यह सार्थक कूटनीति का एक बेहतरीन उदाहरण है। इसमें सिर्फ बातें नहीं, बल्कि ठोस नतीजे हैं जो हिंद महासागर क्षेत्र में ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ और भरोसेमंद विकास साझेदार के तौर पर भारत की भूमिका को मजबूत करते हैं।
रक्षा क्षेत्र में मदद और समुद्री सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, खाद्य सुरक्षा और अंतरिक्ष सहयोग तक हर नतीजा ‘आत्मनिर्भर भारत’ की हकीकत और ‘ग्लोबल साउथ’ के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
I annan rezilta konkret dan sa vizit Sesel.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 29, 2026
Bann lakor kle in ganny sinyen.
Sa i enkli en lakor pour enplimantasyon UPI (en form peyman nimerik) dan Sesel, lakor lo Jan Aushadhi e lezot ankor.
Nou pou kontinyen travay dan bann sekter inovan parey aksyon klimatik, Idrozenn… https://t.co/moEuVd05At
प्रमुख समझौते और पहल
- भारत-सेशेल्स प्रत्यर्पण संधि- भारत और सेशेल्स ने प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे दोनों देशों के बीच कानूनी और सुरक्षा सहयोग को गहरा करने और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने में मदद मिलेगी। यह समझौता दोनों देशों को एक-दूसरे के क्षेत्र से भागे हुए अपराधियों और भगोड़ों को वापस लाने के लिए एक मजबूत कानूनी ढाँचा प्रदान करता है।
- अंतरिक्ष सहयोग पर समझौता- अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और अन्वेषण पर MoU हुआ। इससे भारतीय सैटेलाइट एप्लिकेशन का विस्तार होगा। ISRO को मजबूती मिलेगी और इसका वैश्विक मौजूदगी बढ़ेगी। कुल मिलाकर अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को विश्वसनीय स्पेस पार्टनर मिल रहा है।
- सेशेल्स में UPI आधारित डिजिटल भुगतान लागू करने के लिए समझौता- अफ्रीकी देश सेशेल्स में भी अब यूपीआई चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। सेशेल्स में यूपीआई शुरू होने के बाद भारतीय पर्यटक, कारोबारी और प्रवासी समुदाय डिजिटल भुगतान आसानी से कर सकेंगे। फिलहाल दुनिया के नौ देशों में यूपीआई सर्विस मान्य है। इसको लेकर NPCI और सेंट्रल बैंक ऑफ सेशेल्स के बीच समझौता हुआ है।
- अम्ब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट समझौता- भारत और सेशेल्स ने विकास परियोजनाओं को समर्थन देने के लिए ₹1250 करोड़ (लगभग 125 मिलियन डॉलर) के अम्ब्रेला लाइन ऑफ क्रेडिट समझौते पर हस्ताक्षर किए है। यह समझौता आयात-निर्यात बैंक ऑफ इंडिया और सेशेल्स के वित्त मंत्रालय के बीच हुआ है, जिसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य और रक्षा में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
- विदेश सेवा क्षेत्र में हस्ताक्षर इसके अलावा विदेश सेवा संस्थानों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस (SSIFS) और सेशेल्स के विदेश मंत्रालय (MoFAD) के बीच यह समझौता हुआ। इससे दोनों देशों के बीच विनिर्माण और राजनयिक संबंधों को मजबूती मिलेगी।
- नाविकों के प्रशिक्षण को लेकर समझौता- सेशेल्स के झंडे तले आवाजाही करने वाले जहाजों पर भारतीयों को सेवा देने का मौका मिलेगा साथ ही नाविकों को प्रशिक्षण और सर्टिफिकेट को मान्यता देने को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे भारतीय नाविकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और समुद्री क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत होगी।
- सेशेल्स को मेड इन इंडिया जंगी जहाज भारत ने सौंपा- पीएम मोदी के दौरे के दौरान सेशेल्स को एक फास्ट पेट्रोल वेसल (गश्ती पोत) उपहार दिया है। पीएम मोदी ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को पूरी तरह भारत में निर्मित यानी ‘मेड इन इंडिया’ फास्ट पेट्रोल वेसल PS LESPWAR सौंप दिया है। इससे समुद्री सुरक्षा सहयोग मजबूत होगा, हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका मजबूत होगी और भारतीय रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
8.Laser Radial Class नौकाएँ और वाहन देना- भारत ने सेशेल्स डिफेंस फोर्स को 10 यूटिलिटी वाहन और 5 सेट लेजर रेडियल क्लास नौकाएँ दे रहा है। इससे भारत की विश्व कल्याण की सोच को मजबूती मिल रही है।
- डोर्नियर विमान का Glass Cockpit Upgrade कर रहा है। इससे रक्षा सहयोग गहरा होगा, सुरक्षा मजबूत होगी और भारत की ‘नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर’ की भूमिका और सशक्त होगी।
- सेशेल्स कोस्ट गार्ड के पोत PS Zoroaster का रीफिट पूरा किया गया है। इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग मजबूत होगा तथा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की विश्वसनीय भागीदार की भूमिका और सशक्त होगी।लेकिन भारत का बड़ा दिल सिर्फ यहीं तक नहीं रुका पीएम मोदी ने सेशेल्स को 6 आधुनिक एम्बुलेंस देने की भी घोषणा की।
- एम्बुलेंस का उपहार- सेशेल्स सरकार को 6 आधुनिक एंबुलेंस भारत देने जा रहा है। इससे भारत की भरोसेमंद मानवीय साझेदार की छवि मजबूत होगी और जनकल्याण के जरिए लोगों के बीच संबंध मजबूत होंगे।
- 500 मीट्रिक टन चावल की सहायता- भारत ने सेशेल्स की खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 500 मीट्रिक टन चावल की सहायता प्रदान की है। यह मानवीय सहायता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान सौंपी गई।
- 8500 मीट्रिक टन सीमेंट की सहायता- भारत सेशेल्स के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए 8500 मीट्रिक टन सीमेंट दे रहा है। दरअसल इस छोटे से देश की विकास परियोजनाओं से इससे मदद की जा रही है।
- स्मारक लोगो लॉन्च- भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने पर स्मारक लोगो लॉन्च किया है। इससे दोनों देशों के मजबूत होते रिश्ते और लोगों के संबंधों को दिखाता है। दरअसल भारत को हिन्द महासागर में एक अच्छा दोस्त मिला है।
- प्रोफेशनल एवं तकनीकी एजुकेशन सेंटर का वर्चुअल शिलान्यास- पीएम मोदी की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच प्रोफेशनलों के आने-जाने और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए वर्चुअल सेंटर का शिलान्यास किया गया। इससे दोनों देशों के बीच संस्थागत संबंध आगे और विकसित होंगे और लोगों के बीच सद्भाव बढ़ेगा।
- CDRI की सदस्यता- सेशेल्स ने ‘कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर’ (CDRI) का सदस्य बनने का फैसला किया है। यह भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान इस अहम निर्णय की घोषणा की गई। सेशेल्स जैसे छोटे द्वीपों वाले विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक खतरा है। CDRI का मुख्य उद्देश्य ऐसे ही कमजोर क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को मजबूत बनाना है।
- 17.जनऔषधि योजना पर समझौता- भारत और सेशेल्स गणराज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच जनऔषधि योजना (Janaushadhi Scheme) के तहत एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस समझौते पर मेसर्स एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता सेशेल्स में उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती भारतीय जेनेरिक दवाओं और चिकित्सा से जुड़ी सामग्री के निर्यात और उपलब्धता को सुगम बनाएगा। इससे वैश्विक फार्मा क्षेत्र में भारत की भूमिका मजबूत होगी।
- 18.नए राष्ट्रीय अस्पताल की तैयारी – भारत और सेशेल्स के बीच नए राष्ट्रीय अस्पताल के विकास और प्रारंभिक तैयारियों के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह स्वास्थ्य के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्माण की रूपरेखा तैयार करने की दिशा में अहम है। इससे सेशेल्स के नए राष्ट्रीय अस्पताल खोलने के लिए एक बुनियादी ढाँचा तैयार होगा। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा और भारत की भरोसेमंद विकास साझेदार की भूमिका मजबूत होगी।
- 19.कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में समझौता- भारत सरकार और सेशेल्स के बीच कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत 2026-2031 की कार्ययोजना बनाई गई है, जिसका उद्देश्य संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी अध्ययन और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। यह समझौता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और सेशेल्स सरकार के कृषि विभाग के बीच हुआ है।
इन समझौतों से दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। हिंद महासागर में भारत की विश्वसनीय सुरक्षा साझेदार की भूमिका बढ़ेगी। डिजिटल और फिनटेक सहयोग नए स्तर पर पहुँचेगा। अंतरिक्ष, स्वास्थ्य, शिक्षा और ब्लू इकोनॉमी में दीर्घकालिक सहयोग विकसित होगा और 50 वर्षों पुराने भारत-सेशेल्स संबंधों को नई गति मिलेगी।
पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे में दोनों देशों की 50 साल पुरानी दोस्ती का जिक्र किया और इसमें नए आयाम जोड़े। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हिंद महासागर हमारा साझा घर है। इसकी सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि हमारी साझा जिम्मेदारी है। भारत का लक्ष्य हिंद महासागर को ‘Ocean of Opportunity’यानी अवसरों का महासागर बनाना है।
उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स अजनबी नहीं, बल्कि पुराने मित्र हैं और दोनों देशों के बीच विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के बीच गहरे संबंध इस साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत का ‘महासागर’ (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) विजन सेशेल्स के साथ सहयोग का प्रमुख आधार बनेगा।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान ‘Guardian of the Blue Horizon’ भी प्रदान किया गया, जिसे उन्होंने जलवायु परिवर्तन से लड़ रहे सभी देशों को समर्पित किया।


