उस्मान खान ने किया लंदन ब्रिज पर हमला, कश्मीर में आतंकी ट्रेनिंग के लिए जुटा रहा था पैसे

"आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, कश्मीर में आतंकवादी प्रशिक्षण सुविधा स्थापित करने का दोषी है उस्मान खान। यह आतंकी है और लंबे समय के लिए खतरनाक है। आगे चलकर बड़ा खतरा बन सकता है।"

ब्रिटेन के मशहूर लंदन ब्रिज के पास शुक्रवार (नवंबर 29, 2019) को हुई आतंकी घटना में 2 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस हमले के संदिग्ध आतंकी को मौके पर ही गोली मारकर ढेर कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कॉटलैंड यार्ड ने फर्जी विस्फोटक जैकेट पहने एक संदिग्ध को घटनास्थल पर मार गिराने की पुष्टि कल रात (शुक्रवार, 29 नवंबर) को ही कर दी थी। अब पुलिस ने इस मामले से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। बताया जा रहा है कि संदिग्ध आतंकी का नाम उस्मान खान था, जो इससे पहले भी आतंकी गतिविधियों का दोषी पाया गया था।

द गार्डियन के मुताबिक उस्मान खान आतंकवाद संबंधी अपराध के लिए 8 साल जेल में बिताने के बाद दिसंबर 2018 में लाइसेंस (पैरोल) पर रिहा हुआ था। 2012 में उसे आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और योजना बनाने तथा कश्मीर में एक आतंकवादी सैन्य प्रशिक्षण सुविधा स्थापित करने और अन्य युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए धन जुटाने सहित कई अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था। तब न्यायाधीश ने उस्मान खान की योजनाओं को गंभीर आतंकवाद और लंबे समय के लिए खतरनाक करार दिया था। साथ ही पुलिस को चेतावनी दी थी कि आगे चलकर वह जनता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

उस्मान खान के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर फरवरी 2012 में आठ साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। बता दें कि खान लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर बमबारी करने की योजना बना रहा था और साथ ही उसका परिवार पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर में जमीन पर एक आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर बनाने की साजिश रच रहा था।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उस्मान खान पाकिस्तान मूल का था और पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर में एक आतंकवादी कैंप स्थापित करना चाहता था और कश्मीर में लड़ने के लिए ब्रिटेन में भर्ती होना चाहता था। उसके इस्लामिक आतंकी ग्रुप के साथ लिंक थे।

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शरजील इमाम
शरजील इमाम वामपंथियों के प्रोपेगंडा पोर्टल 'द वायर' में कॉलम भी लिखता है। प्रोपेगंडा पोर्टल न्यूजलॉन्ड्री के शरजील उस्मानी ने इमाम का समर्थन किया है। जेएनयू छात्र संघ की काउंसलर आफरीन फातिमा ने भी इमाम का समर्थन करते हुए लिखा कि सरकार उससे डर गई है।

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