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ईशनिंदा का आरोप लगा ज़िंदा जलाने के मामले में 6 को मौत की सज़ा, 9 को उम्रकैद, 73 अन्य को भी जेल: Pak में हुई थी मॉब लिंचिंग

बाकी के 72 हत्यारों को भी 2-2 वर्ष की जेल हुई है। एक अन्य को पाँच साल की कैद हुई, जबकि एक को बरी कर दिया गया।

श्रीलंकाई नागरिक प्रियंथा कुमारा की मॉब लिचिंग (Priyantha Kumara Lynching case) और जिंदा जलाकर उनकी हत्या करने के मामले में पाकिस्तान (Pakistan) की आतंकवाद रोधी अदालत (ATC) ने सोमवार (18 अप्रैल 2022) को 89 आरोपितों को दोषी करार देते हुए 6 को मौत की सजा (Death sentence) सुनाई और 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी। बाकी के 72 हत्यारों को भी 2-2 वर्ष की जेल हुई है। एक अन्य को पाँच साल की कैद हुई, जबकि एक को बरी कर दिया गया।

इसकी जानकारी खुद पंजाब अभियोजन विभाग के सचिव नदीम सरवर ने लाहौर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। इस मामले में मृतक प्रियंथा के कानूनी वारिसों को दो लाख रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया गया है। वहीं उम्रकैद की सजा पाने वाले दोषियों पर कोर्ट ने दो-दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। उल्लेखनीय है कि मामले की सुनवाई ATC अदालत की जस्टिस नताशा नसीम ने की।

सरवर के मुताबिक, अभियोजन पक्ष ने सभी आरोपितों के खिलाफ अपराध को साबित करने के लिए कोर्ट में 43 गवाहों को पेश किया गया। इसके अलावा मामले में गवाहों की गवाही को फास्ट ट्रैक तरीके से एक महीने में पूरा किया गया। कोर्ट ने आरोपितों अपना बचाव करने के लिए भी समय दिया। 12 मार्च 2022 को मामले में आरोप तय किए गए। बाद में सोमवार (18 अप्रैल) को आतंकवाद निरोधी अदालत ने 88 दोषियों को सजा सुनाई।

कब हुई थी ये वारदात

गौरतलब है कि ये घटना पिछले साल 3 दिसंबर 2021 की है। श्रीलंकाई मूल के प्रियंथा कुमारा पाकिस्तान के सियालकोट स्थित एक फैक्ट्री में जनरल मैनेजर थे। अपने काम के प्रति काफी ईमानदार प्रियंथा के कड़क स्वभाव के कारण कंपनी के कर्मचारी पहले से ही उनसे नाराज थे। उन पर ईशनिंदा का आरोप लगाते हुए कट्टरपंथी मुस्लिमों ने उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

हत्या से पहले उन्हें काफी प्रताड़ित किया गया था। उनके शरीर की हड्डियों को तोड़ दिया गया था। मामले में पाकिस्तान पीनल कोड (PPC) की धारा 302, 297, 201, 427, 431, 157, 149 और एंटी-पाक विरोधी धारा 7 व 11 के तहत 900 आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

मामले में आरोपितों ने एक वीडियो जारी कर कहा था, “हमने अपने साथियों से कहा कि ये गलत हुआ है। हमने अपने मैनेजमेंट से बात की। हम सब मिल कर इकट्ठे हुए और उस पर तेल डाल कर जला दिया। जो भी ऐसा करेगा, हमारे रसूल के नाम पर तो जान भी कुर्बान है। हमारे हदीस में लिखा है कि जो भी नबियों की शान में गुस्ताखी करेगा, उसका सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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