Wednesday, July 24, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयभोजन और दवाओं के लिए सेक्स वर्कर बनने को मजबूर हुईं श्रीलंका की महिलाएँ,...

भोजन और दवाओं के लिए सेक्स वर्कर बनने को मजबूर हुईं श्रीलंका की महिलाएँ, कई अस्थायी वेश्यालय खुले: पुलिस के साथ सोने पर मिलती है सुरक्षा

जहाँ श्रीलंका की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, वहीं वहाँ पर कई अस्थायी वेश्यालय बना दिए गए हैं, जहाँ 'आयुर्वेदिक स्पा' और मसाज के नाम पर सेक्स बेचने का काम किया जा रहा है।

श्रीलंका में चल रहे विरोध प्रदर्शन के कारण वहाँ के राष्ट्रपति गोटाभाया राजपक्षे देश छोड़ कर भाग खड़े हुए और अपना इस्तीफा दे दिया। डलास अल्लाहपेरुमा के समर्थन में मुख्य विपक्षी नेता सजीत प्रेमदासा ने राष्ट्रपति की उम्मीदवारी से खुद का नाम वापस ले लिया है। राजनीतिक संकट के कारण अस्थिर द्वीपीय देश में जनता का हाल बुरा है। वेश्यावृत्ति चरम पर है, क्योंकि कई महिलाएँ भोजन और दवा सम्बन्धी जरूरतें पूरी करने के लिए सेक्स बेच रही हैं।

जहाँ श्रीलंका की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, वहीं वहाँ पर कई अस्थायी वेश्यालय बना दिए गए हैं, जहाँ ‘आयुर्वेदिक स्पा’ और मसाज के नाम पर सेक्स बेचने का काम किया जा रहा है। खासकर वहाँ की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में सक्रिय महिलाएँ वेश्यावृत्ति का रुख कर रही हैं, ऐसा श्रीलंकाई अख़बार ‘The Morning’ ने पाया है। आर्थिक बर्बादी की सबसे ज्यादा मार टेक्सटाइल सेक्टर पर ही पड़ी है, ऐसे में कइयों की नौकरियाँ चली गईं, कइयों की असुरक्षित हैं और कोई दूसरी नौकरी का विकल्प भी नहीं बचा है।

ऐसी ही एक सेक्स वर्कर ने श्रीलंकाई अख़बार को बताया, “हमें पता चला कि देश में आर्थिक संकट के कारण हम अपनी नौकरी गँवा सकते हैं। इस समय हम इसका एक ही सर्वश्रेष्ठ समाधान देख पा रहे हैं और वो है सेक्स वर्क। हमारा मासिक वेतन 28,000 श्रीलंकाई रुपए (6233 भारतीय रुपए) है, और हम 35,000 (7792 भारतीय रुपए) तक कमा लेती थीं। लेकिन, सेक्स वाले काम से हम प्रतिदिन 15,000 (3339 भारतीय रुपए) कमा ले रही हैं।”

उक्त महिला ने कहा कि कई लोग भले उससे सहमत न हों, लेकिन सच्चाई यही है। भारत और बांग्लादेश द्वारा श्रीलंकाई कपड़ों की खरीददारी में 10-20% की गिरावट आई है, जिसके लिए वहाँ की संस्था ने राजनीतिक संकट के कारण खरीददारों के विश्वास में गिरावट आने को कारण बताया है। श्रीलंका की कई महिलाएँ राजधानी कोलम्बो का रुख कर रही हैं और जनवरी से लेकर अब तक वेश्यावृत्ति में 30% महिलाओं की बढ़ोतरी हुई है।

इन महिलाओं में से अधिकतर को अपने बच्चों का पालन-पोषण करना है और अपने माता-पिता की देखरेख करनी है। कइयों पर अपने भाई-बहनों की भी जिम्मेदारी है। इसीलिए, जल्दी अधिक रुपए के लिए वो सेक्स वर्क का रुख कर रही हैं। महँगाई आसमान छू रही है और लोगों को वेतन नहीं मिल रहे हैं। ईंधन, भोजन और दवाओं की भारी कमी है। कहा जा रहा है कि कोलम्बो के इंडस्ट्रियल क्षेत्रों के आसपास ये वेश्यालय फल-फूल रहे हैं।

इन महिलाओं को पुलिस के साथ सोना होता है, बदले में उन्हें और उनके काम को सुरक्षा मिलती है। ये ये महिलाएँ कृषि का रुख करने से भी हिचक रही हैं, क्योंकि फसलों के उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले 50% की भारी कमी आई है। मई 2021 में राजपक्षे सरकार ने केमिकल फर्टिलाइजर्स पर बैन लगा दिया था। इनके साथ सोने के लिए माफिया से लेकर कई अमीर लोग पहुँचते हैं। इनमें से कई क्लाइंट्स के हाथों इन्हें प्रताड़ना और हिंसा का भी सामना करना पड़ता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एंजेल टैक्स’ खत्म होने का श्रेय लूट रहे P चिदंबरम, भूल गए कौन लेकर आया था: जानिए क्या है ये, कैसे 1.27 लाख StartUps...

P चिदंबरम ने इसके खत्म होने का श्रेय तो ले लिया, लेकिन वो इस दौरान ये बताना भूल गए कि आखिर ये 'एंजेल टैक्स' लेकर कौन आया था। चलिए 12 साल पीछे।

पत्रकार प्रदीप भंडारी बने BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता: ‘जन की बात’ के जरिए दिखा चुके हैं राजनीतिक समझ, रिपोर्टिंग से हिला दी थी उद्धव...

उन्होंने कर्नाटक स्थित 'मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (MIT) से इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशंस में इंजीनियरिंग कर रखा है। स्कूल में पढ़ाया भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -