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ज़ाकिर नाइक जहाँ जाएगा उपद्रव करेगा, कोई भी देश उसे रखना नहीं चाहता, कहाँ भेजूँ: मलेशियाई PM

हाल ही में ज़ाकिर नाइक ने विवादित टिप्पणी करते हुए भारतीयों और चीनियों को मलेशिया छोड़ कर जाने को कहा था। मलेशिया में बड़ी संख्या में भारतीय लोग रहते हैं और वे वहाँ...

मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान ज़ाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर कोई बात नहीं हुई थी। मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकतर देश ज़ाकिर नाइक को रखना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी से मुलाक़ात के दौरान भी ज़ाकिर नाइक को भारत को सौंपे जाने को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई। मलेशिया के पीएम ने ज़ाकिर नाइक के बारे में कहा कि अगर वह भारत जाता है तो वहाँ भी उपद्रव पैदा करेगा।

महातिर मोहम्मद ने कहा कि वह लगातार दुनिया भर में ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहाँ ज़ाकिर नाइक को भेजा जा सके लेकिन कोई भी उसे रखना ही नहीं चाहता। बता दें कि हाल ही में पीएम मोदी जब रूस दौरे पर गए थे, तब उन्होंने ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में मलेशिया के प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की थी। तब विदेश सचिव विजय गोखले ने दावा किया था कि पीएम मोदी ने पीएम महातिर से ज़ाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर बातचीत की।

गोखले के अनुसार, भारत और मलेशिया ने यह निर्णय लिया था कि इस्लामिक उपदेशक ज़ाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के मामले में दोनों ही देशों के अधिकारीगण आपस में संपर्क में रहेंगे। ज़ाकिर नाइक ने 2016 में भारत छोड़ दिया था और उसे मलेशिया में परमानेंट रेजिडेंट का दर्जा दिया गया था। लगभग 61.5% मुस्लिम जनसंख्या वाले मलेशिया में भी ज़ाकिर नाइक का विरोध हो रहा है और ख़ुद पीएम महातिर ने उसके बयानों को लेकर कहा था कि वह हद पार कर रहा है। वहाँ कई नेताओं ने ज़ाकिर नाइक के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है।

हाल ही में ज़ाकिर नाइक ने विवादित टिप्पणी करते हुए भारतीयों और चीनियों को मलेशिया छोड़ कर जाने को कहा था। मलेशिया में बड़ी संख्या में भारतीय लोग रहते हैं और वे वहाँ मजबूत उपस्थिति रखते हैं। भारत में भी ज़ाकिर नाइक पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने से लेकर ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों में संलग्न रहने तक जैसे मामले दर्ज हैं। मलेशिया की वर्तमान सरकार ने सार्वजनिक रूप से उसके बोलने पर पाबन्दी लगाई हुई है।

मलेशिया के गृहमंत्री मुहीद्दीन यासीन ने भी ज़ाकिर नाइक को याद दिलाया था कि वह क़ानून से ऊपर नहीं है। मलेशियाई सरकार ने ऐसे संकेत भी दिए थे कि अगर वह अपने नस्लीय बयान पर क़ायम रहता है तो उसका स्थायी निवासी का दर्जा वापस लिया जा सकता है। भारत में सैकड़ों करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सरकारी जाँच एजेंसियाँ ज़ाकिर नाइक का प्रत्यर्पण कराना चाहती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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