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जिस आतंकी हमले में 160 मौतें, उसकी झलक भी मुस्लिमों को बर्दाश्त नहीं: अमेरिका में 26/11 की बरसी पर प्रदर्शन, ‘डर-मस्जिद’ का राग अलाप रहे इस्लामवादी

इस ट्रक के साथ कई लोग हाथों में पोस्टर लिए हुए थे। इन पोस्टरों में आतंकी हमले से लड़ कर बलिदान हुए जवानों की तस्वीरें और पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजक बताते हुए चित्र दिखाई दे रहे हैं।

अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने 26/11 के आतंकी हमले की बरसी पर पाकिस्तान के दूतावास पर प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान पाकिस्तान के तमाम वाणिज्यिक सेंटरों पर 26/11 आतंकी हमले का डिस्प्ले दिखाया गया। इस डिस्प्ले को दिखाने के लिए भारतीयों ने एक ट्रक भी बनाया था। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी भी की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस ट्रक में मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों का डिस्प्ले चलाया गया था, वह अमेरिका में कौतूहल का विषय बना रहा। ट्रक पर उन तमाम तस्वीरों के पोस्टर छपे थे जो आतंकी हमले के दौरान सार्वजानिक हुए थे। इसमें एक हिस्से पर लिखा था, “मुंबई 26/11 हम नहीं भूले हैं।” वहीं दूसरे हिस्से पर भी एक बड़ा पोस्टर छपा था। इस पोस्टर में लिखा था, “यह आतंकी हमला सिर्फ मुंबई ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर हुआ था। हत्या के लिए नागरिकों और देशों का चयन किया गया था।”

इस ट्रक के साथ कई लोग हाथों में पोस्टर लिए हुए थे। इन पोस्टरों में आतंकी हमले से लड़ कर बलिदान हुए जवानों की तस्वीरें और पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजक बताते हुए चित्र दिखाई दे रहे हैं। यह ट्रक ह्यूस्टन, शिकागो और न्यूजर्सी स्थित पाकिस्तानी वाणिज्यिक सेंटरों के आस-पास काफी देर तक घूमी।

मुस्लिम संगठनों ने की कार्रवाई की माँग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के मुस्लिम संगठनों ने इसे एक संदिग्ध हरकत बताते हुए जाँच और कार्रवाई की माँग की है। काउंसिल फॉर अमेरिकन इस्लामिक रिलेशन के मुताबिक, इस ट्रक को न्यूजर्सी की मस्जिद के आगे भी रोका गया और विस्फोट के विजुअल चलाए गए। उनके साथ अमेरिकी सीनेटर बॉब मेनेंडेज ने इसे एंटी इस्लामिक और कट्टरता वाली हरकत बताते हुए खुद को मुस्लिमों के साथ खड़ा बताया है। जानकारी के मुताबिक, मामले की जाँच FBI कर रही है।

गौरतलब है कि 26 नवम्बर, 2008 को पाकिस्तान समर्थित लश्कर ए तैय्यबा के आतंकियों ने मुंबई के विभिन्न हिस्सों में अचानक ही हमला बोला था। इसमें होटल और रेलवे स्टेशन भी शामिल थे। इन हमलों में सुरक्षा बलों के जवानों सहित विभिन्न देशों के कुल 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे और 300 के आस-पास संख्या में लोग घायल हुए थे। मृतकों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे। हमले में शामिल आतंकियों को मार गिराया गया था। एक आतंकी अजमल कसाब को गिरफ्तार किया गया था, जिसे बाद में फाँसी दे दी गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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