूनाइटेड स्टेटस ने थेराप्यूटिक्स, रैपिड डायग्नोसिस टेस्ट किट्स, वेंटिलेटर्स और PPE भी उपलब्ध कराने की भी बात कही है। 2022 के अंत तक भारत में वैक्सीन बनाने वाली BioE कम से कम 100 करोड़ वैक्सीन के डोज का निर्माण कर सके, इसके लिए US का डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DFC) वित्तीय सहायता मुहैया कराएगा। इसके अलावा वहाँ के सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल (CDC) और USAID के विशेषज्ञों की एक टीम भारत के साथ मिल कर काम करेगी।

american officials in damage control mode tweets in support of india after vaccine raw materials export

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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