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बांग्लादेश में मिली सजा-ए-मौत तो 2010 से भारत में छिपा अपराधी: खानपुर से STF ने लोडेड पिस्टल के साथ किया गिरफ्तार

“बांग्लादेश में फाँसी की सजा पा चुका एक अपराधी भारत में अवैध ढंग से घुसा था, आज उसे क्राइम ब्रांच की एसटीएफ ने दिल्ली के खानपुर से लोडेड पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया है। वह यहाँ साल 2010 से रह रहा था। उसकी सूचना बांग्लादेश के एंबेसी को दे दी गई है।”

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शनिवार (दिसंबर 26, 2020) को एक बांग्लादेशी अपराधी को गिरफ्तार किया है। ये अपराधी अवैध ढंग से भारत में घुसा था और साल 2010 से यहीं छिपा हुआ था। पुलिस ने आज इस अपराधी को दिल्ली के खानपुर से लोडेड पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है। अब इसकी सूचना बांग्लादेश के दूतावास को दे दी गई है।

समाचार एजेंसी ANI ने क्राइम ब्रांच के हवाले से बताया, “बांग्लादेश में फाँसी की सजा पा चुका एक अपराधी भारत में अवैध ढंग से घुसा था, आज उसे क्राइम ब्रांच की एसटीएफ ने दिल्ली के खानपुर से लोडेड पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया है। वह यहाँ साल 2010 से रह रहा था। उसकी सूचना बांग्लादेश के एंबेसी को दे दी गई है।”

बता दें कि इस खबर के आने के बाद एक बार दोबारा NRC की जरूरत को लेकर लोग अपनी राय रखते हुए सोशल मीडिया पर नजर आए। प्रिया शर्मा कहती हैं कि अगर सफलतापूर्वक एनआरसी लागू कर दिया गया तो 20% भारत की जनसंख्या कम हो जाएगी। गृह मंत्रालय को इस पर संज्ञान ले लेना चाहिए।

अमाया इस खबर पर प्रतिक्रिया देकर पूछती हैं, “और कुछ लोग कह रहे थे कि एनआरसी की आवश्यकता नहीं है।”

एक यूजर लिखते हैं, “10 मस्जिद में से 4 मस्जिद भारत में बांग्लादेशियों और रोहिंग्या लोगों को पनाह देते हैं। पिछले दो दशकों में मस्जिदों की संख्या में बढ़ौतरी हुई है। जमीन जिहाद और एनजीओ को मिल रही बाहरी फंडिंग के जरिए ऐसी देश विरोधी गतिविधियाँ हो रही हैं। हमारे सेकुलरिज्म को नमन है।”

गौरतलब है कि भारत में आए दिन बांग्लादेशियों के अवैध घुसपैठ के प्रमाण किसी न किसी की गिरफ्तारी के साथ मिल ही जाते हैं। हाल में उत्तराखंड के रुड़की से पुलिस ने एक बांग्लादेशी युवक को गिरफ्तार किया था। युवक की पहचान मोहम्मद उज्जवल के रूप में हुई थी। मोहम्मद उज्जवल मशीनपुर का निवासी था। उसपर भी आरोप था कि वो अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ और बिना वीजा के यहाँ ठहरा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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