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घर पर दादी को गोली मारी, फिर स्कूल में बच्चों पर बरसाई गोलियाँ: 22 की मौत, टेक्सास के हमलावर ने जन्मदिन पर खरीदी थी AK-47

टेक्सास के रॉब एलिमेंट्री स्कूल में घटित इस घटना में 18 छात्रों समेत 22 लोगों की मौत हो गई। इनके अलावा 13 बच्चे, स्कूल के स्टाफ मेंबर और कुछ पुलिस वाले भी इस फायरिंग में घायल हुए हैं

अमेरिका के टेक्सास राज्य में मंगलवार (24 मई, 2022) को एक स्कूल में 18 साल के युवक ने छात्रों और टीचरों को निशाना बनाते हुए अंधाधुध फायरिंग की । घटना में 18 छात्र समेत 22 लोगों की मौत हो गई। इनमें 3 टीचर्स भी थे। कुल 13 बच्चे, स्कूल के स्टाफ मेंबर और पुलिसवाले भी फायरिंग में घायल हुए। बताया जा रहा है कि युवक ने AK-47 स्कूल में चलाने से पहले इसका प्रयोग घर में किया था और पहले अपने दादी को गोली मार चुका था।

पूरी घटना टेक्सास के युवाल्डे के रॉब एलिमेंट्री स्कूल की है। यहाँ हमलावर ने दूसरी, तीसरी और चौथी क्लास के छात्रों को अपना निशाना बनाया। संदिग्ध युवक की पहचान स्वाडोर रामोस बताई जा रही है। वह हाईस्कूल का छात्र था। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर ने स्कूल में फायरिंग से पहले अपने घर पर अपनी दादी को गोली मारी थी। 

इसके बाद वह एक गाड़ी से बाहर आया और एक वाहन में भी टक्कर मारी। जब पुलिस उसे पकड़ने चली तो वो स्कूल में घुस गयाऔर बिना इधर-उधर देखे क्लास में घुसकर फायरिंग स्टार्ट कर दी। इस दौरान चौथी क्लास की  टीचर इवा मायरलेस ने बच्चों को बचाने का खूब प्रयास किया मगर लेकिन गोली लगने के बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। 

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने घटना पर दुख जताया और कहा, “हमें पूछना होगा कि एक राष्ट्र के रूप में हम कब बंदूक की लॉबी के खिलाफ खड़े होंगे और वो करेंगे जो हमें करना चाहिए। वे माता-पिता अपने बच्चों को कभी नहीं देख पाएँगे। बहुत सारी आत्माएं आज कुचली गई है। यह वक्त है जब हमें इस दर्द को एक्शन में बदलना है।”

बता दें कि इस घटना के बाद खबर आ रही है कि पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में हमलावर को मार गिराया गया है। वहीं अन्य घायल लोग व हमलावर की दादी अस्पताल में भर्ती हैं। टेक्सास के गवर्नर ने कहा है, “हत्यारा 18 साल का है और उसने रायफल से फायरिंग की है। हालांकि, पुलिस के साथ एनकाउंटर में वो भी मारा गया है। हम मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं, जो भी दोषी होगा उसे बख्शेंगे नहीं।” 

उल्लेखनीय है कि अमेरिका के स्कूल में इस तरह छात्रों को निशाना बनाए जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले साल 2012 में भी न्यूटाउन के स्कूल में घुसकर छात्रों के ऊपर फायरिंग की गई थी। हमले में 20 बच्चे समेत 26 लोग मारे गए थे। हमलावर का नाम एडम लांजा था। आज टेक्सास की घटना देखने के बाद जहाँ पूरा अमेरिका सकते में है वहीं कुछ लोग इस घटना को 2012 वाली घटना से जोड़ कर देख रहे हैं। लोगों की चिंता इस दिशा में है कि अमेरिका में पिछले कुछ समय में मास शूटिंग की घटनाएँ तेजी से बढ़ी हैं। सिर्फ 2022 में मास शूटिंग में कम से कम 212 घटनाएँ घटित हुई हैं।

हमलावर को जानने वालों ने उसे ‘शांत’ किस्म का बतयाा और कुछ ने उसे ‘गुस्सैल’ कहा। एक सहकर्मी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर मीडिया को बताया कि वो शख्स लड़कियों से हमेशा अकड़ के बात करता था और एक बार उसने एक कुक को धमकाते हुए कहा था, ‘तुम जानते हो मैं कौन हूँ।’ उसने घटना को अंजाम देने से पहले अपने सोशल मीडिया पर एक लड़की को मैसेज भी भेजे थे, जिसमें लिखा था- ‘मैं तुम्हें सीक्रेट बताना चाहता हूँ।’ हालाँकि लड़की ने तब उसे कोई जवाब नहीं दिया और बाद में इन संदेशों का खुलासा किया। अब हमलावर का अकॉउंट इंस्टा से हटा दिया गया है। उसके इंस्टा पर बंदूकों की तस्वीरें थी। वहीं से ये भी पता चला कि घटना के समय जो  एके-47 उसके हाथ में थी वो उसने अपने जन्मदिन पर खरीदी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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