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‘महापहित’ साम्राज्य के ‘नुसंतारा’ को अपनी नई राजधानी बनाएगा इंडोनेशिया, दुनिया के सबसे बड़े इस्लामी मुल्क में और मजबूत हो रही हिन्दू विरासत

इंडोनेशिया सरकार ने भी कई जगहों पर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्‍थापित की हैं। इनमें बाली में स्‍थापित सरस्‍वती माता की मूर्ति है, जिसको भारत में संगीत शिक्षा की देवी माना जाता है। बाली मे स्थित भगवान विष्णु का तनह लोट मंदिर, यूनेस्को के विश्व धरोहर शामिल बुरा बेसकीह मंदिर, पुरा तमन सरस्वती मंदिर, सिंघसरी शिव मंदिर आदि बेहद प्रसिद्ध मंदिर हैं।

इंडोनेशिया ने मंगलवार (18 जनवरी 2022) को दुनिया में सबसे तेजी से डूबने वाले शहर राजधानी जकार्ता में जगह की कमी, भूकंप, बाढ़ और आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को देखते हुए नुसंतारा (Nusantara) को देश की नई राजधानी बनाने का ​फैसला लिया। नुसंतारा को 34 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च कर बोर्नियो द्वीप (Borneo Island) के पूर्वी हिस्से में स्थित जंगलों से घिरे कालीमंतन (Kalimantan) प्रांत में 216 वर्गमील में बसाया जाएगा। नुसंतारा का अर्थ स्थानीय जैवनिज भाषा में ऐंचीपावागो (Archipelago) यानी द्वीपसमूह होता है।

इंडोनेशिया (Indonesia) भले ही मुस्लिम बहुल देश हो, लेकिन इसका इतिहास हिंदू समुदाय से जुड़ा है। 14वीं शताब्दी में जावा द्वीप पर मजापहीत (Majapahit) साम्राज्य के हिंदू शासक हयम वुरुक ((Hayam Wuruk) का राज था और उनके प्रधानमंत्री का नाम गज: मद (Gajah Mada) था। उस दौरान उन्होंने प्रतिज्ञा ली कि जब तक वह नुसंतारा पर विजय प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक वे कोई स्पाइस नहीं खाएँगे। इसका मतलब था कि गज: मद अपनी प्रतिज्ञा पर तब तक कायम रहेंगे, जब तक कि वे वर्तमान सिंगापुर, मलेशिया, ब्रुनेई, दक्षिणी थाईलैंड और तिमोर लेस्ते को दक्षिण-पश्चिमी फिलीपींस को जीत नहीं लेते। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने इसे कर दिखाया। गज: मद पूरे देश के लिए एक नायक साबित हुए हैं, जिनकी वीरता से सदियों बाद भी इंडोनेशिया के लोग प्रभावित हैं।

इंडोनेशिया का इतिहास हिंदू धर्म से जुड़ा है। पहली शताब्‍दी में हिंदू धर्म विभिन्‍न व्‍यापारियों और धर्म गुरुओं के माध्‍यम से इंडोनेशिया में पहुँचा था। इसके बाद छठी शताब्‍दी में भारत से हिंदू धर्म इंडोनेशिया पहुँचा था। श्रीजीवा और मजाफित काल में भी हिंदू धर्म को यहाँ पर बढ़ावा मिला। 1400 सीई में यहाँ इस्‍लाम का उदय हुआ था।

नरसिंहा को विष्‍णु का अवतार बताया गया

इंडोनेशिया में प्रचलित कथाओं में रता भटारा नरसिंहा को विष्‍णु का अवतार बताया गया है। यहाँ के गद्य में भी हिंदू देवी-देवताओं का जिक्र मिलता है। इनमें कई संस्‍कृत शब्‍दों का इस्‍तेमाल किया गया है। यहाँ पर हुई खुदाई में निकली कई सारी चीजों में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ मिली हैं, जो भगवान शिव, पार्वती, गणेश, ब्रह्मा की हैं। इसके अलावा गरुड़ इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक है। गरुड़ पक्षी भगवान विष्णु का वाहन है। मौजूदा प्रतीक को इंडोनेशिया में 1950 के दशक में डिजाइन और आधिकारिक तौर पर मान्यता दी गई थी।

इसके अलावा इंडोनेशिया सरकार ने भी कई जगहों पर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्‍थापित की हैं। इनमें बाली में स्‍थापित सरस्‍वती माता की मूर्ति है, जिसको भारत में संगीत शिक्षा की देवी माना जाता है। जावा और सुमात्रा भी हिंदुओं की बड़ी आबादी देवस्थानों के लिए प्रसिद्ध है। इंडोनेशिया के बाली मे स्थित भगवान विष्णु का तनह लोट मंदिर, यूनेस्को के विश्व धरोहर शामिल बुरा बेसकीह मंदिर, पुरा तमन सरस्वती मंदिर, सिंघसरी शिव मंदिर आदि बेहद प्रसिद्ध मंदिर हैं।

बता दें कि इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है। यहाँ करीब 23 करोड़ मुस्लिम रहते हैं, जबकि 4 मिलियन (40 लाख) से अधिक हिंदू और बौद्ध निवास करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि मुस्लिम आबादी वाले इंडोनेशिया की सरकार ने साल 1973 में एक अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मलेन (International Ramayana Conference) का आयोजन करवाया था। इस्लामी शासन के बावजूद, इंडोनेशियाई लोग धर्म और परंपराओं में हिंदू इतिहास को दोहराते हैं। बाली, सुलावेसी (मध्य, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व), मध्य कालीमंतन और दक्षिण सुमात्रा उन कई क्षेत्रों में से हैं, जिनमें बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय रहते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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