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जर्मनी में फरहाद ने गाड़ी से 28 लोगों को रौंदा, पड़ताल में निकली ‘अफगानिस्तानी’ पहचान: सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस से पहले किया हमला

हमले को म्युनिख के गवर्नर मार्कस सॉडर ने संदिग्ध हमला करार दिया है। उनका कहना है कि वो इस घटना से सदमे में है। ये हमला उस समय हुआ है जब बावेरिया प्रांत की राजधानी म्युनिख में शुक्रवार से सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस शुरू होने जा रही है।

जर्मनी के म्युनिख में 13 फरवरी को एक कार चालक ने भीड़ में गाड़ी घुसाकर कई लोगों को रौंद दिया। खबर आ रही है कि घटना में 28 लोग घायल हो गए हैं जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। इनमें दो की हालत बेहद गंभीर है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि आरोपित अफगानिस्तानी है। उसकी उम्र मात्र 24 साल है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस समय ये घटना घटी उस समय म्युनिख में सर्विस वर्कर्स यूनियन के लोग प्रदर्शन कर रहे थे। कई लोग उस प्रदर्शन में शामिल होने आए हुए थे, तभी गाड़ी आई और रौंदते हुए आगे चली गई।

इस हमले को म्युनिख के गवर्नर मार्कस सॉडर ने संदिग्ध हमला करार दिया है। उनका कहना है कि वो इस घटना से सदमे में है। ये हमला उस समय हुआ है जब बावेरिया प्रांत की राजधानी म्युनिख में शुक्रवार से सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस शुरू होने जा रही है।

जानकारी के मुताबिक इस कॉन्फ्रेंस में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेता भाग लेने वाले थे, जैसे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की आदि। घटना स्थल से सम्मेलन स्थल की दूरी लगभग 1.5 किलोमीटर थी।

पुलिस अब मामले की जाँच कर रही है। पता लगाने की कोशिश हो रही है कि क्या यह जानबूझकर किया गया हमला था या कोई दुर्घटना। अधिकारियों ने घटनास्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी है और नागरिकों से उस क्षेत्र में जाने से बचने का आग्रह किया है।

इसके अलावा ये भी खबर है कि आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कुछ सोशल मीडिया अकॉउंट्स पर उसकी पहचान फरहाद के तौर पर बताई गई है। ये भी कहा जा रहा है कि फरहाद इस्लमी कंटेंट अपने सोशल मीडिया पर बहुत शेयर कर रहा था। 2016 में उसके शर्णार्थी होने की याचिका को खारिज कर दिया गया था लेकिन उस समय उसे वापस अफगानिस्तान नहीं भेजा गया। अब जर्मन के लोग इस घटना को आतंकवाद से जोड़कर भी दे रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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