Sunday, July 14, 2024
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स्वर्ण मंदिर लिंचिंग से 2 दिन पहले SFJ ने पाकिस्तान से माँगी थी मदद: खालिस्तान जनमत संग्रह और ‘दिल्ली के पतन’ का जिक्र

"बादल हो, नवजोत हो, 'आप' हो या चन्नी। ये सब वोट के लिए राजनीति कर रहे हैं। वे आपकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसलिए मुक्ति ही एकमात्र रास्ता है। 1984 में स्वर्ण मंदिर पर हमला होने से सिख समुदाय आहत हुआ था..."

हाल ही में पंजाब के अमृतसर स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी (Guru granth sahib sacrileg) के आरोप में सिख संगत ने एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस घटना के दो दिन पहले खालिस्तानी आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपरवंत सिंह पन्नू ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को पत्र लिखकर जनमत संग्रह और ‘दिल्ली के पतन’ में उनका समर्थन माँगा था। यह पत्र 16 दिसंबर, 2021 को बांग्लादेश की 50वीं वर्षगाँठ पर लिखा गया था।

पन्नू ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को पंजाब को भारत से अलग कर खालिस्तान बनाने के लिए एसएफजे का समर्थन करने के लिए पत्र लिखा था। 16 दिसंबर को खान को लिखे गए पत्र में आतंकवादी संगठन एसएफजे ने खुद को ‘human rights advocacy group’ का हिस्सा बताया था। पन्नू ने पत्र में लिखा था, “एसएफजे पहली बार अपना वैश्विक गैर-सरकारी खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित कर रहा है। हम पाकिस्तान सरकार और अन्य लोगों से आग्रह करते हैं कि भारतीय कब्जे से पंजाब की मुक्ति के लिए सिख लोगों के जनमत संग्रह के अधिकार का अंतरराष्ट्रीय मंचों से समर्थन दें।”

पन्नू का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र।

पन्नू ने आगे कहा, “लंदन, ब्रिटेन में हुए जनमत संग्रह में 30,000 सिख पहले ही भाग ले चुके हैं। हाल ही में 10 दिसंबर को विश्व मानवाधिकार दिवस पर खालिस्तान जनमत संग्रह के लिए स्विटजरलैंड में मतदान हुआ था, जिसमें 6,000 से अधिक सिखों ने भाग लिया था। उन्होंने भारतीय कब्जे से पंजाब की स्वतंत्रता के लिए मतदान किया।” उन्होंने यह भी कहा, “जहाँ ढाका के पतन का अतीत है। वहीं ‘दिल्ली का पतन’ भी जरूरी है।”

दिलचस्प बात यह है कि पन्नू ने पाकिस्तान से समर्थन माँगा है, जहाँ सिख अल्पसंख्यक हैं और आए दिन बहुसंख्यक आबादी के अत्याचारों का सामना कर रहे हैं। जब पन्नू ने खालिस्तान का प्रस्तावित नक्शा जारी किया, तो उसने पंजाब के उन हिस्सों को नहीं जोड़ा, जो पाकिस्तान में हैं और जहाँ कई प्रमुख गुरुद्वारे स्थित हैं।

20 दिसंबर को खालिस्तानी आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उसने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में कथित बेअदबी के मामले में अपना बयान जारी किया था। आतंकवादी पन्नू ने अपने बयान में कहा कि अकाली दल के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के समय से ही बेअदबी की घटनाएँ होती रही हैं। आज वे फिर से वोट के लिए राजनीति कर रहे हैं। यह पता लगाना बेहद जरूरी है कि वह व्यक्ति कौन था, जिसने स्वर्ण मंदिर में बेअदबी की थी। उसे किसने भेजा और इस तरह के कृत्य के पीछे क्या उद्देश्य था। उसने आगे कहा कि बादल 1984 में स्वर्ण मंदिर में सेना के अभियान में शामिल थे। जब भी सिख पीठ में छुरा घोंपते हैं, बादल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उसमें शामिल होते हैं।

आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के वीडियो का स्क्रीनशॉट। साभार: यूट्यूब।

उसने यह भी कहा, “बादल हो, नवजोत हो, ‘आप’ हो या चन्नी। ये सब वोट के लिए राजनीति कर रहे हैं। वे आपकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इसलिए मुक्ति ही एकमात्र रास्ता है। 1984 में स्वर्ण मंदिर पर हमला होने से सिख समुदाय आहत हुआ था। एक लाख सिखों ने खालिस्तान के लिए अपनी जान दे दी थी, लेकिन कैप्टन, आप, चन्नी ये लोग जो तिरंगे के वफादार हैं, ये सभी राजनीति कर रहे हैं, पंजाब को आजादी से दूर ले जा रहे हैं।”

पन्नू ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव के साथ-साथ जनमत संग्रह 2022 होगा। पंजाब में नई सरकार बनने से पहले हम यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब का हर घर जनमत संग्रह के बारे में जाने। इसका एक ही रास्ता है, आजाद पंजाब।” बता दें कि पन्नू पंजाब के युवाओं को खालिस्तान आंदोलन में शामिल होने के लिए भड़काऊ बयान देता रहा है। वह ब्रिटेन और अन्य देशों में जनमत संग्रह के लिए मतदान का आयोजन भी करता रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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