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शंघाई में कोरोना लॉकडाउन से भूखे मर रहे लोग, खाने के लिए जेल जाने को भी तैयार: देखिए चीन के बेबस लोगों का Video

एक वीडियो में लोगों को 'मदद करो, मदद करो हमारे पास खाने के लिए कुछ भी नहीं' है कहते हुए सुना जा सकता है। यहीं नहीं भूख की मार से त्रस्त चीनी नागरिक अब पुलिस के डंडे का खौफ छोड़कर बाहर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

कोरोना के कहर से कराह रहे चीन के शंघाई शहर में हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। शंघाई में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए 5 अप्रैल से कठोर लॉकडाउन लगाया गया है, जिसके कारण शहर के 2.5 करोड़ लोग अपने घरों में कैद है। लेकिन भोजन खत्म होने के बाद अब ये लोग भूखों मरने लगे हैं। ऐसे में अब शंघाई के लोग लॉकडाउन के नियमों को तोड़कर बाहर आ रहे हैं, ताकि अगर वो पकड़े जाएँ तो कम से खाना तो मिलेगा।

इसी क्रम में शंघाई में एक व्यक्ति ने कोरोना के नियमों का केवल इसलिए उल्लंघन किया ताकि वो पुलिस से संपर्क कर सके। उसने पुलिसवालों से कहा कि वो उसे गिरफ्तार कर लें। उसका मानना था कि घर में भूखे मरने की बजाय अगर वो जेल में रहेगा तो उसे वहाँ कुछ खाने को मिल सकता है।

शंघाई में हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लॉकडाउन के बीच लोग अपने घर की बालकनी में आकर चिल्ला-चिल्ला कर मदद माँग रहे हैं। एक अन्य वीडियो में लोगों को ‘मदद करो, मदद करो हमारे पास खाने के लिए कुछ भी नहीं’ है कहते हुए सुना जा सकता है। यहीं नहीं भूख की मार से त्रस्त चीनी नागरिक अब पुलिस के डंडे का खौफ छोड़कर बाहर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति को यह कहते देखा जा सकता है, “मैं भूख से मर रहा हूँ!”

गौरतलब है इससे पहले हमने एक रिपोर्ट में ये बताया था कि खाने की कमी इस समय शंघाई शहर के नागरिकों के लिए सबसे ज्यादा चिंता की बात है। रिपोर्ट बताती हैं कि वहाँ के सुपरमार्केट खाली हो गए हैं, सरकार समय से डिलिवरी नहीं दे रही। इसके अलावा जो लोग खाने तक अपनी पहुँच बना पा रहे हैं उन्हें फूड प्वॉयजनिंग का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसी भी खबरें आई थीं कि लोगों को कुचलने के लिए कुख्यात वामपंथी चीन शंघाई में रोबोटिक कुत्तों और ड्रोन के जरिए लोगों की निगरानी कर रहा है, ताकि लॉकडाउन में वो घर से बाहर न निकल सकें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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