Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय11 एयरबेस तबाह करवा के जीत का दम भर रहे शाहबाज़ शरीफ: चायनीज माल...

11 एयरबेस तबाह करवा के जीत का दम भर रहे शाहबाज़ शरीफ: चायनीज माल फेल फिर भी चीन को थैंक्यू, जानिए पाकिस्तानी PM के फर्जी दावों का सच

लगातार भारत से मुँह की खाने वाले पाकिस्तान को लेकर शाहबाज़ शरीफ ने दावा किया कि उनकी फौज भारत पर भारी पड़ी। उन्होंने ये जताया कि भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों को निशाना बनाया है, जबकि सच्चाई ये है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत पहली कार्रवाई के बाद ही भारत ने साफ कर दिया था कि उन्होंने सिर्फ और सिर्फ आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है।

पाकिस्तानी फौज ने 10 मई को एक तरफ सीजफायर का उल्लंघन किया और दूसरी तरफ मुल्क के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कैमरे पर झूठ बोलकर खूब शेखी झाड़ते दिखाई दिए। उन्होंने दावा किया उन्होंने जंग में उनके मुल्क ने जीत हासिल कर ली है।

पीएम शरीफ ने अपनी मुल्क की आवाम को ऐसे बताया जैसे युद्ध विराम का उल्लंघन भारत ने किया था और उन्होंने तो बस जवाब दिया, हकीकत जबकि यह है कि 10 मई को सीजफायर के बाद जो अटैक किए गए वो पाकिस्तान की ओर से किए गए थे।

शहबाज शरीफ बयान में यहीं नहीं रुके। लगातार भारत से मुँह की खाने वाले पाकिस्तान को लेकर उन्होंने दावा किया, कि उनकी फौज भारत पर भारी पड़ी। उन्होंने ये जताया कि भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों को निशाना बनाया है, जबकि सच्चाई ये है कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत पहली कार्रवाई के बाद ही भारत ने साफ कर दिया था कि उन्होंने सिर्फ आतंकी ठिकानों को टारगेट किया है।

खुद को पाक साफ बताने वाला पाकिस्तान जो LOC पर लगातार गोलियाँ और मोर्टार दागकर कश्मीर के लोगों को मारता रहा, उस पर शहबाज शरीफ ने एक शब्द नहीं बोला।

उनका कहना था कि पाकिस्तानी फौज ने भारत को ऐसा घाव दिया है जो कभी नहीं भर पाएगा, लेकिन भारत की कार्रवाई अगर देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत ने पाकिस्तान 11 एयरबेस तबाह किए हैं, जिनमें नूरखान, रफ़ीकी, मुरीद, सुक्कुर, सियालकोट, पसरूर, चूनियाँ, सरगोधा, सकरदु, भोलारी और जैकोबाबाद का नाम शामिल है।

इसके अलावा शहबाज शरीफ ने अपने बयान में खास तौर पर चीन को ‘धन्यवाद’ बोला और इस मुश्किल घड़ी में पाकिस्तान का साथ देने के लिए आभार जताया। ये सब उन्होंने केवल चीन को खुश करने के लिए किया, क्योंकि ये स्पष्ट है कि कि पाकिस्तान के एयरबेसों को जो नुकसान हुआ उसके पीछे एक कारण चीनी सैन्य प्रणाली HQ-9 का विफल होना भी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -