Monday, July 22, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयएंथनी अल्बनीज अब बनेंगे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री... लेकिन अंडरवियर में वोट डालने क्यों गए...

एंथनी अल्बनीज अब बनेंगे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री… लेकिन अंडरवियर में वोट डालने क्यों गए लोग?

लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बनीज ने जीत हासिल की है। वहीं, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए लिबरल पार्टी के नेता के रूप में इस्तीफा दे दिया है।

ऑस्ट्रेलिया में चुनाव संपन्न हो गए हैं और लेबर पार्टी (Labour Party) के नेता एंथनी अल्बनीज (Anthony Albanese) ने जीत हासिल की है। अल्बनीज अब ऑस्ट्रेलिया के नए पीएम होंगे। वहीं, प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन (Scott Morrison) ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए लिबरल पार्टी (Liberal Party) के नेता के रूप में इस्तीफा दे दिया है।

इस चुनाव में सिर्फ अंडरवियर पहनकर बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलियाई लोगों ने मतदान किया। दरअसल, एक कंपनी ने पेशकश की थी कि जो भी व्यक्ति सिर्फ अंडरवियर पहनकर मतदान करने जाएगा, उसे वह मुफ्त अंडरवियर देगी। इस घोषणा के बाद सैकड़ों लोग आगे आए। सोशल मीडिया पर भी इसे खूब साझा किया गया।

यह घोषणा स्वीमवियर बनाने वाली ऑस्ट्रेलिया की बड़ी कंपनियों में से एक ‘बजी स्मगलर’ (Budgy Smuggler) ने की थी। अपनी घोषणा में कंपनी ने कहा था, “बिना पैंट के वोट देने के अपने संवैधानिक अधिकार का जो भी व्यक्ति प्रयोग करेगा, उसे कंपनी अपने स्टॉक से एक जोड़ी मुफ्त अंडरवियर देगी।”

कंपनी के अनुसार, अंडरवियर का मुफ्त जोड़ी पाने के लिए मतदाताओं को बस अपने अंडरवियर में मतदान के लिए आना था और उसकी तस्वीर #SmugglersDecide हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर साझा करनी थी।

लोगों द्वारा जबरदस्त प्रतिक्रिया मिलने पर स्मगलर कंपनी के मालिक एडम लिनफोर्थ ने कहा, “हमने सोचा था कि शायद एक या दो लोग ऐसा करेंगे, लेकिन सैकड़ों लोग इसमें शामिल हुए। यह स्मगलर के लिए महंगा साबित होने वाला है।”

कंपनी ने कहा है कि जिन लोगों ने इसमें भाग लिया है, उन्हें सोमवार (23 मई 2022) से वाउचर भेजना शुरू कर दिया जाएगा। हालाँकि, यह कंपनी की मार्केटिंग स्ट्रैटजी हो सकती है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया में मतदान करने लिए अंडरवियर की बात किसी कानून या संविधान में नहीं लिखा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कोई भी कार्रवाई हो तो हमारे पास आइए’: हाईकोर्ट ने 6 संपत्तियों को लेकर वक्फ बोर्ड को दी राहत, सेन्ट्रल विस्टा के तहत इन्हें...

दिसंबर 2021 में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया था कि वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जाएगा।

‘कागज़ पर नहीं, UCC को जमीन पर उतारिए’: हाईकोर्ट ने ‘तीन तलाक’ को बताया अंधविश्वास, कहा – ऐसी रूढ़िवादी प्रथाओं पर लगे लगाम

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि समान नागरिक संहिता (UCC) को कागजों की जगह अब जमीन पर उतारने की जरूरत है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -