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Pak लड़कियों का चीन में देह व्यापार: मसूद अज़हर मामले के बाद 8 चाइनीज नागरिक गिरफ़्तार

ग़रीब लड़कियों को पैसे और बेहतर जीवन की लालसा देकर बहकाया जाता है। फ़र्ज़ी मैच मेकिंग सेंटर के जरिए इन्हें झाँसे में लाया जाता है। इन लड़कियों के शादी सम्बन्धी फ़र्ज़ी दस्तावेज तैयार किए जाते हैं। फिर चीन ले जाकर इन्हें...

पाकिस्तानी आतंकी मसूद अज़हर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने पर इस बार चीन ने अड़ंगा नहीं लगाया। कहा जा रहा है कि इसके बाद पाकिस्तान और चीन के रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे। पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने सोमवार (मई 6, 2019) को चीन के 8 नागरिकों को गिरफ़्तार किया, जिनमें एक महिला भी शामिल है। इन सब पर मानव तस्करी का आरोप है। ये लोग पाकिस्तान से लड़कियों की तस्करी कर उन्हें चीन ले जाते थे। इन लड़कियों से पहले तो फ़र्ज़ी शादी का कॉन्ट्रैक्ट किया जाता है, फिर इन्हें चीन ले जाकर देह व्यापार की काली इंडस्ट्री में धकेल दिया जाता है। पाकिस्तान की इस कार्रवाई को चीन द्वारा मसूद अज़हर मामले में भारत के सामने झुकने से जोड़ कर देखा जा रहा है।

पिछले सप्ताह भी एफआईए ने 2 चीनी नागरिकों को गिरफ़्तार किया था। इन्हें फैसलाबाद में एक शादी समारोह से उठाया गया था। फैसलाबाद पाकिस्तान के प्रसिद्ध शहर लाहौर से 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।पाकिस्तानी एजेंसी एफआईए के पंजाब निदेशक तारिक रुस्तम ने एजेंसी की इस कार्रवाई के बारे में न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया:

“गिरफ़्तार किए गए ये लोग मानव तस्करी में शामिल हैं और पाकिस्तानी लड़कियों को चीन ले जाकर उनसे देह व्यापार कराते हैं। हमें सूचना मिली थी कि चाइनीज नागरिक पाकिस्तान से अंग तस्करी और मानव तस्करी कर रहे हैं। ये लोग ज्यादातर पाकिस्तान में रह रही अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय की लड़कियों से शादी करते हैं। इसके बाद उन्हें चीन ले जाकर उनसे जबरन देह व्यापार कराते हैं।”

गिरफ़्तार आरोपितों में इस गिरोह का कैनेडिश सरगना भी शामिल है। पिछले एक साल से लाहौर एयरपोर्ट के पास रह रहा कैनेडिश सरगना पाकिस्तानी लड़कियों को पहले लाहौर के किसी किराए के घर में रखता था। वहाँ उन्हें चाइनीज भाषा सिखाई जाती थी। फिर उन लड़कियों के शादी सम्बन्धी फ़र्ज़ी दस्तावेज तैयार किए जाते थे। इसके बाद उन्हें चीन ले जाया जाता था और फिर देह व्यापार में ढकेल दिया जाता था। बता दें कि चीन और पाकिस्तान की सीमावर्ती इलाकों में लम्बे अरसे से आपस में शादियाँ होती आई हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियों के प्रति दुराचार, अत्याचार और दुष्कर्म की घटनाएँ आम हैं। कहा जा रहा है कि ये चाइनीज गिरोह काफ़ी दिनों से पाक में सक्रिय है लेकिन चीन को नाराज़ न करने के लिए इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही थी।

पाकिस्तानी अधिकारी पिछले कुछ वर्षों में अवैध तरीके से चीन भेजी गई लड़कियों की सूची तैयार कर रहे हैं और आँकड़ें का पता लगा रहे हैं। शक है कि इनकी संख्या सैंकड़ों में हो सकती है। पाकिस्तानी सरकार ने एजेंसियों को ऐसे चाइनीज गिरोहों के ख़िलाफ़ सख्ती से काम लेने को कहा है। ग़रीब ईसाई लड़कियाँ पैसे और बेहतर जीवन की लालसा में इनके बहकावे में आ जाती हैं। फ़र्ज़ी मैच मेकिंग सेंटर के जरिए इन्हें झाँसे में लाया जाता है। फ़र्ज़ी दस्तावेजों में चाइनीज लड़कियों को ईसाई या मुस्लिम धर्म का दिखाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चीन में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार का मुद्दा कई बार उठ चुका है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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