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वाशिंगटन में खालिस्तानी करने वाले थे भारतीय दूतावास पर हमला, पुलिस ने बीच में रोका: बौखलाकर पत्रकार को निशाना बनाया, गालियाँ भी बकी

सैन फ्रांसिस्को की घटना के बाद वाशिंगटन में भी खालिस्तानी भारतीय दूतावास पर पहुँचे थे। हालाँकि अमेरिका द्वारा तैनात किए गए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें एबेंसी तक पहुँचने ही नहीं दिया और जैसे ही वो लोग आगे आते दिखे फौरन उन्हें निर्धारित प्रदर्शनस्थल पर वापस भेजा गया।

सैन फ्रांसिस्को में हुए खालिस्तानी हमले की घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा अमेरिकी राजदूत को भेजे गए समन का असर वाशिंगटन में देखने को मिला। खबर है कि 25 मार्च को खालिस्तानी वाशिंगटन में स्थित भारतयीय दूतावास पर हमला करने वाले थे। हालाँकि वहाँ सिक्योरिटी में तैनात पुलिसकर्मियों ने इस हमले को विफल कर दिया।

भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू का नाम लेकर हुई नारेबाजी के बाद से यूएस की खुफिया सर्विस और लोकल पुलिस समेत कई सुरक्षाकर्मी वाशिंगटन में भारतीय एंबेसी के सामने तैनात हैं। सिक्योरिटी के लिए तीन अतिरिक्त वैन दूतावास के पास खड़ी हैं।

बताया जा रहा है कि सैन फ्रांसिस्को में इंडियन एबेंसी के आगे उपद्रव मचाने की घटना के बाद वाशिंगटन में भी खालिस्तानी भारतीय दूतावास पर पहुँचे थे। हालाँकि अमेरिका द्वारा तैनात किए गए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें एबेंसी तक पहुँचने ही नहीं दिया और जैसे ही वो लोग आगे आते दिखे फौरन उन्हें निर्धारित प्रदर्शनस्थल पर वापस भेजा गया।

इस दौरान बौखलाए उपद्रवियों ने पीटीआई पत्रकार ललित कुमार झा को अपना निशाना बनाया। उन्हें वीडियो बनाता देख उनसे सवाल-जवाब हुए और कुछ देर बाद एक खालिस्तान समर्थक ने तो कैमरे पर पत्रकार को, पीएम मोदी को और फिर हर भारतीय को गाली देनी शुरू कर दी। ये पूरी घटना अब सोशल मीडिया पर वायरल है।

कहा जा रहा है कि दूतावास पर आकर उपद्रव मचाने के इरादों में विफल होने के कारण खालिस्तानी बौखला रखे थे। इसलिए उन्होंने ललित को निशाना बनाया। पत्रकार के साथ हुई बदसलूकी की वीडियो वायरल होने के बाद वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावासा ने इसकी निंदा की है। उन्होंने बताया कि उनकी शिकायत के फौरन बाद पुलिसकर्मी उनकी सुरक्षा में आ गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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