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‘नाचती चीयरलीडर्स, बिना सिर ढकी युवतियाँ’: तालिबान ने IPL दिखाए जाने पर लगाया बैन, बताया गैर-इस्लामी

अफगानिस्तान में तालिबान के प्रसारण पर रोक लगाने से राशिद खान और मोहम्मद नबी काफी दुखी हैं, क्योंकि उनके फैंस उनका मैच नहीं देख पाएँगे।

आईपीएल 2021 फेज टू की शुरुआत यूएई में मुंबई और चेन्नई के बीच रोमांचक मुकाबले के साथ हो गई है। स्टेडियम में दर्शकों की मौजूदगी में चेन्नई ने पहले मुकाबले में मुंबई को 20 रन से हराया। इस समय दुनिया भर में आईपीएल का लुत्फ उठाया जा रहा है, लेकिन अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने आईपीएल को ‘इस्लाम विरोधी सामग्री’ बताते हुए इसके प्रसारण पर प्रतिबंध लगा दिया है। यहाँ आईपीएल का प्रसारण नहीं किया जाएगा। अफगानिस्तान के लोग अपने चहेते क्रिकेटरों को चौका-छक्का लगाते हुए नहीं देख पाएँगे।

तालिबान का मानना है कि आईपीएल में गैर इस्लामिक चीजें मौजूद है जिस वजह से उन्होंने यह फैसला किया है। मैच के दौरान नाचती चीयर लीडर्स के अलावा स्टेडियम में बिना सिर ढके औरतों की मौजूदगी को वह गैर इस्लामिक मानते हैं और नहीं चाहते हैं कि अफगानिस्तान में इससे कोई गलत संदेश जाए। अफगानिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने लिखा कि अफगानिस्तान के नेशनल टीवी और रेडियो पर आईपीएल के मैचों का प्रसारण नहीं होगा।

आईपीएल में खेलेंगे अफगानिस्तान के स्टार

आईपीएल में अफगानिस्तान के खिलाड़ी भी हिस्सा लेते हैं जिसमें राशिद खान और मोहम्मद नबी जैसे स्टार भी शामिल है। तलिबान के कब्जे के समय दोनों ही देश से बाहर थे। जिस समय अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के समय हिंसा को लेकर राशिद खान के कई ट्वीट कर विश्व समुदाय से मदद की गुहार लगाई थी। उस समय राशिद और नबी इंग्लैंड दौरे पर थे।

वहीं काबुल पर तालिबानी कब्जे से कुछ दिन पहले अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व राष्ट्रीय कप्तान मोहम्मद नबी ने दुनिया के नेताओं से अफगानिस्तान को अराजकता से बचाने की अपील की थी। दरअसल, अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी ने वर्ष 1996-2000 के वक्त ताजा कर दिया दिया है, जब उसने कट्टर इस्लामिक कानूनों को लागू किया था।

फिलहाल दोनों ही खिलाड़ी यूएई में है। राशिद इस दौरान फैंस से लगातार उनके देश के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। हालाँकि, अफगानिस्तान में तालिबान के प्रसारण पर रोक लगाने से राशिद खान और मोहम्मद नबी काफी दुखी हैं, क्योंकि उनके फैंस उनका मैच नहीं देख पाएँगे।

बता दें कि तालिबान ने साफ किया है कि उन्हें पुरुषों के क्रिकेट खेलने से कोई परेशानी नहीं है। पहले भी उनके रहते देश के खिलाड़ी क्रिकेट खेलते थे और अब भी यह जारी रहेगा। हालाँकि महिला क्रिकेट को लेकर उन्होंने अब तक स्थिति साफ नहीं की है। तालिबान पहले ही  मनोरंजन के अधिकांश रूपों पर प्रतिबंध लगा चुका है। इसमें कई खेल भी शामिल है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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