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‘…तो ज़ाकिर नाइक पर करेंगे कार्रवाई’: मलेशिया के प्रधानमंत्री बोले – आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगा देश

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भगोड़े कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के मामले में कहा कि किसी एक मामले की वजह से भारत-मलेशिया के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत होने से नही रोका जा सकेगा।

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भगोड़े प्रचारक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर अपना मत साफ किया है। उन्होंने इस मामले में कहा अगर इस मामले में सबूत मिलने पर आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा है कि अगर भगोड़े कट्टरपंथी इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक से जुड़े मामले में पर्याप्त सबूत पेश किए जाते हैं तो देश ‘आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देगा’।

मंगलवार (20 अगस्त 2024) को 50वें सप्रू हाउस व्याख्यान को संबोधित करते हुए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने भगोड़े कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के मामले में कहा, “प्रधानमंत्री ने इस मामले को पहले उठाया था। अब मुद्दा यह है कि मैं किसी एक व्यक्ति के बारे में बात नहीं कर रहा हूँ, मैं उग्रवाद की भावना, ऐसे सबूतों के बारे में बात कर रहा हूं जो बताते हैं कि किसी व्यक्ति, समूह या गुट या पार्टियों की तरफ से अत्याचार किए गए हैं। ये हमारे लिए चिंता का विषय हैं।” अनवर इब्राहिम ने कहा कि किसी एक मामले की वजह से भारत-मलेशिया के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत होने से नही रोका जा सकेगा।

गौरतलब है कि जुलाई 2016 में बांग्लादेश के ढाका में बम धमाके के बाद जाकिर नाइक भारत से भाग गया था। इस धमाके में 29 लोगों की मौत हुई थी। हमले में शामिल आतंकियों ने कहा था कि वो नाइक के भाषणों से प्रभावित थे। भारत में भगोड़ा घोषित होने के बाद से उसने मलेशिया में शरण ली हुई है। भारत सरकार मलेशिया की सरकार से उसके प्रत्यर्पण के लिए लगातार बातचीत कर रही है, लेकिन अभी तक उसका कोई परिणाम नहीं आया है। 

जाकिर नाइक पर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने, धर्मांतरण से जुड़ाव, समाज में नफरत फैलाने, हेट स्पीच सहित कई गतिविधियों में लिप्त होने की वजह से मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2019 में जाकिर को हिंदुओं और चीनी मलेशियाई लोगों के खिलाफ नस्लवादी टिप्पणी करने के बाद मलेशिया में भाषण देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस सिलसिले में उनसे घंटों पूछताछ भी की गई थी।

पिछले साल ऑपइंडिया ने अपने एक रिपोर्ट में बताया कि कैसे उसने पहले इंग्लैंड के मिडलैंड्स क्षेत्र में लीसेस्टर में हिंसा भड़काने वालों के साथ हाथ मिलाया था। फीफा वर्ल्ड कप 2022 के दौरान कतर ने जाकिर नाइक को निमंत्रण भेजा था। भारत द्वारा इस पर कड़ी आपत्ति जताने के बाद कतर ने सफाई दी थी। कतर ने कहा था कि जाकिर नाइक को दोहा में आयोजित फीफा विश्व कप के कार्यक्रम में आधिकारिक निमंत्रण नहीं दिया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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