Friday, April 3, 2026
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PM मोदी ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को लिखा पत्र, भारत आने का दिया न्यौता: क्या हैं कूटनीतिक मायने?

रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय लोकसभा अध्यक्ष की मौजूदगी ने यह संदेश और भी मजबूत कर दिया कि भारत, बांग्लादेश के नए नेतृत्व के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके परिवार को भारत की आधिकारिक यात्रा का निमंत्रण दिया है। यह निमंत्रण प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के माध्यम से सौंपा जो तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में ढाका पहुँचे थे।

बीते मंगलवार (17 फरवरी 2026) को बांग्लादेश के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने शपथ ली। इस अवसर पर भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ढाका पहुँचे और शपथ ग्रहण समारोह के बाद तारिक रहमान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का पत्र उन्हें सौंपा। तारिक रहमान ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की भारी बहुमत जीत के बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है।

PM मोदी ने पत्र में क्या लिखा?

PM मोदी ने तारिक रहमान को बधाई देते हुए पत्र में लिखा, “आपकी जीत इस बात का प्रमाण है कि बांग्लादेश के लोगों ने आप पर भरोसा और विश्वास जताया है और आपके नेतृत्व में देश को शांति, स्थिरता और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए जो जनादेश दिया है। दो करीबी पड़ोसी देशों के रूप में भारत और बांग्लादेश के बीच गहरा संबंध है जो हमारे साझा इतिहास, सांस्कृतिक जुड़ाव और हमारे लोगों की शांति व समृद्धि की आकांक्षाओं पर आधारित है।”

पीएम मोदी ने आगे लिखा, “मैं आपके साथ मिलकर हमारे बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और कनेक्टिविटी, व्यापार, तकनीक, शिक्षा, कौशल विकास, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, साथ ही सांस्कृतिक और जन-संपर्क गतिविधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हमारे साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की आशा करता हूँ। दो तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, भारत और बांग्लादेश वास्तव में एक-दूसरे के सतत विकास के लिए प्रेरक बन सकते हैं, एक-दूसरे की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं और आपसी समृद्धि सुनिश्चित कर सकते हैं।”

उन्होंने उन्हें आमंत्रण देते हुए लिखा, “मैं इस अवसर का उपयोग करते हुए आपको, डॉ. जुबैदा रहमान और आपकी बेटी जैमा के साथ सुविधाजनक समय पर भारत आने का आमंत्रण देता हूँ। भारत में आपका हार्दिक स्वागत होगा।”

पत्र को लेकर क्या है विश्लेषकों का मत?

विश्लेषकों का मानना है कि भारत-बांग्लादेश के बीच मजबूत पारस्परिक संबंधों और क्षेत्रीय सहयोग को ध्यान में रखते हुए यह निमंत्रण दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती प्रदान करेगा। शपथ ग्रहण समारोह में भारत की भागीदारी और प्रधानमंत्री मोदी का संदेश बांग्लादेश में भारत की सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करने वाला माना जा रहा है।

इस पत्र को लेकर राजनयिकों का मानना है कि यह कदम उस बड़े प्रयास का हिस्सा है जिसमें यूनुस की पिछली सरकार के दौरान बिगड़े भारत-बांग्लादेश संबंधों को सुधारा जा रहा है। उस समय दोनों देशों के बीच सहयोग कम हो गया था और बयानबाजी भी काफी तीखी थी, जिससे रिश्तों में खटास साफ दिखी थी। नई दिल्ली को बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हुए हमलों के मामले में उचित प्रतिक्रिया न मिलने और भारतीय सरकार व मीडिया की लगातार की जा रही आलोचनाओं पर चिंता थी।

ऐसे माहौल में, PM मोदी का रहमान को व्यक्तिगत संदेश देना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि पुराने मतभेद भुलाकर अब सीधे राजनीतिक संवाद के जरिए विश्वास फिर से बनाया जा सकता है। शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय लोकसभा अध्यक्ष की मौजूदगी ने यह संदेश और भी मजबूत कर दिया कि भारत, बांग्लादेश के नए नेतृत्व के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार और उत्साहित है।

खालिदा जिया के निधन पर PM मोदी ने भेजा था शोक संदेश

पिछले साल दिसंबर में जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और तारिक रहमान की माँ खालिदा जिया का निधन हुआ तब प्रधानमंत्री मोदी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के जरिए रहमान को शोक पत्र भेजा था। पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा कि उन्हें जून 2015 में ढाका में बेगम साहिबा से हुई मुलाकात और बातचीत की याद बहुत जीवंत है।

उन्होंने लिखा था कि बेगम साहिबा एक मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ निश्चय वाली नेता थीं और वे बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनने का गौरव भी हासिल कर चुकी थीं। उन्होंने न केवल बांग्लादेश के विकास में बल्कि भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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