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पन्ने फाड़े, पैरों से रौंदा, फिर लगा दी आग… स्वीडन के बाद नीदरलैंड में भी जली कुरान, मुस्लिम देशों ने जताई नाराजगी

नीदरलैंड में यह घटना संसद भवन के सामने अंजाम दी गई। इस्लाम विरोधी समूह पेगिडा के नेता एडविन वैगन्सफेल्ड ने डेन हैग में पहले कुरान के पन्नों को फाड़ा। फिर पैरों से उसे रौंद कर कुरान में आग लगा दी थी।

नीदरलैंड में कुरान जलाने के मामले पर मुस्लिम मुल्कों ने नाराजगी जताई है। सऊदी अरब और यूएई के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इसकी निंदा की है। कतर, कुवैत, जॉर्डन, मिस्र और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने भी डच सरकार से अपना विरोध दर्ज कराया है। इससे पहले स्वीडन में भी कुरान जलाई गई थी।

नीदरलैंड में यह घटना संसद भवन के सामने अंजाम दी गई। इस्लाम विरोधी समूह पेगिडा (Pegida) के नेता एडविन वैगन्सफेल्ड ने डेन हैग में पहले कुरान के पन्नों को फाड़ा। फिर पैरों से उसे रौंद कर कुरान में आग लगा दी थी। 22 जनवरी 2023 को उन्होंने ट्विटर पर इसका वीडियो भी साझा किया था।

एडविन वैगन्सफेल्ड ने जब इस घटना को अंजाम दिया उस समय कुछ पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद दिख रहे हैं। उनकी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसको लेकर बड़े मुस्लिम देशों के साथ इस्लामिक देशों के संगठन OIC ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कुरान को फाड़ने और उसे जलाने को इस्लामोफोबिया करार दिया है।

वैगन्सफेल्ड का वीडियो वायरल होने के बाद पाकिस्तान के लाहौर में सैकड़ों मुस्लिमों ने मंगलवार (24 जनवरी 2023) को विरोध रैली निकाली। पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग नाम के एक राजनीतिक दल के समर्थकों ने डच नेता के खिलाफ नारेबाजी की। इसी तरह स्वीडन में 21 जनवरी को कुरान जलाने की घटना का विरोध करते हुए कराची में मुस्लिमों ने एक रैली निकाली थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने स्वीडन में कुरान जलाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि इस तरह के कृत्य दुनिया भर के मुस्लिमों की भावनाओं को आहत करते हैं।

गौरतलब है कि 21 जनवरी 2023 को स्टॉहोम में तुर्की दूतावास के सामने स्वीडन की धुर दक्षिणपंथी पार्टी ‘हार्ड लाइन’ के नेता रासमस पलुदान (Hard Line Leader Rasmus Paludan) ने कुरान को सार्वजनिक तौर पर जला दिया था। इस दौरान पलुदान ने इस्लाम और आव्रजन को लेकर एक घंटे तक भाषण भी दिया। लगभग 100 लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए पलुदान ने कहा था, “अगर आपको (मुस्लिमों को) लगता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं होनी चाहिए तो आप रहने के लिए कोई और जगह देखिए।”

स्वीडन में कुरान जलाए जाने के विरोध में यमन, इराक, जॉर्डन और तुर्की सहित कई मिडिल ईस्ट देशों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की खबर सामने आई थी। इसको लेकर तुर्की और यमन में स्वीडिश दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने स्वीडन के राष्ट्रीय ध्वज को जलाया और कुरान जलाने की घटना की कड़ी निंदा की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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