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फ्रांस के चर्चों में 10000 बच्चों का शोषण: स्कैंडल की जाँच कर रहे आयोग को आशंका, 17 महीने में 6500 कॉल

जून 2019 में एक हॉटलाइन शुरू की गई थी ताकि पीड़ित और चश्मदीद मामलों की जानकारी दे सकें। बताया जा रहा है कि शुरू होने के बाद 17 महीनों में इस नंबर पर 6,500 कॉल आए।

फ्रांसीसी चर्चों में शोषण के शिकार हुए बच्चों की संख्या 10 हजार के करीब हो सकती है। यह आशंका चर्चों में बाल शोषण के मामलों की जाँच के लिए गठित स्वतंत्र आयोग के अध्यक्ष जीन मार्क सेवे (Jean-Marc Sauve) ने जताई है।

इस जाँच आयोग का गठन कैथोलिक चर्च की ओर से किया गया था। सेवे ने मंगलवार को कहा कि 1950 से अब तक कम से कम 10 हजार बच्चे चर्च में शोषण का शिकार हो सकते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार सेवे ने कहा कि पिछले साल जून में तीन हजार बच्चों के पीड़ित होने का अनुमान लगाया गया था। यकीनी तौर पर असल पीड़ितों के मुकाबले यह संख्या काफी कम है। आयोग के कार्यों के बारे में जानकारी देते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “आशंका है कि यह संख्या कम से कम 10 हजार हो सकती है।”

जून 2019 में एक हॉटलाइन शुरू की गई थी ताकि पीड़ित और चश्मदीद मामलों की जानकारी दे सकें। बताया जा रहा है कि शुरू होने के बाद 17 महीनों में इस नंबर पर 6,500 कॉल आए। सेवे ने कहा कि आयोग के समक्ष सवाल यह था कि कितनी संख्या में पीड़ित आगे आएँगे और अपने साथ हुए शोषण के बारे में बताएँगे।
उन्होंने कहा, “हमारे सामने बड़ा सवाल यह है कि कितने पीड़ित आगे आएँगे? क्या यह 25 फीसदी होगा? 10 फीसदी? 5 फीसदी या उससे भी कम?”

2018 में चर्चों में बच्चों के शोषण के लगातार मामले सामने आने के बाद उसी साल नवंबर में इस स्वतंत्र जाँच आयोग का गठन किया गया था। बिशप कॉन्फ्रेंस ऑफ फ्रांस की सहमित से इसका गठन किया गया। इस फैसले को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली थी। कुछ लोगों ने इसका समर्थन करते हुए पीड़ितों से आगे आकर आपबीती बताने की अपील की थी। वहीं, कुछ लोग इसकी सफलता को लेकर सशंकित थे।

20 सदस्यीय आयोग के सदस्य कानूनी, शैक्षणिक, चिकित्सकीय सहित अन्य पृष्ठभूमि से चुने गए थे। आयोग को 2020 के अंत तक अपनी अंतिम रिपोर्ट देनी थी। लेकिन, अब इसकी नई मियाद सितंबर 2021 तय की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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