Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयडीपस्टेट से जुड़े ऑस्ट्रियाई नेता ने X पर चलाया खालिस्तानी प्रोपेगेंडा, खुद विस्तारवादी नीतियों...

डीपस्टेट से जुड़े ऑस्ट्रियाई नेता ने X पर चलाया खालिस्तानी प्रोपेगेंडा, खुद विस्तारवादी नीतियों का समर्थक: PM मोदी को बताया ‘रशियन मैन’

भारत दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देशों में एक है। इसकी नीतियाँ स्वतंत्र है। इसके टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा रखने वाले लॉबिस्टों में एक खालिस्तान समर्थक ऑस्ट्रियाई इन्फ्लुएंसर गुंथर फेलिंगर ने भारत को आजादी से पहले वाली स्थिति में कई टुकड़ों में तोड़ने की बात कही है।

ऑस्ट्रिया का अर्थशास्त्री, नेता और इन्फ्लुएंसर गुंथर फेलिंगर ने भारत को टुकड़ों में बाँटने की बात कही है। खालिस्तानी समर्थक हैंडल पर उसने आतंकवादियों को भारत को काटकर अलग देश बनाने का तरीका बताया। वह भारत और पीएम मोदी के खिलाफ जहर उगलता रहा है।

फेलिंगर ने एक्स पर लिखा कि उसने खालिस्तान नैरिटिव एक्स हैंडल के साथ 2 घंटे तक चर्चा की कि खालिस्तान की आजादी के लिए क्या किया जाए और रूस समर्थक भारतीय नेता नरेन्द्र मोदी के चंगुल से कैसे आजाद किया जाए। फेलिंगर ने आगे लिखा है कि उसने आज के ब्रिक्स और भारत की भयावह स्थिति और नरसंहार की प्रकृति से बहुत कुछ सीखा है। हालाँकि भारत में उसका पोस्ट प्रतिबंधित कर दिया गया है।

कौन है गुंथर फेलिंगर

गुंथर फेलिंगर एक ऑस्ट्रियन लॉबिस्ट है। वह इन्फ्लुएंसर, अर्थशास्त्री है और नाटो के विस्तार के लिए यूरोपीय कमेटी फॉर नाटो इनलार्जमेंट नाम से लॉबी ग्रुप चलाता है। उसका ये ग्रुप ऑस्ट्रिया, कोसोवो, यूक्रेन, आर्मेनिया, अल्बानिया, मोल्दोवो समेत कई यूरोपीय देशों में एक्टिव है। इन देशों को नाटो में शामिल करने की मुहिम इसने चला रखी है। वह नाटो का अधिकारी नहीं है और नाटो से सीधा कोई रिश्ता है। वह राजनेता नहीं हैं। लेकिन राजनेता की तरह व्यवहार करता है। वह दक्षिणी बाल्कन क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण ग्रुप समेत कई मल्टीनेशनल संगठन का सदस्य है। यूरोप के देशों की यात्रा कर वह सोशल मीडिया पर सेल्फी पोस्ट करता है। नाटो और यूरोपीय संघ के पक्ष में संदेश पोस्ट करता है। उसके बयान विश्वनेताओं के बयानों जैसे होते हैं।

यूक्रेन को नाटो का सदस्य बनाने की मुहिम में शामिल गुंथर रूस के खिलाफ जहर उगलता रहा है। उसने सोशल मीडिया पर लिखा कि कोसोवो 100 फीसदी नाटो का सदस्य बनने के लिए तैयार है। साथ ही रूस को चेतावनी देते हुए कहा कि रूस अब यूक्रेन से बाहर जाए। यहाँ तक कि उसने ब्राजील के राष्ट्रपति सिल्वा को रूस के साथ काम करने धमकी देते हुए कहा, “मैं यह बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि अगर आप @LulaOficial नरसंहार करने वालों के साथ शामिल हो गए, तो मैं ब्राजील को तहस-नहस करने का आह्वान करूँगा।” उसने पीएम मोदी और भारत को भी रूस समर्थक बताते हुए कई बार आलोचना की है। नए विवाद में भी उसने पीएम मोदी को ‘रशियन मैन’ बताया है।

दरअसल ये ऑस्ट्रिया का डीप स्टेट के साथ रिश्ता काफी गहरा है। यहाँ की दो अहम पार्टियाँ फ्रीडम पार्टी यानी एफपीओ और ऑस्ट्रियाई पीपुल्स पार्टी पर डीप स्टेट से संबंधित होने के आरोप लगते रहे हैं।

क्या है डीप स्टेट?

डीप स्टेट खुफिया तंत्रों सीआईए, एफबीआई जैसे अमेरिकन इंटेलिजेंस एजेंसी का नेटवर्क है। इनमें दुनिया के सरकारी और गैर सरकारी अभिजात्य वर्ग शामिल हैं, जो लोकत्रांतिक रूप से चुनी गई सरकार से ज्यादा ताकतवर है। ये दुनिया के किसी भी कोने में सरकारों को बनाने- गिराने का माद्दा रखती है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत आते ही जिस ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ में गए US के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, वो लगातार विवादों में रहा: जानिए ‘मदर टेरेसा’ की...

मदर टेरेसा की मिशनरीज ऑफ चैरिटी पर सिर्फ जबरन धर्मांतरण कराने के ही नहीं, बल्कि नवजात बच्चों को पैसों के लिए बेचने जैसे आरोप भी लग चुके हैं।

कांसमंडी किले को लेकर पासी समाज और मुस्लिम आमने-सामने: जानें इस्लामी आक्रांता सालार मसूद गाजी से कनेक्शन, जिसे महाराजा सुहैल देव ने गाजर-मूली की...

कांसमंडी किला विवाद की सुलगती आग के पीछे सालार मसूद गाजी का वह क्रूर इतिहास है, जिसने 11वीं शताब्दी में भारत की धरती को लहूलुहान किया था।
- विज्ञापन -