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जो 147 साल में नहीं हुआ, वह एक कृष्ण भक्त क्रिकेटर ने बांग्लादेश के लिए कर दिखाया: हिंदू होने पर ताने देते रहे हैं इस्लामी कट्टरपंथी , कहते रहे हैं- मुस्लिम बनो

लिटन दास के नाम ये रिकॉर्ड बनने के बाद अब उनकी चर्चा हर जगह है। उनके सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बधाइयाँ दे रहे हैं। उन्हें असली कृष्ण भक्त कहा जा रहा है। कुछ समय पहले इन्हीं लिटन दास को ऑनलाइन इस्लाम में परिवर्तिन होने को कहा जा रहा था।

पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच रावलपिंडी में चल रहे 2 टेस्ट मैचों की सीरिज के बीच एक कृष्ण भक्त के चर्चे हर ओर रह रहे हैं। कृष्ण भक्त का नाम लिटन दास है। लिटन बांग्लादेश के खिलाड़ी हैं। रावलपिंडी में उन्होंने पाकिस्तानी गेंदबाजों को अपनी बल्लेबाजी से ऐसा धोया कि नया रिकॉर्ड बन गया।

सीरिज के दूसरे मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 274 रन बनाए थे इसके बाद बांग्लादेश टीम आई और एक के बाद एक ओपनिंग बैट्समैन फेल होते रहे। मात्र 26 रनों पर पाकिस्तान ने बांग्लादेश की 6 विकेट ले ली थी।

मुश्फिकुर रहीम(3), शाकिब अल हसन (2), जाकिर हसन (1), कप्तान नजमुल हुसैन शांतो (4), मोमिनुल हक (1) और शादमान इस्लाम (10)… 7वें नंबर पर हिंदू क्रिकेटर लिटन दास आए।

उन्होंने मेहदी हसन मिराज के साथ मिलाकर 165 रनों की पार्टनरशिप की और टीम को संभाला। इसके बाद उन्होंने 228 गंदों पर 138 रनों की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 13 चौके और 4 छक्के लगाए। वहीं मेहरी हसन ने भी 78 गेंदों पर 124 रन बनाए। दोनों खिलाड़ियों की जोड़ी टीम को पाकिस्तान के दिए लक्ष्य के करीब पहुँचा दिया।

इस पारी के बाद वो पहले बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने टीम के 50 से कम रन होने की स्थिति के बाद टॉप ऑर्डर में न रहते हुए 3 बार शतक लगाए। बीते 147 साल में कहा जा रहा है ये रिकॉर्ड किसी खिलाड़ी के नाम नहीं रहा है।

इस टेस्ट मैच से पहले लिटन ने 2021 के चटगाँव टेस्ट में पाकिस्तान और 2022 में मीरपुर टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ यह कमाल किया था। चटगाँव वाले मैच में बांग्लादेश ने 49 पर 4 विकेट गवा दिए थे वहीं मीरपुर में सिर्फ 24 रन पर। ऐसे मुश्किल के समय में लिटन दास ने आकर टीम को उभारा था।

लिटन दास के नाम ये रिकॉर्ड बनने के बाद अब उनकी चर्चा हर जगह है। उनके सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बधाइयाँ दे रहे हैं। हिंदू उन्हें असली कृष्ण भक्त रहे हैं, लेकिन बता दें कि कुछ समय पहले इन्हीं लिटन दास को बांग्लादेश के कट्टरपंथियों ने धर्मांतरण के लिए खुलेआम कहा था। ये हरकत कट्टरपंथियों ने साल 2022 में महालया पर लिटन द्वारा किए गए एक पोस्ट के बाद की थी। तभी इस्लामी कट्टरपंथियों ने कहा था कि उन्हें अल्लाह की शरण में आना चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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