Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयमालदीव की मुस्लिम महिला मंत्री ने अपना ही थूका चाटा, तिरंगे के अपमान पर...

मालदीव की मुस्लिम महिला मंत्री ने अपना ही थूका चाटा, तिरंगे के अपमान पर माँगी माफी: PM मोदी को गाली के बाद हुई थी निलंबित

शिउना ने शनिवार रात्रि को अपनी पार्टी PPM के लिए समर्थन जुटाने वाला एक पोस्ट किया था। इसमें विपक्षी पार्टी PPM को निशाना बनाते हुए अशोक चक्र को शामिल करके पोस्टर बनाया गया था और इस पर लिखा था, “MDP उनके (भारत) जाल में फंस रही है, हमें (मालदीव) उनके जाल में दोबारा फँसने की जरूरत नहीं है।"

सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर भारतीय ध्वज तिरंगा का अपमान करने वाली मालदीव की मंत्री मरियम शिउना ने माफी माँग ली है। शिउना ने कहा है कि उसने जानबूझ कर यह नहीं किया है। शिउना ने इससे पहले मालदीव के विपक्षी दल मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी को निशाना बनाने के साथ ही भारतीय झंडे का भी अपमान किया था।

मालदीव की मंत्री मरियम शिउना ने अपने एक्स (पहले ट्विट्टर) पर लिखा, “मैं अपनी एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में बात करना चाहती हूँ जिस पर काफी बवाल और आलोचना हुई है। मैंने अपनी इस पोस्ट द्वारा पैदा हुई भ्रम की स्थिति या आहत होने को लेकर माफी माँगती हूँ। यह मेरे ध्यान में लाया गया है कि MDP के जवाब में उपयोग की तस्वीर भारतीय झंडे तिरंगा से मिलती जुलती है। मैं यह साफ़ करना चाहती हूँ कि यह जानबूझकर नहीं किया गया था और मुझे इसका अफ़सोस है।

आगे शिउना ने लिखा, “मालदीव भारत के साथ अपने रिश्ते और आपसी सम्मान को काफी महत्व देता है। मैं आगे भविष्य में अपने द्वारा साझा किए जाने वाले कंटेंट को वेरीफाई करुँगी ताकि ऐसी गड़बड़ी ना हो।” शिउना ने भारत का का अपमान करने वाली पोस्ट पहले ही हटा दी थी।

शिउना ने क्या किया था?

शिउना ने शनिवार (6 अप्रैल, 2024) की रात्रि को अपनी पार्टी PPM के लिए समर्थन जुटाने वाला एक पोस्ट किया था। इसमें विपक्षी पार्टी PPM को निशाना बनाते हुए अशोक चक्र को शामिल करके पोस्टर बनाया गया था और इस पर लिखा था, “MDP उनके (भारत) जाल में फंस रही है, हमें (मालदीव) उनके जाल में दोबारा फँसने की जरूरत नहीं है।”

इस पोस्टर को विपक्ष की पार्टी मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के संसदीय चुनावी अभियान के लिए जारी किए गए पोस्टर को बिगाड़ करके बनाया गया था। जहाँ MDP के पोस्टर में एक कम्पास था, तो मंत्री शिउना के फर्जी पोस्टर में कम्पास की जगह पर भारत के तिरंगा में शामिल अशोक चक्र लगा दिया गया था। यह भारतीय ध्वज का अपमान करके के उद्देश्य से किया गया।

मालदीव मंत्री तिंरगा

इस फर्जी पोस्टर में मात्र अशोक चक्र ही नहीं बल्कि भाजपा का चुनाव चिन्ह कमल भी शामिल किया गया था। यह चुनाव चिन्ह MDP के चुनाव चिन्ह के साथ उपयोग किया गया था और दोनों पार्टियों के बीच किसी गठबंधन का इशारा किया गया था। गौरतलब है कि MDP मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की भारत विरोधी नीतियों का विरोध करती रही है।

मालदीव मंत्री तिंरगा

यह पोस्ट शिउना ने हटा दिया था। शिउना की करतूत का काफी विरोध हुआ है। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि जहाँ एक तरफ मालदीव भारत से मदद माँगता है वहीं दूसरी तरफ उसके मंत्री भारत का अपमान करते हैं और भारत के खिलाफ विषवमन करते हैं। शिउना ने इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। शिउना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘जोकर’ और ‘इजरायल की कठपुतली’ कहा था। यह पोस्ट बाद में हटा दिया गया था।

भारत सरकार ने मरियम शिउना की टिप्पणी को लेकर मालदीव से कड़ी आपत्ति जताई थी। शिउना को मालदीव की सत्तारूढ़ पार्टी के दो अन्य नेताओं के साथ बाद में निलंबित कर दिया गया था। इस पूरे विवाद के बाद बड़ी सँख्या में भारतीयों ने मालदीव की यात्रा ना करने को लेकर अभियान चलाया था। इन सभी विवादों के बाद भी मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को ‘निकटतम सहयोगी’ बताया था। उन्होंने इसके बाद भारत से कर्ज में राहत देने की माँग की थी। अब शिउना ने भारतीय ध्वज के अपमान के विवाद पर भी माफ़ी माँग ली है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -