Thursday, April 2, 2026
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स्पेन ने भारत की इंडो-पैसिफिक ओशंस इनिशिएटिव किया जॉइन, स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के स्तर पर पहुँचे दोनों देशों के रिश्ते: जानें कैसे मिलेगा यूरोप को भी फायदा

भारत ने 2019 में IPOI लॉन्च किया था, जिसका मकसद फ्री, ओपन और रूल्स-बेस्ड इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देना है, जिसमें मैरिटाइम सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और डेवलपमेंट पर फोकस है। अब तक 25 से ज्यादा देश इस इनिशिएटिव से जुड़ चुके हैं।

नई दिल्ली में बुधवार (21 जनवरी 2026) को भारत-स्पेन संबंधों में एक बड़ा कदम उठा जब स्पेन ने औपचारिक रूप से इंडो-पैसिफिक ओशंस इनिशिएटिव (IPOI) जॉइन कर लिया। स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को IPOI की एक्सेशन डिक्लेरेशन सौंपी। साथ ही दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ‘स्ट्रेटेजिक एसोसिएशन’ के स्तर पर अपग्रेड करने का ऐलान किया, जो भारत-स्पेन रिश्तों का सबसे ऊँचा स्तर है।

यह कदम इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्पेन की बढ़ती दिलचस्पी और भारत के साथ गहरे सहयोग को दिखाता है। भारत ने 2019 में IPOI लॉन्च किया था, जिसका मकसद फ्री, ओपन और रूल्स-बेस्ड इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देना है, जिसमें मैरिटाइम सिक्योरिटी, स्टेबिलिटी और डेवलपमेंट पर फोकस है। अब तक 25 से ज्यादा देश इस इनिशिएटिव से जुड़ चुके हैं।

स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने भारत को ‘विश्वसनीय देश’ बताया और कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून, मल्टीलेटरलिज्म और यूएन चार्टर के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “आज की जटिल वैश्विक स्थिति में स्पेन भारत को एक स्थिर और भरोसेमंद पार्टनर मानता है।”

भारत-स्पेन संबंधों के 70 साल पूरे

स्पेन द्विपक्षीय स्तर पर यूरोपीय यूनियन के जरिए और मल्टीलेटरल फोरम में भारत के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। इस महीने के अंत में होने वाले भारत-ईयू समिट से पहले यह दौरा और भी अहम हो जाता है। अल्बारेस ने स्पेन-इंडिया डुअल ईयर का भी जिक्र किया और दोनों देशों के 70 साल के संबंधों को मजबूत करने की बात कही।

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में गहरा बदलाव आ रहा है, ऐसे में समान विचार वाले देशों का सहयोग जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत और स्पेन दोनों आतंकवाद के शिकार रहे हैं और दुनिया में इस खतरे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। जयशंकर ने स्पेन की IPOI में एंट्री का स्वागत करते हुए कहा कि भारत स्पेन के साथ फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक के लिए काम करने को उत्सुक है।

विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “भारत स्पेन का IPOI में स्वागत करता है। विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने आज जयशंकर को साइन किया एक्सेशन डिक्लेरेशन सौंपा। भारत IPOI के फ्रेमवर्क में स्पेन के साथ काम करने को लेकर उत्साहित है।”

दोनों देशों ने आर्थिक और रक्षा सहयोग पर भी जोर दिया। अल्बारेस और जयशंकर ने एयरबस-टाटा जॉइंट वेंचर का उदाहरण दिया, जिसमें भारत में C-295 एयरक्राफ्ट बनाए जा रहे हैं। जयशंकर ने बताया कि गुजरात की फैसिलिटी से पहला मेड-इन-इंडिया एयरबस एयरक्राफ्ट सितंबर 2026 से पहले रोल आउट हो जाएगा, जो तय समय से पहले है।

यह पार्टनरशिप दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और आत्मनिर्भरता का अच्छा मॉडल है। स्पेन की अटलांटिक नेवल एक्सपर्टीज अब इंडियन ओशन रीजन में भारत की ऑपरेशंस को मजबूत बनाएगी, खासकर एंटी-पाइरेसी पेट्रोल्स और हॉर्मुज, बाब-एल-मंदेब जैसे चोकपॉइंट्स की सिक्योरिटी में।

IPOI के सात पिलर्स में मैरिटाइम सिक्योरिटी से लेकर ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ (HADR) तक शामिल हैं। स्पेन की एंट्री से इंडियन नेवी की भूमिका और मजबूत होगी, जो पहले से ही क्षेत्र में ‘प्रिफर्ड सिक्योरिटी पार्टनर’ के रूप में जानी जाती है। भारत की नेवी ने पाइरेसी को 80 फीसदी तक कम किया है और छोटे देशों को ट्रेनिंग, EEZ सर्विलांस और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर दे रही है। स्पेन का जुड़ना क्वाड-प्लस जैसे प्रयासों को और मजबूती देगा और इंडो-पैसिफिक में कलेक्टिव मैरिटाइम सिक्योरिटी को बढ़ावा मिलेगा।

भारत-स्पेन के संबंध यूरोप के लिए भी बेहद अहम

यह दौरा भारत-ईयू संबंधों के लिए भी अहम है। अल्बारेस ने कहा कि भारत-ईयू ट्रेड डील जल्द पूरी होने वाली है और डिफेंस टाइज को मजबूत करने की योजना है। स्पेन भारत में तीसरा कौंसुलेट खोलने वाला है और AI, ट्रेड जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। फरवरी में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की भारत यात्रा भी प्लान है, जहां इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। दोनों देश आतंकवाद, ट्रेड और क्लाइमेट चेंज जैसे ग्लोबल इश्यूज पर एकजुट नजर आ रहे हैं।

कुल मिलाकर स्पेन की IPOI में एंट्री और स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत है। यह इंडो-पैसिफिक में भारत की लीडरशिप को मजबूत करता है और यूरोपीय देशों की बढ़ती दिलचस्पी दिखाता है। दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और मल्टीलेटरल सहयोग आगे और गहरा होगा, जो बदलते वैश्विक माहौल में दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

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श्रवण शुक्ल
श्रवण शुक्ल
I am Shravan Kumar Shukla, known as ePatrakaar, a multimedia journalist deeply passionate about digital media. I’ve been actively engaged in journalism, working across diverse platforms including agencies, news channels, and print publications. My understanding of social media strengthens my ability to thrive in the digital space. Above all, ground reporting is closest to my heart and remains my preferred way of working. explore ground reporting digital journalism trends more personal tone.

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